न स्कूल गई, न ट्यूशन ली, जिले में पाया दूसर मुकाम

बस ड्राईवर की बेटी का बनना चाहती है कि कलेक्टर

By: anil rawat

Updated: 29 Jul 2020, 12:10 PM IST

टीकमगढ़. कला संकाय से जिले में दूसरा स्थाना प्राप्त करने वाली अंजना जोधी ने सारी पढ़ाई खुद से पूरी की है। न तो वह स्कूल गई और न ही ट्यूशन की। केवल किताबों के सहारे खुद तैयारी की। अब अंजना कलेक्टर बनना चाहती है। उसके पिता बस ड्राईवर है और लॉकडाउन के बाद से पूरा परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है।


जतारा के वार्ड क्रमांक 4 में रहने वाले अंजना जोशी ने इस बार स्वध्यायी छात्र के रूप में 12वीं की परीक्षा दी थी। इस वर्ष अंजना केवल दो बार स्कूल गई थी, एक बार परीक्षा फार्म भरने के लिए तो दूसरी बार प्रवेश पत्र लेने के लिए। इसके अलावा वह स्कूल नहीं की। कला संकाय से उसने पूरी तैयार स्वयं से की। घर के कामों में मां का हाथ बंटाने के साथ ही अंजना किताबों से जूझती रही। खुद पड़ा, प्रश्र पड़े और उनके खुद से उत्तर निकाले।

 

आज उसकी मेहनत को पूरा जिला देख रहा है। कला संकाय में 500 में से 454 अंक अर्जित कर अंजना ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंजना बताती है कि अंगे्रजी में थोड़ी समस्या आने पर उन्होंने कोचिंग पढ़ाने वाले मोहित श्रीवास्तव सर से मदद ली थी। इसके अलावा सारे विषय खुद ही तैयार किए थे। अंजना अब प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती है।

पैसा होता तो अच्छी कोचिंग कराता
अंजना की इस सफलता से माता-पिता दोनों खुश है। पेशे से ड्राईवर अंजना के पिता राजेश उसकी खुशी से फूले नहीं समाते है, लेकिन मन में एक बोझ है कि यदि उनके पास पैसा होता तो वह अपनी बेटी को यूपीएससी की तैयारी कराने के लिए जरूरी अच्छी कोङ्क्षचग कराते। लॉकडाउन के बाद से बसें बंद होने के कारण इस समय राजेश आर्थिक तंगी से गुजर रहे है। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते वह तो नहीं पढ़ सके, लेकिन बेटी की सफलता उनके सपनों को पूरा कर रही है।

anil rawat Reporting
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