Video: आदिकुमार के जन्म की मनाई खुशियां, गाजे-बाजे के साथ निकाला जुलूस

जन्मकल्याणक की क्रियाएं पंचकल्याणक महोत्सव आयोजन स्थल ढोंगा मैदान में बनी अयोध्या नगरी में हुईं। सुबह की बेला में तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ।

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Published: 26 Jan 2018, 03:35 PM IST

टीकमगढ़. पंच कल्याणक महोत्सव के चौथे दिन गुरुवार को तीर्थंकर आदिकुमार का जन्म कल्याणक मनाया गया। जन्मकल्याणक की क्रियाएं पंचकल्याणक महोत्सव आयोजन स्थल ढोंगा मैदान में बनी अयोध्या नगरी में हुईं। सुबह की बेला में तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ।
अयोध्या के महाराजा नाभिराय और महारानी मरूदेवी के यहां जैसे ही आदिकुमार का जन्म हुआ वैसे ही अयोध्या नगर की जनता में खुशियां छा गई।पाण्डाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु भगवान के जयकारे करने लगे तथा नाच-गाकर एक-दूसरे को बधाइयां देने लगे।महिलाओं ने बधाई गीत पर नृत्य कर सभी का मन मोह लिया।
सुबह आचार्यश्रीविद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री समय सागर महाराज प्रवचन में कहा कि भगवान होने वाली आत्मा का जब सांसारिक जन्म होता है तो देव भवनों व स्वर्गों आदि में स्वयं घंटे बजने लगते हैं और इंद्रों के आसन कम्पायमान हो जाते हैं। यह सूचना होती है इस घटना की कि भगवान का सांसारिक अवतरण हो गया है। सभी इंद्र व देव भगवान का जन्मोत्सव मनाने पृथ्वी पर आते हैं। पांडुक वन में सुमेरू पर्वत पर क्षीरसागर से लाए 1008 कलशों से उनका जन्माभिषेक होता है।

 

पालना में झूले तीर्थंकर
सुबर 11:30 बजे पंचकल्याणक महोत्सव में तीर्थंकर बालक को ऐरावत हाथी पर विराजमान कर गाजे-बाजे के साथ नाचते-गाते जुलूस के साथ पाण्डुकशिला तक लाया गया। यहां तीर्थंकर बालक का 1008 कलशों से जन्म-अभिषेक मंत्रोचार के साथ पंचकल्याणक महोत्सव के प्रमुख पात्रों ने किया। जैसे ही तीर्थंकर बालक का 1008 कलशों से अभिषेक प्रारंभ हुआ तो समूचा गगन श्रीजी के जय जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद राज दरबार में बधाईंयां हुईं। रात में तीर्थंकर बालक का पलना, बालक्रिड़ाएं हुई।हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने तीर्थंकर बालक को पलना में झुला कर धर्म लाभ लिया। तीर्थंकर बालक ने अपने मित्रों के साथ विभिन्न खेल खेले जिसका आनंद मौजूद दर्शकों ने उठाया।
निेकला जूलूस
इससे पहले जन्म कल्याणक का भव्य जुलूस ढोंगा मैदान से प्रारंभ हुआ जिसमें हाथी, बग्घियां, बैण्डबाजे, डीजे, दिव्य घोष, महिला रेजीमेंट शामिल थे।शहर के मुख्य मार्गों से होकर जन्मकल्याणक का जुलूस गाजे-बाजे के साथ निकाला गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे । मानस मंच पर पाण्डुक शिला का पूजन किया गया।

जुलूस के दौरान एम्बुलेंस के लिए दी जगह
जुलूस के दौरान शामिल लोगों ने एम्बुलेंस के लिए रास्ता देकर सहृदयता का परिचय दिया।कोतवाली से सैलसागर के बीच जुलूस के दौरान एक एम्बुलेंस पहुंचा। इस पर जुलूस में शामिल श्रावकों ने एम्बुलेंस को आगे निकलने के लिए जगह दी।

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