वन विभाग द्वारा अतिक्रमण के विरुद्ध की गई बड़ी कार्रवाई

नगर के वार्ड नंबर 5 में वन विभाग के क्षेत्र में रातोंं रात अतिक्रमण कर दो मकान बनाए जा रहे थे।

By: akhilesh lodhi

Published: 10 Sep 2020, 12:00 AM IST


टीकमगढ़/निवाडी.नगर के वार्ड नंबर 5 में वन विभाग के क्षेत्र में रातोंं रात अतिक्रमण कर दो मकान बनाए जा रहे थे। जिनकी सूचना मिलते ही वन विभाग ने पूरे अमले के साथ मौके पर जाकर अतिक्रमण को बेदखल किया। अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग के साथ पुलिस बल महिला एसपी के साथ मौके पर मौजूद रहा। वनमण्डल अधिकारी टीकमगढ़ एपीएस सेंगर एवं उपवन मण्डल अधिकारी निवाडी डीके मिश्रा के निर्देशन में अतिक्रमण हटाने की बडी कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी मोहम्मद ओबदुल्लाह के नेतृत्व में की गई।
वार्ड 5 में वन विभाग के क्षेत्र में आदिवासी एवं हरिजन परिवारों द्वारा दो मकान वन क्षेत्र में बनाए जा रहे थे। जिनको रातों-रात बनाकर लोहे की सीटें डालकर निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया था। जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रेंजर मोहम्मद औबदुल्लाह के मार्गदर्शन में एवं डिप्टी रेंजर ओम प्रकास पाठक, यूसुफ खान, रमाशंकर पटैरिया 15 से 20 आरक्षक एक साथ लेकर मौके पर पहुंची।उनके साथ सुरक्षा श्रमिक की भी मौजूद थे।
एक घंटे तक चली कार्रवाई
वन विभाग की पुलिस बल की उपस्थिति में अतिक्रमण को दोपहर 2. 30 बजे से 3. 30 बजे तक हटाने का कार्य किया। वन विभाग द्वारा सख्ती से की गई। कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। क्योंकि वार्ड 5 का अधिकतम हिस्सा अतिक्रमण कारियों द्वारा कई वर्षों से पक्के मकान और बाउंड्री वाल बनाकर अपना कब्जा किए हुए हैं। उन्हें मकानों में निवासरत है। इसमें अधिकतम हिस्सा राजस्व की भूमिका है। राजस्व की भूमि में अतिक्रमण करने के बाद अब लोग वन विभाग की जमीनों पर अतिक्रमण करने का मन बना चुके हैं। थोड़ी सी ढील मिलने पर ही रातों-रात मकान तैयार हो जाते हैं। लेकिन वन विभाग की सक्रियता के कारण इस समय अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त पड़े हुए हैं। लेकिन फि र भी लोग अभी भी मौका पाकर 24 घंटे में मकान बनाकर अतिक्रमण करने की क्षमता रख रहे हैं।
अनुमति लेकर मकानों की हुई थी रजिस्ट्रीयां
वार्ड 5 शुरू से ही अतिक्रमण की चपेट में रहा है। इस मोहल्ले में रह रहे आदिवासियों द्वारा परंपरागत तरीके से अपने घरों का निर्माण करने के बाद कुछ वर्षों बाद ही उनको स्टाम्प पर लिखकर विक्रय कर दिया जाता रहा। उसी विक्रय के आधार पर बड़े-बड़े मकान बनाकर लोग ऐसे घरों में रह रहे है। इसके अलावा भी अतिक्रमणकारियों द्वारा दूसरा तरीका भी अपनाया गया है। जिसके आधार पर इन आदिवासियों के मकानों को नगर पालिका में दर्ज करा कर उनकी बेचने की अनुमति लेकर इन मकानों की रजिस्ट्रीयां की गई।


बचाया जा सकता है अतिक्रमण
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया गया कि मुखबिर की सूचना पर वन भूमि सिद्धटोरिया के क्षेत्र में हरकू आदिवासी पुत्र हददू उर्फ हरदयाल आदिवासी द्वारा दो मकान बनाए जा रहे थे। जिनको वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर अतिक्रमण को हटा दिया। जिससे क्षेत्र भर में अतिक्रमण कारियों में हडकम्प मचा हुआ है। इस दौरान बीएल अहिरवार वन पाल, वन रक्षक राजेश नवदया, मानसिंह राठौर, प्रीतम शर्मा, स्वामी प्रसाद अहिरवार, सौरभ गुप्ता, राघवेन्द्र तिवारी, कल्लू मिश्रा, राम सिंह यादव, जामना आदिवासी, सुरक्षा श्रमिक मौजूद रहे।
डीएफओ ने किया निरीक्षण
निवाडी जिला बनने के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्र की जमीनों को सुरक्षित करने के लिए उनका समय समय पर निरीक्षण करना शुरू कर दिया गया था। इसी तारतम्य में वन मण्डल अधिकारी एपीएस सेंगर ने कुलुआ निवाडी के भाटा क्षेत्र के जंगल का निरीक्षण किया। जहां इस समय अतिक्रमण की सम्भावनाएं बढ़ रही है।

akhilesh lodhi Reporting
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