पति और तीन बच्चों को छोड़ प्रेमी के साथ बसाया घर

दिल्ली गई थी मजदूरी करने, ले आई प्रेम का रोग. तहसील में जुड़ी रही पंचायत, दिन भर चला ड्रामा

टीकमगढ़/जतारा. जिन बच्चों का भरण-पोषण कर उन्हें एक अच्छी जिंदगी देने जो महिला अपने पति के साथ दिल्ली गई थी, उसे वहां प्रेम का रंग चढ़ा कि वह अपने बच्चों को ही भूल गई। गुरूवार को तहसील पहुंच कर उसने अपने पति से तलाक ले लिया और प्रेमी के साथ चली गई। उसके तीन बच्चें उसे घर पर चलने की मिन्नतें करते रहे लेकिन महिला ने एक न सुनी।


ग्राम पंचायत चंदेरा में निवास करने वाला राजकुमार कुशवाहा अपने परिवार के भरण-पोषण करने के लिए मजदूरी करने दिल्ली गया था। अपनी दो बेटियों एवं एक बेटे का भविष्य सुधारने के लिए वह अपनी पत्नी को भी मजदूरी करने साथ ले गया था। वहीं दिल्ली में ही उसका रिश्तेदार बछौड़ा निवासी देशपत कुशवाहा भी मजदूरी करता था। रिश्तेदार होने के कारण इन लोगों का साथ में रहना और मजदूरी करना शुरू हो गया। इस बीच राजकुमार की पत्नी और देशपत की नजदीकियां बढऩे लगी और दोनों में प्यार हो गया। यह प्यार ऐसा चढ़ा कि महिला ने अपने पूरे परिवार को छोड़ दिया और दिल्ली से देशपत के साथ उसके गांव बछौड़ा पहुंच गई।

 

जुड़ी पंचायत: जब देशपत को इसकी जानकारी हुई तो वह अपनी पत्नी को लेकर बछौड़ा पहुंचा, लेकिन यहां पर पत्नी से साथ जाने से मना कर दिया और देशपत केसाथ ही अपना जीवन गुजारने की बात कहीं। वहीं गुरूवार को महिला तलाक के लिए सीधे तहसील कार्यालय पहुंच गई। यहां पर राजकुमार अपने तीनों बच्चों के साथ पहुंचा। साथ ही यहां भी समाज के लोग जुड़े और महिला को समझाने का प्रयास किया।

वहीं उसके बच्चें भी रोकर मां से साथ घर चलने की गुहार लगाते रहे। लेकिन प्रेम में पागल इस महिला ने न तो अपने बच्चों का मुंह देखा और न ही समाज की सुनी। हार कर समाज ने भी महिला से अपने मन का करने की बात कहीं। पंचायत की समझाईश के बाद भी महिला के न मानने पर राजकुमार ने भी अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। इन दोनों के बीच नोटरी पर यह तलाकनामा बनाया गया है। तहसील में जुड़ी इस पंचायत को देख भारी भीड़ जुड़ी रही।

anil rawat Reporting
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