शहर की कॉलोनियों और गांव में भरा गंदा पानी

बारिश शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं विभिन्न कॉलोनियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गंदा पानी भरा हुआ है।

By: akhilesh lodhi

Published: 30 Jun 2020, 05:00 AM IST



टीकमगढ़.बारिश शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं विभिन्न कॉलोनियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गंदा पानी भरा हुआ है। जिसके कारण इस सत्र में ४ मलेरिया से पीडि़त मरीज मिले है। हालांकि वह स्वस्थ्य हो गए है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों द्वारा दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। मलेरिया अधिकारी का कहना था कि दो फॉगिंग मशीन है। जिसमें खराब निवाड़ी को दे दी गई और सही टीकमगढ़ में रखी हुई है। लेकिन उससे भी छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही स्पेशल फ ीवर स्क्रीनिंग कैम्पेन किल कोरोना अभियान की शुरूआत आत कल से की जाएगी।
जिला सहित सभी नगरपरिषदों में गंदे पानी के ठहराव को नहीं रोका जा रहा है। इसके साथ ही नगरपालिका और मलेरिया विभाग द्वारा उस गंदे पानी से पनपने वाले हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करने के लिए दवा का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। दोनों विभाग कभी मशीन खराब होने का बहाना बना देते है तो कभी कर्मचारी नहीं होने की बात की जाती है। अब उनके द्वारा कोरोना काल में ड्यूटी निभाने की बात की जा रही है। जिसके कारण उन मच्छरों का शिकार स्थानी लोगों को होना पड़ रहा है। मलेरिया अधिकारी अल्पेश कुमार का कहना था कि एपीआई संस्था द्वारा मच्छर वाले स्थानों को चिन्हित करेगा। उसके बाद विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
नगर में इन स्थानों पर समस्या
नगर में जगह-जगह भरे बरसाती पानी पर फिलहाल किसी का ध्यान नहीं है। नगर की अनेक कालोनियों के खाली पड़े प्लॉटों पर बहुतायत मात्रा में पानी भरा हुआ है। पानी भरने की यह समस्या केवल एक-दो स्थानों की नहीं बल्कि शहर में अनेक स्थानों की है। इस पानी की सबसे मुख्य वजह खाली पड़े प्लॉट है। शहर के कई मोहल्लों एवं कालोनियों में अधिकांश जगह मकान बन चुके है। लेकिन कुछ लोगों ने अपने प्लॉट खाली छोड़ रखे है। यह पानी कई दिनों तक जमा बना रहता है। इससे इसमें मच्छरों के पैदा होने को अनुकूल वातावरण मिलता है। सुभाषपुरम्, कौशलपुरी कालोनी, शिवशक्ति कालोनी, मोटे का मोहल्ला, ईदगाह के पीछे, मऊचुंगी की चित्रांश कालोनी, रजा कालोनी, सिविल लाईन में गोल क्वाटर के पीछे, नदेश्वर कॉलेनी, शिवनगर कालोनी में अनेक स्थानों पर यह समस्या बनी हुई है। यहां पर बारिश का यह पानी बारिश के दौरान चार माह तक भरा रहता है।


रोज बदले पानी
डॉ. पीएल विश्वकर्मा का कहना था कि लार्वा मिलने का मुख्य कारण जमा किया हुआ पानी होता है। कई बार नल तीन से चार दिन में आने पर लोग अपने घरों पर पानी का संग्रहण कर लेते है। संग्रहित पानी में यह लार्वा पैदा होता है। उन्होंने लोगों ने अपने घरों में पानी जमा न करने तथा पीने का पानी भी प्रतिदिन बदलने की बात कहीं है। इसके साथ ही बारिश के दौरान जमा हुए पानी में मलेरिया,चिकनगुनिया के जीवाणु पनपते है ।
एक जुलाई से 15 जुलाई 2020 तक चलाया जाएगा अभियान
कोविड-19 माहामारी के तहत जिले में स्पेशल फ ीवर स्क्रीनिंग किल कोरोना सर्वे कार्य का अभियान १ से १५ जुलाई तक किया जाएगा। अभियान में पर्याप्त दल गठित किए जाए। घर-घर जाकर सर्वे कार्य हो किया जाएगा। कोविड-19 महामारी को नियंत्रण एवं बीमारी की ट्रॉसमिशन चेन को तोडऩे के लिए स्पेशल फ ीवर कैम्पेन किल कोरोना अभियान चलाया जाएगा।
इनका कहना
प्रदेश सरकार द्वारा मच्छर प्रकोप वाले स्थानों को चिन्हित करेगी। उसके बाद छिड़काव किया जाएगा। किल कोरोना अभियान १ जुलाई से शुरू होगा। उस अभियान में सभी प्रकार के रोगियों का उपचार किया जाएगा।
डॉ. एमके प्रजापति सीएमएचओ टीकमगढ़।

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