बारिश न होने से तालाबों में नहीं पहुंचा पानी, हरपुरा नहर चालू कराने ग्रामीणों ने की मांग

सावन के अंत तक बारिश न होने से तालाबों में पानी नहीं पहुंचा है। जिसके कारण वह खाली पड़े हुए है।

By: akhilesh lodhi

Published: 01 Aug 2020, 06:00 AM IST


टीकमगढ़.सावन के अंत तक बारिश न होने से तालाबों में पानी नहीं पहुंचा है। जिसके कारण वह खाली पड़े हुए है। किसानों ने हरपुरा जामनी नदी की नहर को चालू कराने के लिए प्रशासन से मांग की है। लेकिन नदी में पानी का लेवल नहीं होने क ारण नहरों से पानी नहीं आ पा रहा है। जहां किसानों को रबी फसल के लिए चिंता होने लगी है।
वर्ष २०१२ में तालाब जोड़ों अभियान के तहत जामनी नदी से हरपुरा नहर का निर्माण किया गया था। इस नहर से उन तालाबों को जोड़ा गया था जिनका रकबा बहुत ही ज्यादा था। कभी न बोई जाने वाली भूमि की सिंचाई के लिए तालाबों को भरा जाने लगा। इस वर्ष सावन माह पूरा निकलने वाला है। लेकिन बारिश नहीं हुई है। जिसके कारण हरपुरा नहर से जुड़ेे तालाब खाली हो गए है। तालाब खाली होने के कारण किसानों की चिंता रबी फसल को लेकर होने लगी है।
१२ तलाबों को भरने लिया गया था निर्णय
हरपुरा से मोहनगढ़ तक १२ तालाबों को भरने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत सभी तालाबों को भरा जाने लगा। लेकिन कुछ वर्ष बाद दो तालाबों को छोड़ दिया गया। उसमें बड़े तालाब मोहनगढ़, अर्चरा, बृषभानपुरा, कुम्हैड़ी, नंदनवारा, जगतनगर एक और जगतनगर दो के अन्य तालाबों को भरा जाने लगा। इस नहर से नई नहर नहीं होने के कारण हनुमानसागर, दरगांय कलां तालाब में पानी नहीं पहुंच पाया। जिसके कारण इस तालाब को गिनती से दूर कर दिया गया।
किसानों की बढ़ी चिंता
दरगांय खुर्द राजू यादव, धर्मदास लोधी, सिराराम लोधी प्रताप लोधी, बरेठी चंद्रभान दांगी, भानसिंह दांगी, लखन केवट, बंधा राधेश्याम केवट, नंदनवारा भानसिंह ठाकुर, विदारी सेवाराम यादव ने बताया कि तालाबों के पानी के सहारे ही रबी फसल की सिंचाई की जाती है। लेकिन इस वर्ष पानी को लेकर तालाबों की हालात खराब पड़ी हुई है। तालाबों को भरने के लिए किसानों ने प्रशासन से मांग की है।

नहर की आधी हुई साफ-सफाई
हरपुरा नहर की साफ-सफाई की जा रही है। विभाग द्वारा आधी नहरों को साफ किया गया है। इसके साथ ही बौरी और चरपुवां के पास नहर अंदर से टूटी है। इसके साथ ही खेरा के साथ अन्य स्थानों पर नहर कमजोर है। जिस पर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इनका कहना
नहरों की साफ-सफाई आधी हो गई है। तालाबों को भरने के लिए जामनी नदी में पानी का लेवल नहीं आया है। जिसके कारण पानी नहरों में नहीं छोड़ा जा रहा है। बारिश का पानी आते ही नहरों के माध्यम से तालाबों को भरा जाएगा।
जेपी अहिरवार एसडीओ हरपुरा नहर परियोजना ( जलसंसाधन विभाग) टीकमगढ़।

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