टीकमगढ़ की यह शिक्षिका जापान जाएंगी पौधों के हार्मोन्स की खोज करने

इंसानों के इलाज में सहायक पौधों के हार्मोन्स की करेंगी खोज

By: anil rawat

Published: 05 Sep 2019, 08:49 PM IST

टीकमगढ़. इंसानों की लाइलाज बीमारियों में अब पौधों के हार्मोन्स से मदद मिलेगी। टीकमगढ़ नवोदय की शिक्षिका अर्पिता शुक्ला अब इसके लिए शोध करेंगी। इस शोध के लिए भारत सरकार एवं जापान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे टीचर टे्रनिंग स्टूडेंट मेक्स स्कॉलर्शिप के तहत उन्हें जापान भेजा जा रहा हैं।


शिक्षक दिवस पर जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई हैं। कुण्डेश्वर स्थित नवोदय विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका अर्पिता शुक्ला को पौधों के हार्मोन्स(साइटो हार्मोन्स) की खोज के लिए जापान भेजा जा रहा हैं। अर्पित शुक्ला 25 सितम्बर को जापान के लिए रवाना होंगी। वह जापान में 18 माह रह कर इंसानों के उपचार में सहायक पौधों के हार्मोन्स की खोज करेंगी। उनकी इस उपलब्धि पर नवोदय के प्राचार्य सुधीररंजन साहू सहित एवं भोपाल के आयुक्त ने उन्हें बधाईयां दी हैं। प्राचार्य साहू का कहना हैं कि यह नवोदय विद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि का पल हैं।

 

कठिन होती हैं चयन प्रक्रिया: विदित हो कि भारत एवं जापान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में जापान सरकार के एज्यूकेशन, कल्चर, स्पोर्टस, साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी(मेक्सट) स्कॉलर्शिप के तहत टीचर ट्रेनिंग स्टूडेंट कार्यक्रम किया जाता हैं। इसके लिए जापान सरकार द्वारा एक परीक्षा का आयोजन किया जाता हैं। अर्पिता शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए जापान एम्बेसी पूरे देश के केन्द्रीय विद्यालयों के शिक्षकों की एक लिखित परीक्षा का आयोजन कराती हैं। इसमें चयन के बाद साक्षात्कार लिया जाता हैं। साक्षात्कार में सफल होने के बाद जापान सरकार टेलीफोनिक इंटरव्यू लेती हैं। इसमें सफल होने के बाद शिक्षिकों का चयन किया जाता हैं। इस बार इसके लिए देश के 5 शिक्षकों का चयन किया गया हैं।


साइटो हार्मोन्स पर करेंगी रिसर्च: अर्पिता शुक्ला ने बताया कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने वनस्पति विज्ञान के तहत साइटो हार्मोन्स विषय का चयन किया था। इसमें वह पौधों में उन हार्मोन्स की खोज करेंगी, जो इंसानों को गंभीर बीमारियों से उपचार मेें मदद करेंगे। उन्होंने अपनी रिसर्च में पौधों में पाए जाने वाले इस्ट्रोजन हार्मोन्स पर लिखा था। उनका कहना हैं कि यह हार्मोन्स इंसानों के साथ ही कुछ पौधों में भी पाया जाता हैं और यह इंसानों में होने वाले हड्डी के कैंसन के उपचार में सहायक हैं। उनकी इसी रिसर्च के लिए उन्हें चयनित किया गया हैं। उनका कहना हैं कि जापान में अगले 18 माह में वह ऐसे ही अन्य हार्मोन्स की खोज पर काम करेंगी।

anil rawat Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned