अंग्रेजी की पढ़ाई होगी और भी मनोरंजक, ये खास है इस प्रोगाम में

अंग्रेजी की पढ़ाई होगी और भी मनोरंजक, ये खास है इस प्रोगाम में

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 04 2018 11:23:44 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

जिले में आईआरआई प्रोग्राम के तहत प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयो में रेडियों के कार्यक्रमों के आधार पर अब छात्रों को अंग्रेजी की पढ़ाई को और भी मनोरंजन बना दिया है

टीकमगढ़.जिले में आईआरआई प्रोग्राम के तहत प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयो में रेडियों के कार्यक्रमों के आधार पर अब छात्रों को अंग्रेजी की पढ़ाई को और भी मनोरंजन बना दिया है। जिसमें बच्चों का पढ़ाई की ओर और भी मन लग रहा है। आम तौर पर बच्चे किताबों से दूर भागते है, वे पढऩे में रूचि नहीं लेते है। जबकि गतिविधि आधारित शिक्षा खेल-खेल में या मनोरंजन तरीके से पढ़ाया जाए, तो बच्चे ज्यादा आसानी से पढऩा और समझना सीखते है। शहर के बड़े और नामी प्राईवेट स्कूलों में गीत संगीत,खेल कार्टून फिल्म के माध्यम से आसानी से बच्चों को पढ़ाना सिखाया जाता है। इसी तरह से अब सरकारी स्कूल के बच्चें को भी मनोरंजन ढंग से पढऩे के लिए रेडियों का सहारा लिया जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा सर्व शिक्षा अभियान जिला शिक्षा केंद्र और डाईट प्राचार्य को पत्र जारी कर कहा गया है कि जिले के स्कूलों में विभिन्न रेडियों कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू किया जा रहा है। प्रसारण के लिए सप्ताह के दिन निर्धारित कर दिए गए है। जिसको बच्चों के साथ शिक्षक भी सुनेंगे और उनका अभ्यास कराएगें। इस तरह से बच्चे मझेदार ढंग से मिल रही शिक्षा को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। जिले के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में परियोजना समन्वयक द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिले के प्रभारी और पालक शिक्षक संघ को इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देने और शाला में रेडियों न होने की स्थिति में भंडारण क्रय नियमों का पालन करते हुए रेडियों क्रय करने के लिए कहा गया है। यदि बच्चों की संख्या अधिक है तो दो रेडियों को क्रय किया जा सकता है। जिन शालाओं में रेडियों उपलब्ध है और वहां ठीक से प्रसारण कर रहे है या नहीं,कोई समस्या है तो शाला को दी जाने वाली आकस्मिक निधि का उपयोग किया जा सकता है। नागरिकों के सहयोग से शालाओं में रेडियों को रखा जा सकता है। सभी बच्चें रेडियों को सुन रहे है या नहीं इसके लिए एक मॉनिटिरिंग कर रिपोर्ट देने को भी कहा गया है।


कार्यक्रम की होगी मॉनिंिटरिंग
इस प्रसारण के पूर्व में जिले में आयोजित संकूल स्तरी प्रशिक्षण में सभी शिक्षकों को इस कार्यक्रम की जानकारी देकर उपयोगिता बताई जाएगी। कार्यक्रम की नियमित मॉनिटिरिंग में यह भी देखा जाएगा कि बच्चे और शिक्षक रेडियों के प्रसाारण को सुनकर उसके अनुसार गतिविधि कर रहे है या नहीं। प्रपत्र के स्कूल प्रबंधक से जानकारी मिल जाती है।
ये है रेडियों के कार्यक्रम
कार्यकम का नाम कक्षा प्रसारण दिन समय
अंग्रेजी मजूदार है -1 पहली और दूसरी कक्षा सोमवार से शुक्रवार 12 से 12:30 तक
अंगेजी मजेदार है -2 तीसरी से पांचवीं कक्षा सोमवार से बुधवार 12:30 से 1 बजे तक
झिलमिल तीसरी से पांचवीं कक्षा गुरूवार से शुक्रवार 12:30 से 1 बजे तक
मीना की दुनिया छठवीं से आठवीं कक्षा सेामवार से शुक्रवार 02:45 से 3 बजे तक
इनका कहना-
शासन की गतिविधियों आधारित शिक्षा पर शालाओं में कार्य हो तो बच्चें बेहतर ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकते है। इसी के तहत रेडियो एक अच्छा माध्यम है। जिसकी पहुंच हर जगह है। और बच्चों को सरल तरीके से शिक्षा के बारे में जानकारी दे सकता है।
हरीशचंद्र दुबे डीपीसी शिक्षा केेंद्र टीकमगढ़।

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