पेयजल संकट से जूझ रहा नया बस स्टेण्ड, नोटी निकली, टंकी हो रही खराब

साहब अब तो सुन लो, गर्मी का सीजन शुरू हो गया है। नगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारी हर वर्ष नया बसस्टेण्ड पर पेयजल उपलब्ध कराने के आश्वासन देते है।

By: akhilesh lodhi

Published: 06 Apr 2021, 09:05 PM IST


टीकमगढ़.साहब अब तो सुन लो, गर्मी का सीजन शुरू हो गया है। नगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारी हर वर्ष नया बसस्टेण्ड पर पेयजल उपलब्ध कराने के आश्वासन देते है। उसके बाद भूलकर स्टेण्ड नहीं आते। हजारों की संख्या में आने वाले यात्रियों के बीच पेयजल साधन स्थाई नहीं है। एक हैंडपंप और मटके वालों से खरीदकर प्यास को बुझा रहे है। जिसके जिम्मेदार नगरपालिका को दुकानदार, बस चालक, टैक्सी चालक के साथ यात्री बता रहे है। पानी की समस्या को लेकर पत्रिका ने ३ मार्च को खबर का प्रकाशन किया था। जिसमें नगरपालिका के कर्मचारियों ने दो दिनों में पेयजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन वहां पर आज तक पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
मंगलवार को पत्रिका की टीम ने नया बस स्टेण्ड पर दोपहर १.३० बजे के करीब देखा तो धूप चिलचिला रही थी। सूर्य की तपन और जमीन से निकलने वाली आग। लोगों को छाया की ओर ले जा रही थी। वहीं सागर और मऊरानीपुर की ओर आने वाली बस के यात्री उतरकर की तलाश करते रहे। उन्हें स्टेण्ड मैदान में ना तो पानी की टंकी दिखाई दी और ना ही नगरपालिका का टैंकर दिखाई दिया। यात्री प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप की तलाश करता रहा। उसके बाद उसे मंदिर के पीछे हैंडपंप दिखाई दिया। लेकिन वह खराब पड़ा था। मंदिर के आगे और स्टेण्ड दरवाजा के पास मटके वाले से पानी पिया तो उसने एक बोतल पानी १५ रुपए में दिया।
दरवाजे के ऊपर शोपीस पानी की प्लास्टिक टंकी
नया बस स्टेण्ड दरवाजा पुलिस सहायता केंद्र के ऊपर काली प्लास्टिक की टंकी और नीचे टैक्सी स्टेण्ड की ओर नल की टोटिया लगी हुई है। इसके साथ ही यात्री प्रतिक्षालय के पास भी एक पानी की टंकी तो बना दी। लेकिन आज तक उन पानी की टंकियों को चालू नहीं किया गया। जो मंगलवार को शोपीस दिखाई दी। पानी के लिए लोग इधर उधर भटकते रहे।
हाथ ठेला वाले पिलाते है पानी
हाथ ठेला वालों ने बताया कि बस स्टेण्ड मैदान में कही भी पेयजल नहीं है। फल, आलू टिकिया के साथ अन्य हाथ ठेलों की बिक्री यात्रियों से होती है। जिसके पानी के डिब्बे भरकर रख लेते है। पानी भी लखौरा रोड के हैंडपंप से भरकर लाते है। एक दिन में १५-१५ लीटर के दो डिब्बों में ६ से ७ बार पानी लाया जाता है। लेकिन नगरपालिका का इस ओर ध्यान नहीं है। जबकि मटकों के स्टेण्ड खाली पड़े रखे है।


पानी की समस्या को लेकर पत्रिका ने ३ मार्च को किया था खबर का प्रकाशन
पत्रिका ने पेयजल समस्या का समाधान करवाने के लिए ३ मार्च को खबर का प्रकाशन किया था। खबर के बाद नगरपालिका द्वारा पानी का टैंकर रखे जाने और पानी की टंकी में टोटियां लगाए जाने की बात कही थी। लेकिन उसके बाद आज तक नपा द्वारा पेयजल को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई।

साबह बस पानी के मामले में रेगिस्थान की तरह हो गया है। यहां पर सार्वजनिक तौर पर पेयजल व्यवस्था नहीं है। अगर सार्वजनिक तौर पर पेयजल व्यवस्था है तो स्टेण्ड से दूर है। अगर वहां पर यात्री पानी लेने के लिए जाते है, तब तक बस निकल जाती है।
रियाज खान बस परिचालक। फोटो

नगरपालिका ने तो हद कर दी साब। जब यहां के लोगों को समस्या होती है। तब सामने नहीं आती है। इस समय नया बस स्टेण्ड पर पेयजल समस्या सबसे अधिक है। जिसकी व्यवस्था करना जरूरी है।
राजू टैक्सी चालक। फोटो

इनका कहना
शहर के लीकेजों का सुधार किया जा रहा था। दो दिन बाद टीम फ्री हो जाएगी। दो दिन बाद नया बस स्टेण्ड पर पानी की टंकियों का सुधार करवाया कर उन्हें चालू किया जाएगा। जिससे यात्रियों के साथ टैक्सी और बस परिचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अनिल श्रीवास्तव जलप्रदाय अधिकारी नगरपालिका अधिकारी टीकमगढ़।

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