टीकमगढ़

लोकायुक्त ने कसा शिकंजा, निवाडी विधायक की जमीन की मांगी जानकारी

लोकायुक्त संगठन भोपाल ने जांच शुरू

टीकमगढ़Sep 22, 2018 / 11:11 am

vivek gupta

Lokayukta Action Niwadi Case of legislative land

टीकमगढ़
अतंर्राष्ट्रीय पर्यटन नगरी ओरछा की बेशकीमती शासकीय जमीन खरीदे जाने के मामले में निवाडी विधायक सहित अन्य लोगों पर सरकार सख्त होती नजर आ रही है। मीडिया रिर्पोटो पर संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त संगठन भोपाल ने जांच शुरू कर दी है। मामले में लोकायुक्त के द्वारा प्रशासन को पत्र जारी कर मामले की पूरी जानकारी 4 अक्टूबर तक मांगी गई है। लोकायुक्त के द्वारा मामले में जांच की कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति मेंं उबाल आ गया है। खास बात है कि पत्रिका के द्वारा 19 अगस्त के अंक में कौडियों में सरकारी जमीन खरीदे जाने की खबर का प्रकाशन किया था।
यह है मामला
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के द्वारा निवाडी विधायक अनिल जैन और सहयोगियों पर ओरछा की सरकारी जमीन खरीदे जाने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष के द्वारा आरोप लगाया गया था कि ओरछा नगर के बायपास रोड पर खसरा नम्बर 574/2 और 249/2 में 4800 और 5000 वर्गफुट के दो प्लाट निवाडी विधायक जैन ने अपनी पत्नी के नाम लिए हैं। वहीं उनके सहयोगी कमलापत राय की पत्नि रजनी के नाम 574/2 में 2500-2500 वर्गफुट के दो प्लाट और विधायक प्रतिनिधि रहे अरविन्द चौबे की पत्नि दीपमाला के नाम 5 हजार वर्गफुट का प्लाट लिया गया है। जबकि यह जमीन शासकीय रिकार्ड में आज भी शासन के खाते में दर्ज है।

 

 

मामले में पत्रिका ने पड़ताल की तो पाया कि 2007 में तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा बिना किसी आवश्यकता के शासकीय पठार की जमीन खसरा नंबर 574/2 और 249/2 की करीब 14 हेक्टेयर जमीन को नजूल में दर्ज कराया गया। खास बात थी कि इस खाली जमीन को नगरपालिका के द्वारा भवनों से वसूले जाने वाले संपत्ति कर के रूप में दर्ज कर के नामांतरण भी कर दिया गया। मामले में संदेह इसलिए भी है कि जिस बेशकीमती जमीन की कीमत आज करोड़ों में है उसे केवल 1 लाख 20 हजार रूपए और 2 लाख रूपए में विधायक के द्वारा खरीदा गया है।


लोकायुक्त भोपाल ने किया पत्र जारी,मांगी जानकारी
पर्यटन नगरी के बहुचर्चित मामले में मीडिया रिर्पाेटो के आधार पर लोकायुक्त भोपाल के सचिव राजेन्द्र सिंह के द्वारा कलेक्टर के नाम पत्र जारी किया है। जिसमें अरबों रुपए की जमीन को औने पौने दामों पर खरीदे जाने,फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाने के आरोप के मामले में जानकारी मांगी गई है।

 

लोकायुक्त भोपाल के सचिव के द्वारा जारी पत्र में प्रशासन से 4 अक्टूबर तक जानकारी मांगी गई है। लोकायुक्त के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन के द्वारा संबधितों को पत्र जारी किया गया है। मामले में ओरछा तहसीलदार से सरकारी जमीन को बेचे जाने के दस्तावेज,रजिस्ट्री में प्रयुक्त किए गए दस्तावेज की जानकारी के साथ ही नजूल की जमीन के वर्तमान दस्तावेज मांगे गए है। इसके साथ ही ओरछा नगर पंचायत से खाली जमीन के नामांतरण और किस दस्तावेज से नाम दर्ज किए गए ,उनका आधार मांगा गया है।


चुप्पी साधे है अधिकारी
विधायक से जुडा मामला होने के कारण अधिकारी भी मामले से दूरियां बनाए हुए है। निवाडी एसडीएम संतोष तिवारी के द्वारा पत्र जारी करने को लेकर कहा गया कि कार्यालय में देखकर ही जानकारी दे पाएगें। वही कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल के द्वारा बात नही की गई। ओरछा तहसीलदार संजय गर्ग का कहना था कि जानकारी के बाद ही बता पाएगें।


कहते हैं:
एसडीएम कार्यालय से पत्र आया है। नगर परिषद से निवाडी विधायक सहित अन्य की बायपास वाली जमीन की जानकारी मांगी गई है। नगर परिषद से नामांतरण के साथ ही तहसील और रजिस्टार से भी जानकारी मांगी गई है। पत्र में लोकायुक्त का हवाला दिया गया है।
दिनेश तिवारी, सीएमओ, नगर परिषद, ओरछा

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