मकर संक्रांति: 14 जनवरी की रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, विशेष पुण्यकाल 15 जनवरी को

Rajesh Kumar Pandey

Publish: Jan, 13 2018 07:03:03 PM (IST)

Tikamgarh, Madhya Pradesh, India
मकर संक्रांति: 14 जनवरी की रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, विशेष पुण्यकाल 15 जनवरी को

स्नानदान का पर्व मकर संक्रांति १४ और १५ जनवरी को मनाया जाएगा। दरअसल,सूर्य का मकर संक्रांति राशि में प्रवेश १४ जनवरी की रात्रि में होगा,इसलिए इसका विश

टीकमगढ़.स्नानदान का पर्व मकर संक्रांति १४ और १५ जनवरी को मनाया जाएगा। दरअसल, सूर्य का मकर संक्रांति राशि में प्रवेश १४ जनवरी की रात्रि में होगा,इसलिए इसका विशेष पुण्यकाल १५ जनवरी को सूर्योदय से शुरू हो जाएगा,जो शाम तक रहेगा। इस दिन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालु जाकर स्नान,दान पुण्य करेंगे और सूर्यदेव की आराधना करेंगे। पंचांगों के अनुसार इस बार मकर संक्रांति रात्रि में ८.२० से अर्की हो रही है। पडि़त मुकेश द्विवेदी ने बताया कि मकर संक्रंाति रविवार को अर्की हो रही है। रविवार होने के कारण इस बार धोरा नाम की मकर संक्रंाति होगी। जो उत्तर से दक्षिण की ओर गमन कर रही है, और त्रिकोण में विशेष दृष्टि है। इस लिहाज सेअल्पसंख्यक वर्ग, पिछडे और गरीब वर्गके लिए यह विशेष शुभकारी होगी। गुरू,शिक्षकों के लिए यह कुछ कष्टकारी हो सकती है। इसके स्वरूप के चलते सोना,चंादी,वाहन,इलेक्ट्रोनिक आईटम,दवाईयां,शेयर बाजार में तेजी रहेगी। इसी प्रकार तरल पदार्थ में भारी उतार चढार के योग बनेगें।
होगी समृद्धिदायक
पं,द्विवेदी ने बताया कि मकर संक्रांति अर्की होने को लेकर पंचांगों के समय में मतभेद है। कुछ पंचांगों में मकर संक्रांति १४ जनवरी की रात अर्की हो रही है। जबकि कुछ पंचांगों में १४ जन वरी को दोपहर बाद ही अर्की होना बताया गया है। ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल १४ और १५ जनवरी को दोनों ही दिन रहेगा। स्वरूप के कारण इस बार संक्रंाति गरीब वर्ग के लिए समृद्धिदायक रहेगी। खासकर निर्धन वर्ग के लिए सरकार कई योजनाएं बनाएगी। इसी तरह अनाज और वस्त्रों के दामों में वृद्धि रहेगी।

मकर संक्रांति

८ घंटेे विशेष पुण्यकाल
ज्योतिषाचार्य पं.दीपेन्द्रअडजरिया ने बताया कि मकर संक्रांति१४ जनवरी की रात्रि में आएगी। इसी तरह इसका विशेष पुण्यकाल १५ जनवरी को सूर्योदय से लेकर ८ घंटे तक रहेगा। इस दिन तीर्थ स्थलों पर पवित्र स्नान दान पुण्य करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी है। और आयुष्य और आरोग्यता में बढोत्तरी होगी है। इस दिन तिल का दान करना चाहिए।
ऐसा होगा स्वरूप
महीषी वाहन,ऊंट उपवाहन,श्याम वस्त्र,तोरण शस्त्र,तीकर पात्र,दधि भक्षण,महावन लेपन,मृदवर्ण, मंदार पुष्प ,श्वेत कं चुकी।
देवालयों में रहेगी भीड़,पवित्र नदियों में स्नान कर मनाया जाएगा पर्व
मकर संक्राति का पर्व पूरे जिले में आस्था और विश्वास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए प्रमुख तीर्थ श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा एवं स्वयं भू भगवान शंकर की नगरी कुण्डेश्वर में श्रद्धालुओ का खासा सैलाब उपस्थित रहेगा। बुंदेलखण्ड के प्रमुख त्यौहारों में शामिल इस पर्व को लेकर प्रशासन ने भी पूरी तैयारियां कर ली गई है। मकर संक्रांति के पर्व पर पवित्र नदियों में स्नान के महत्व को देखते हुए ओरछा में बेतवा एवं कुण्डेश्वर की जमडार नदी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। प्रतिवर्ष आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए दुकानदारों ने आज से ही अपनी दुकानें मेले में सजा ली है।
सीसीटीव्ही से होगी निगरानी: मकर संक्रांति के पर्व को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक व्यवस्थाएं कर ली है। ओरछा में जहां चौपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी रहेगी,वहीं कुण्डेश्वर जाने वाले वाहनों को भी महर्षि विद्यालय के पास रोका जाएगा। इसके साथ ही नदियों पर उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए यहां पर भी गोताखोर दल के साथ ही पुलिस बल की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। कुण्ड़ेश् वर मंदिर समिति अध्यक्ष ड़ॉ नंदकिशोर दीक्षित का कहना था कि मेले के साथ ही नदी और मंदिर परिसर में सीसीटीव्ही से निगरानी की जाएगी ।

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