इनको भी नहीं मिला काम, छोड़ा गांव

गांवों में हालत खराब

By: नितिन सदाफल

Published: 10 Feb 2018, 01:24 PM IST

टीकमगढ़/बल्देवगढ़.शासन भले ही जिले में मनरेगा के तहत मजदूरों को गांवों में ही काम उपलब्ध कराने की कितना भी दंभ क्यों न भर रहा है, लेकिन हालत इससे बिलकुल जुदा बने हुए है। हकीकत यह है कि मजदूरी की तलाश में मजदूर तो दूर अब तो सरपंच भी पलायन करने लगे है। मामला समीपस्थ ग्राम पंचायत श्यामपुरा का है। पिछले एक माह से गायब सरपंच को लेकर सचिव ने जनपद सीईओ को पत्र सौंपा है।
ग्राम पंचायत श्यामपुरा का सरपंच रमेश अहिरवार पिछले एक माह से गायब बना हुआ है। इस संबंध में सचिव जयहिंद सिंह बुंदेला ने जनपद सीईओ को पत्र लिखकर अवगत कराया है। सचिव ने 6 फरवरी को जनपद सीईओ को पत्र लिखकर बताया है कि सरपंच के न होने से पंचायत में चल रहे काम प्रभावित हो रहे है। इस कारण से मजदूरी के भुगतान सहित अन्य कार्यों में समस्या पैदा हो रही है। सरपंच कहा गायब है, इसकी सही जानकारी सचिव और रोजगार सहायक सहित किसी को नही है।
मजदूरी करने गए है चाचा: इस मामले में सरपंच रमेश के भतीजे सुरेश अहिरवार ने बताया कि उसके चाचा मजदूरी करने बाहर गए है। सुरेश का कहना है कि पंचायत द्वारा चल रहे कामों में हो रही परेशानी के कारण परिवार का भरण-पोषण नही हो पा रहा था। इसलिए वह मजदूरी के लिए पंजाब गए हुए है। वहीं इस मामले में रोजगार सहायक परमानंद पाल का कहना है कि रमेश, उससे मजदूरों को बाहर छोडऩे जाने की बात कह रहा था। वहीं सचिव जयहिंद सिंह बुंदेला का कहना है कि वह बाहर काम कर रहे मजदूरों से मिलने की बात कह कर गया था। लेकिन अब तक नही लौटा है।

योजना पर सबाल: सरपंच रमेश के भतीजे सुरेश की बात को यदि सही माना जाए तो यह पूरी योजना पर भी प्रश्र उठा रही है। जब गांव के अभाव में पंचायत का मुखिया ही पलायन कर रहा है, तो गांव में योजना का क्या हाल होगा समझा जा सकता है। सरपंच रमेश का पलायन करना पूरे जिले में चल रही मनरेगा की स्थिति को बयां कर रहा है। इस मामले को प्रशासन को गंभीरता से लेना होगा। यदि प्रशासन अब भी नही चेता तो भविष्य में जिले के हालात और भी गंभीर होंगे और पलायन रोकने के लिए शासन की यह योजना महज दिखावा बन कर रह जाएगी। इस मामले में सबसे बड़ी चिंता की बात अधिकारियों का गैरजिम्मेदाराना बयान भी है। शासन ने जिन अधिकारियों पर पलायन रोकने की जिम्मेदारी है, वह भी इस मामले में यह कह रहे है कि इसमें मैं क्या कर सकता हूं।
कहते है अधिकारी: उसे मजदूरी करने बाहर जाना है, तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। यह उसकी इच्छा है। सचिव के आवेदन पर पंचायत इंस्पेक्टर का जांच सौंपी गई है। जांच के बाद एसडीएम को प्रतिवेदन देकर उप सरपंच को सरपंच का प्रभार देकर काम पूरे कराए जाएंगे।- जितेन्द्र जैन, सीईओ, जनपद पंचायत, बल्देवगढ़।

नितिन सदाफल Desk
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