नवीन आवकारी नीति, विभाग को लगा बड़ा झटका

1 अरब 6 करोड़ का लक्ष्य पूरा करना है

By: नितिन सदाफल

Published: 10 Feb 2018, 01:08 PM IST

टीकमगढ़.नवीन आवकारी नीति के बाद 15 प्रतिशत अधिक पर शराब दुकानों का नवीनीकरण कर 1 अरब 6 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने का ख्वाब देख रहे आवकारी विभाग को पहले चरण में झटका लगा है। नवीनीकरण की प्रक्रिया में जिले के 27 में से मात्र 8 समूहों ने भी सहमति जताकर फार्म जमा किए है। शेष किसी समूह ने इसमें रूचि नही दिखाईहै। नवीनीकरण की प्रक्रिया में जिला मुख्यालय की नंबर 1 अंग्रेजी शराब दुकान का संचालन करने वाली सोम कंपनी का न आना विभाग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
शासन की नवीन आवकारी नीति के बाद आवकारी विभाग ने 5 से 9 फरवरी तक जिले के सभी 27 समूहों की नवीनीकरण प्रक्रिया प्रारंभ की थी। नवीनीकरण के एक दिन पूर्व तक जिले के 12 ठेकेदारों ने अपनी दुकानें रिन्यू कराने फार्म लिए थे। शुक्रवार को नवीनीकरण की अंतिम तिथि होने पर विभाग को उम्मीद थी कि इन 12 समूहों का तो नवीनीकरण हो ही जाएगी। लेकिन इनमें से 4 समूहों ने विभाग को झटका दे दिया। 8 समूहों ने ही अपने फार्म और चालान जमा किए है। अब शेष बची19 दुकानों के लिए आज से लॉटरी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

29 करोड़ राजस्व मिलेगा: इन 8 समूहों के नवीनीकरण होने से विभाग को 29 करोड़ 34 लाख 59 हजार 216 रूपए का राजस्व प्राप्त होगा। यदि नवीनीकरण की प्रक्रिया में सोम समूह भी शामिल होता तो, विभाग को टीकमगढ़ की नंबर एक शराब दुकान से 12 करोड़ 57 लाख रूपए के राजस्व की प्राप्ती होती। यह जिले की सबसे बड़ी शराब की दुकान है। इनके साथ ही बड़ागांव, बल्देवगढ़ एवं दिगौड़ा के ठेकेदारों ने भी नवीनीकरण के फार्म जमा नही किए है।
आज खुलेगी लॉटरी: आज शनिवार से शेष बचे आवकारी समूहों के लिए लॉटरी प्रक्रिया के द्वारा नीलामी की जाएगी। सहायक अवकारी अधिकारी राघवेन्द्र सिंह बुंदेला ने बताया कि नवीनीकरण दुकानों की जानकारी शासन को भेजने के साथ ही शेष रहे समूहों की जानकारी भी भेज दी गई है। अब इनका निराकरण लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया आज 10 फरवरी से 15 फरवरी तक की जाएगी। इसके बाद भी यदि दुकानें शेष बचती है तो उनको ई-टेंडर के माध्यम से नीलाम किया जाएगा।

नितिन सदाफल Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned