अक्षर ज्ञान लेने के नए तरीके, कभी नहीं भूल पाएंगे बच्चे

छात्रों को सहायक सामग्री के माध्यम से अक्षर और अंक ज्ञान दिया जा रहा है

By: anil rawat

Published: 13 Mar 2018, 12:54 PM IST

टीकमगढ़.अजनौर संकुल केंद्र के मदनपुर स्कूल में कक्षा 2 से 4 के छात्रों को सहायक सामग्री के माध्यम से अक्षर और अंक ज्ञान दिया जा रहा है। नवाचार शिक्षण पद्धति द्वारा छात्रों को सरल तरीके से पढाया गया। इस पद्धति में कई छात्रों द्वारा हिस्सा लिया गया। शासकीय प्राथमिक स्कूल मदनपुर के दर्जनों छात्रों को पहाड़ा सिखाने के लिए संक्रियंा नवाचार गतिविधि कंकड़ों से सहायक सामग्री के माध्यम से क्रमबद्ध कंकड़ रखकर 12/12 अंकों को बनाया गया। इसी अंकों को आगे बढ़ाकर कक्षाबार सभी छात्रों ने कंकडों से पहाडा बनाकर सीखा। इसके साथ ही नवाचार पद्धति में पहाडा सीखने के लिए स्कूल के सभी छात्र आगे आए।
खेल-खेल में दी शिक्षा
शिक्षक आशाराम कुशवाहा ने बताया कि स्कूल के सभी छात्रों को खेल-खेल में शिक्षा दी गई। स्कूल के सभी छात्रों द्वारा स्कूल के बाहर से सैकड़ों कंकड़ों को एकत्रित किया गया। इसके बाद उन कं कडों की गिनती कर जमीन पर पहाडों को बनाया गया। इसके साथ ही कंकडों से चित्र बनाए गए।
कंकडों से बनाए चित्र
स्कूल में छात्रों द्वारा चित्र शिक्षण को समूहबार कराया गया। कक्षा 3 के छात्रों द्वारा शाला का नाम लिखा गया। कक्षा 4 के छात्रों द्वारा हस्तकला कौशल के तहत कंकड़ों से चित्र बनाए गए। इसके साथ ही कक्षा 5 के छात्रों द्वारा कंकडों को जोडकर पहाडा लिखे गए। जो गणित विषय का पहाड़ा संक्रिया में नवाचार गतिविधि है।

सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन
टीकमगढ़. शहर के अवंतीबाई कालेज एवं एक्सीलेंस कालेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन सोमवार को हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के बाद सरस्वती वंदना से हुई।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. आरएम दुबे ने कहा कि रासेयो का सिद्धांत निस्वार्थ सेवा एवं दूसरे व्यक्ति के विचारों को मान्यता देने का दृष्टिकोण है। विशिष्ट अतिथि डॉ. शशिप्रभा जैन ने कहा कि स्वयंसेवक का सबसे बड़ा धर्म मानवसेवा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एसआर बघेल ने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से जात-पात, छुआछूत, गरीबी-अमीरी के भेद मिटते हैं और एकता की भावना जाग्रत होती है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिलाषा ठाकुर व डॉ. शशिप्रभा जैन ने बताया कि ऐसे शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों को देशप्रेम, समर्पण, त्याग व समाज सेवा सिखाई जाती है।यह कार्यक्रम छात्र-छात्राओं को डिग्री मिलने के अतिरिक्त सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास, समाज सेवा के माध्यम से सेवाभाव जाग्रत करना है।
स्वयंसेवकों ने पूर्ण निष्ठा, इमानदारी तथा निस्वार्थ भाव से समाजसेवा की शपथ ली। यह कार्यक्रम संस्था प्रमुख डॉ. कुसुम रस्तोगी एवं डॉ. आरएम दुबे के संरक्षण आयोजित किया गया।इस अवसर पर एलके विश्वकर्मा, कैलाश नामदेव, खूबचंद अहिरवार, सुनील नामदेव, सुमित अहिरवार सहित अनेक स्वयंसेवक मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिलाषा ठाकुर ने जताया जबकि शशिप्रभा जैन ने सभी के प्रति आभार जताया।

anil rawat Reporting
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