नान और परिवहन विभाग की लारपरवाही से केंद्रों के बाहर रखा गेहूं हुआ गीला

समर्थन मूल्य के तहत खरीद केंद्रों पर जिम्मेदारों द्वारा सरकारी शर्ताे पर खरीद नहीं की जा रही है।

By: akhilesh lodhi

Updated: 12 May 2021, 09:31 PM IST

टीकमगढ़.समर्थन मूल्य के तहत खरीद केंद्रों पर जिम्मेदारों द्वारा सरकारी शर्ताे पर खरीद नहीं की जा रही है। गुणवत्तापूणर््ा गेहूं और समय पर परिवहन नहीं किया जा रहा है। शोपीस के लिए छन्ना और सर्वेयरों को तैनात किए गए है। लेकिन उनके द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बगैर क्वालिटी का गेहूं खरीदा जा रहा है। वहीं समिति प्रबंधक और ट्रांसपोर्ट की लापरवाही से ८५ हजार क्विंटल गेहूं बाहर पड़ा हुआ है। जो बारिश के कारण रात में गीला हो गया है। जहां सरकार को नुकसान होने की संभावना जताई जार ही है।
सोमवार की रात को तेज रफ्तार बारिश हुई थी। यह बारिश टीकमगढ़ जिले के साथ निवाड़ी जिले में हुई थी। सभी स्थानों पर पानी बराबर था। वहीं जिले में १०४ खरीद केंद्र बनाए गए है। ७० फीसदी खरीद केंद्रों का गेहूं खाली खेतों में रखा हुआ है। उन खेतों में खरीदे गए गेहूं को रखने के लिए नीचे पन्नी के साथ अन्य सामग्री को नहीं बिछाया गया है। जिसके कारण मिट्टी और रात के बारिश का पानी गेहूं से भरे बोरो में भर गया है। जिसके कारण अनाज खराब हो गया।
यह है गेहूं की स्थिति
जिले में १०४ खरीद केंद्रों से १२ लाख ९४ हजार ८४८ सौ ८८ क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जिसमें परिवहन १२ लाख ९० हजार ४० क्विंटल ७४ किलो अनाज परिवहन किया गया है। लेकिन ८५ हजार ८०८ क्विंटल १४ किलो अनाज बाहर खुले खेतों में रखा हुआ है। जिसमें धूल तो जा ही रही है। इसके साथ ही रात का पानी भी प्रवेश कर गया है। जिससे गेहूं गीला हो गया है।
खरीदे गेहूं की नहीं है सुरक्षा
बल्देवगढ़, लडवारी, करमासनघाट, डारगुवा कुडयाला, पटौरी, मलगुवां, चंद्रपुरा, कोठरा, शिवनगर, फुटेर, सरकनपुर, गुना, खरगापुर, सुजानपुरा, एरौरा के साथ अन्य केंद्रों पर अनाज बाहर रखा हुआ है। प्रबंधक और सर्वेयरों द्वारा खरीदे हुए अनाज को सुरक्षित रखने का कार्य नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण उस अनाज की स्थिति खराब हो गई है।
जिनको नहीं जानकारी उन्हें बनाया सर्वेयर
जिले के खरीद केंद्रों को समिति स्तर पर स्थापित किए गए है। केंद्रों पर सर्वेयर समिति प्रबंधक और वेयरहाउस के खरीद केंद्रों पर सर्वेयर नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा आउटसोर्स किए गए है। जबकि इन सर्वेयरों का दूर दूर तक कृषि कार्य से लेना देना नही है, ना ही इनकी योग्यता कृषि संबंधी विषय में है। अभी तक किसी भी किसान का गेहूं सर्वेयर द्वारा गुणवत्ताविहीन नहीं बताया गया है। इस वर्ष गेहूं की क्वालिटी पिछले वर्षो की तुलना में खराब देखी जा रही है।इस प्रकार के मामलों में पिछले वर्ष अनाज पास करने पर एफ आईआर भी दर्ज हुई थी।

गेहूं खरीद के लिए यह है मापदण्ड
गेहूं खरीदने के पहले गेहूं की १२ प्रतिशत नमी, सिकुड़े और टूटे टाने का ६ प्रतिशत, आंशिक क्षतिग्रस्त दाने ४ प्रतिशत, क्षतिग्रस्त दाने २ प्रतिशत, अन्य खाद्यान्न २ प्रतिशत और गेहूं में बाह्य पदाथ का प्रतिशत ०.७५ प्रतिशत स्वीकार किया जाएगा। लेकिन सर्वेयरों के साथ समिति प्रबंधकों द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसानों को समितियों से खाद, बीज के साथ अन्य कार्यो की जरूर पडऩे के कारण शिकायत नहीं कर पाते है।
इनका कहना
रात और सुबह बारिश हुई है। जिसके कारण खरीद केंद्रों का अनाज गीला हो गया है। बल्देवगढ़ के बनेरा, डारगुवां, अजनौर के साथ अन्य खरीद प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। खरीद केंद्र मैदान में रखे अनाज को पन्नी से सुरक्षित रखने निर्देश दिए गए है। अगर इस मामले में किसी भी जिम्मेदार द्वारा लापरवाही की जाती है तो जांच कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु प्रजापति सहायक कलेक्टर एवं खाद्य अधिकारी टीकमगढ़।

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