जांच में लग रहा बिलम्ब.एक महीने तक बडोरा वेयर हाउस में पड़ा रहा ५० बोरी उड़द

इसे जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या फिर षडय़ंत, लेकिन इस मामले में षडय़ंत अधिक और लापरवाही कम ही नजर आ रही है। जिम्मेदारों के फंसने नौबत आई तो सोसायटी के टैग लगे माल को प्रबंधक ने नकार दिया।

By: akhilesh lodhi

Published: 03 Mar 2019, 08:00 AM IST

टीकमगढ़.इसे जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या फिर षडय़ंत, लेकिन इस मामले में षडय़ंत अधिक और लापरवाही कम ही नजर आ रही है। जिम्मेदारों के फंसने नौबत आई तो सोसायटी के टैग लगे माल को प्रबंधक ने नकार दिया। इसके साथ ही बडोरा वेयर हाउस प्रबंधक भी बगैर किराए, बगैर इंट्री के एक महीनें से अधिक समय तक उड़द की ५० बोरियों को छुपाए रहा। जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पीडीएस ट्रक को पकड़ा, तब सभी जिम्मेदार भौंचक रहे गए। इसके बाद भी जिम्मेदार अपने-अपने बचाव के लिए प्रयास करते नजर आए। खाद्य विभाग ने जांच टीम गठित की। लेकिन जांच ५ दिनों में भी पूरी नहीं हो पाई। इस मामले में जिले की दर्जनों खरीदी केंद्र संचालकों की निगाहें टिकी हुई है।
२५ फरवरी सोमवार को बड़ोराघाट वेयर हाउस से पीडीएस वाहन क्रमांक एमपी ३६ एच ०५१८ में चावल १९०, गेहूं १८७ और बल्देवगढ़ सोसायटी का टैग लगा ५० बोरियां उड़द लोड था। अनंतपुरा के रास्ते बल्देवगढ़ की ओर जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर देहात पुलिस ने अनंतपुरा से पीडीएस के वाहन को पकड़ लिया। पुलिस को जैसी ही सूचना मिली वैसा माल पीडीएस के वाहन में पाया गया। जिसकी जांच के लिए खाद्य विभाग टीम गठित की थी। उसमें दो सदस्य खाद्य विभाग, जिला विपणन अधिकारी और जिला प्रबंधक वेयर हाउस को शामिल किया गया। जांच में खरीदी केंद्र संचालक, सोसायटी संचालक, वेयर हाउस जिला प्रबंधक और पीडीएस वाहन परिवाहन कर्ता और ठेकेदार से बयान दर्ज किए गए है। बल्देवगढ़ सोसायटी प्रबंधक ने बल्देवगढ़ सोसायटी के टैग लगे बोरियों को अपना नहीं माना। इस मामले में सभी ने पलडा झाड़ते हुए कहा कि यह उड़द की बोरियां मेरी नहीं है। तो फिर वेयर हाउस में ज्यादा बोरी कहां से आई और वेयर हाउस संचालक पीडीएस के वाहन से लाखों के माल को बगैर पत्री के कहां पहुंचा रहा था। यह जांच का गंभीर बिषय है।
बगैर सूचना के एक महीने से अधिक समय तक कैसे रखा रहा वेयर हाउस में उड़द
जांच टीम का कहना है कि इस मामले में सोसायटी प्रबंधक, खरीदी केंद्र संचालक, परिवहनकर्ता, वेयर हाउस, नोडल अधिकारी और वेयर हाउस संचालक सभी की लापरवाही दिखाई दे रही है। जब इन सबके द्वारा लापरवाही की गई तो बडोरा वेयर हाउस संचालक एक महीने तक चुप क्यो बैठे रहे। उनके द्वारा बल्देवगढ़ सोसायटी की टैग लगी बैरियों की सूचना क्यों नहीं दी गई। उड़द की ५० बोरियों की किराया क्यों नहीं वूसला गया। इसके साथ ही यह बोरी वेयर हाउस संचालक पीडीएस के वाहन क्रमांक एमपी ३६ एच ०५१८ से लाखों के माल को बगैर पत्री के कहां पहुंचाया जा रहा था। उनका कहना था की जांच अभी अधूरी है। जांच जल्द ही पूरी की जाएगी।


जांच में हो रहा बिलम्ब
२६ फरवरी को खाद्य विभाग द्वारा चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। जिसमें जिला विपणन अधिकारी डीएमओ अर्जुन सिंह धु्रव, कनिष्ठ यंत्री खाद्य विभाग बल्देवगढ़ नरेश आर्य, कनिष्ठ यंत्री टीकमगढ वैशाली दांगी और वेयर हाउस प्रबंधक डीएस सिसोदिया को शामिल किया गया था। इस टीम द्वारा संबंधित सभी लोगों से बयान दर्ज किए गए है। लेकिन आगे कार्रवाई करने के लिए टीम द्वारा बिलम्ब किया जा रहा है। जिसके कारण जांच कलेक्टर तक नहीं पहुंच पा रही है।
इनका कहना
इस मामले में ४ से ५ जिम्मेदारों द्वारा लापरवाही की गई है। वेयर हाउस संचालक की भी लापरवाही सामने आ रही है। अभी तक चुप क्यो रहे। ऋणमाफी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इस कार्यक्रम में विभाग द्वारा बल्देवगढ़ में ड्यूटी लगाई गई है। रविवार को जांच तैयारी कर कलेक्टर को सोमवार के दिन सौंपी जाएगी।
नरेश आर्य कनिष्ठ यंत्री खाद्य विभाग जांच टीम सदस्य।
जिले में प्रभारी मंत्री का दौरा है। जिसके कारण वहां पर मेरी ड्यूटी लगाई गई है। जांच में दो से तीन घंटे का काम बचा हुआ है। दोषियों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
अर्जुन सिंह ध्रुव डीएमओ जिला विपणन अधिकारी टीकमगढ़।

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