सालों से किसानों की जमीन के तहसील में पड़े नामांत्रण केस

सालों से किसानों की जमीन के तहसील में पड़े नामांत्रण केस

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 16 2018 01:35:30 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 01:35:31 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

जिले के मोहनगढ़ तहसील अव्यवस्थाओं केंद्र बन गई

टीकमगढ़.जिले के मोहनगढ़ तहसील अव्यवस्थाओं केंद्र बन गई है। जहां बाबूओं के कारण किसानों के नामांत्रण सहित अन्य कार्यो में सालों लग रहे है। मामले को लेकर किसानों द्वारा कई बार तहसीलदार को लिखित और मौखित जानकारी दी गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बिहारीपुरा निवासी किसान मुंजी आदिबासी, मडखेरा निवाी आशराम अहिरवार, परखता आदिबासी ने बताया कि तहसीलद में अधिकारियों की जगह बाबूओं का राज बना हुआ है। उनके कारण किसानों को एक घंटे के काम के लिए सालों चक्कर लगाना पड़ रहे है। तहसील के पास विरोध कर किसानों ने कहा कि मोहनगढ़ तहसील में एक साल पहले नामात्रण, सीमांकन और पत्थर गड़्डी करवाने के लिए आवेदन दिया गया था, गोर गांव के किसान का कहना है कि जमीन के बंटन .0700 हेक्टेयर भूमि मिली थी। कई बार पेशी पर आ गए। इसके बाद भी रसीद नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही पर्वत आदिबासी ने बताया कि पंाच माह पहले सीमांकन के लिए आवेदन दिया गया था। कई बार पेशी की गई। जमीन की कई बार नकल और मांगी गई थी। लेकिन अभी तक नकल नहीं दी गई है। किसानों का कहना है कि


बाबूओं द्वारा किसानों को दिया जाता गलत रिकार्ड
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि तहसील में पदस्थ बाबूओं से जमीन की नकल और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की मांग की जाती है। लेकिन बाबूओं द्वारा किसानों को गलत दस्तावेज दिया जाता है। जिसको लेकर किसानों को परेशान होना पड़ता है। इसके साथ ही नामांतर और सीमांकन कराने के लिए किसानों ने तहसीलदार शिकायत की थी। लेकिन मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसको लेकर किसानों ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है।
कई बार की शिकायत नहीं हुई कार्रवाई
किसानों को कहना है कि तहसील में की जा रही अनियमित्ताओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके साथ ही क्षेत्र के लोगों को एक घंटे के कार्य को सालों को किया जा रहा है।

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