निवाड़ी जिले से संचालित हो रही जतारा की नलजल योजनाएं

क्षेत्र में नल-जल योजना भगवान भरोसे चल रहा है। क्षेत्र में यह योजना पूरी तरह से बंद पड़ी हैं।

By: akhilesh lodhi

Published: 26 Jun 2020, 06:00 AM IST


टीकमगढ़/जतारा.क्षेत्र में नल-जल योजना भगवान भरोसे चल रहा है। क्षेत्र में यह योजना पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई दिनों तक पानी नहीं मिलता। इसका प्रमुख कारण यह है कि जतारा क्षेत्र के ग्रामों में संचालित योजनाओं का संचालन निवाड़ी जिले के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। निवाड़ी से जतारा की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है जिसके चलते अधिकारी नल जल योजनाओं के क्रियान्वयन में ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र मिश्रा से यह पूछने पर कि नल जल योजनाओं का संचालन निवाड़ी जिले के अधिकारियों द्वारा क्यों किया जा रहा है तो इस पर उनका जवाब होता है, 'आप इस बारे में पूछने वाले कौन होते हैं?Ó
दस वर्ष से पेयजल समस्या
ग्राम पंचायत बैरवार में पिछले 10 वर्षों से पेयजल के लिए ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। सरकारी फाइलों में टंकी बनी हुई है और पेयजल योजना भी संचालित है, लेकिन इसका लाभ कुछेक लोगों को ही मिल रहा है।


कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति नहीं
रैकवार मोहल्ला, हरिजन बस्ती, आदिवासी बस्ती एवं रजक मोहल्ले में एक बूंद भी पानी इस टंकी आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों को लगभग तीन किलोमीटर दूर बैरवार तिराहे से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वहीं धामना ग्राम पंचायत की नलजल योजना भी 15 दिनों में एक बार ग्रामीणों को पानी दे पा रही है। ग्राम पंचायत बैरवार के राममिलन रजक ने बताया कि गांव की नलजल योजना से पानी नहीं मिल पाता है। कई लोगों को स्वयं के स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
आंखे बंद करके चल रही योजनाएं
जिले में पानी की टंकी के साथ मुख्यमंत्री योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। लेकिन यह योजनाएं अधिकतर कागजों में ही संचालित है। ग्रामीणों की शिकायतों पर पीएचई के बरिष्ठ अधिकारी शिकायत कर्ताओं पर दबाव बनाने का कार्य करते है। अगर प्राथमिक तौर पर पीएचई विभाग द्वारा पेयजल के लिए किए गए कार्यो का निरीक्षण जमीनी स्तर परवरिष्ट अधिकारियों द्वारा किया जाए। ऑफिस में बैठे जिम्मेदार अधिकारी की पोल सामने आ जाएगी।
इनका कहना
योजना विभाग के कर्मचारियों द्वारा संचालित की जा रही है। ग्रामीणों को योजना का लाभ भी दिया है। अगर ऐसा है तो जानकारी करता हूं।
जितेंद्र मिश्रा ईई पीएचई टीकमगढ़।

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