६२ हजार दूसरे प्रदेशों से लौटे मजदूर, मिट्टी निर्माण कार्यो को दी जा रही प्राथमिता

कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए दूसरे प्रदेशों से ६२ हजार मजदूर अपने घर लौटे है।

By: akhilesh lodhi

Published: 05 May 2020, 07:00 AM IST


टीकमगढ़.कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए दूसरे प्रदेशों से ६२ हजार मजदूर अपने घर लौटे है। लेकिन प्रशासन द्वारा उनमें से सिर्फ १० हजार मजदूरों को ही रोजगार मिला है। जहां पंचायतों में मिट्टी मुरम के कार्यो को ही प्राथमिता दी जा रही है। जिसमें ६० फ ीसदी कार्य मजदूरों से लिया जाता है। कही यह निर्माण कार्य मजदूरों के लिए जीवनदान बन गया तो कही संतुष्ठी नहीं मिल रही है। लेकिन भुगतान में ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कुडयाला निवासी मजदूर चुटू पाल, मुन्ना बंशकार, कल्लू बंशकार ने बताया कि अपने जिले से दूसरे जिले और प्रदेशों में मजदूरी करने के लिए गए लोगों को अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए वापस घर लौटना पड़ा। लोकडाउन लम्बा होने से परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा था। जिसके कारण दिल्ली, हरियाणा से आधे की मजदूरी में ग्राम पंचायत के मिट्टी मुरम कार्य में मजदूरी करनी पड़ी। लेकिन भुगतान में परेशानी हो रही है। अगर पंचायतों के निर्माण कार्यो का भुगतान होता रहा तो बाहर कभी भी मजदूरी करने के लिए नहीं जाएगें। वहीं इमलाला सरपंच लक्ष्मन लोधी का कहना है कि रोजगार के लिए जितनी मांग मजदूरों द्वारा की जा रही है। उन्हें तत्काल मजदूरी दी जा रही है। जैसे ह ी मजदूर बढ़ते है तो दूसरे निर्माण कार्य की मांग प्रशासन से की जाएगी।
इन निर्माण कार्यो पर दिया गया जोर
ग्राम पंचायतों में कपिल धारा कूप, खेत तालाब, सुदूर सड़क, तालाब, नदी, पुर्नजीवन के साथ अन्य निर्माण कार्यो पर जोर दिया जा रहा है। इन कार्यो में ६० फीसदी तक मजदूरों को काम दिया जाता है। कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए अपने जिला ६० हजार के करीब मजदूर वापस आए है। लेकिन प्रशासन ने अभी तक १० हजार मजदूरों को ही रोजगार दिया है। हजारों की संख्या में रोजगार के लिए मजदूरों की मांग पड़ी हुए है।


मनरेगा योजना से मजदूरों की बदली किस्मत
पलेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बम्हौरीकलां के मजदूर रामपाल अहिरवार, कालीचरण, रामचरण, भगवान दास अहिरवार, जानकी, अशोक अहिरवार, बृजभान अहिरवार, रामबगस अहिरवार, पातीराम अहिरवार ने बताया कि संकट की घड़ी में हम गरीब मजदूरों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हुई है। अब कभी भी हम अपना गांव छोड़कर पलायन नहीं करेंगे। गांव में ही शासन की योजनाओं के तहत चलने वाले निर्माण कार्यों में काम कर अपने घर परिवार का भरण पोषण करेंगे। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि श्यामलाल अहिरवार ने बताया कि अभी मनरेगा योजना की 14 लाख रुपए की लागत से तलैया का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिसमें ३०० मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार दिया जा रहा है। वहीं जनपद पंचायत सीईओ एमआर मीणा ने बताया कि ३० ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य किया जा रहा है।

akhilesh lodhi Reporting
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