मिड डे मील में बच्चों को दे रहे केवल एक रोटी, बच्चे रह रहे भूखे

मिड डे मील में बच्चों को दे रहे केवल एक रोटी, बच्चे रह रहे भूखे

Akhilesh Lodhi | Publish: Oct, 14 2018 12:39:14 PM (IST) | Updated: Oct, 14 2018 12:39:15 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

चंदेरा शासकीय शालाओं में मध्यान्ह भोजन महज औपचारिकता बन कर रह गई है

टीकमगढ़. चंदेराशासकीय शालाओं में मध्यान्ह भोजन महज औपचारिकता बन कर रह गई है। शासकीय प्राथमिक पाठशाला पतारे का खिरक में मध्यान्ह भोजन में बच्चों को एक-एक रोटी देकर ही टरकाया जा रहा है। इस बीच यदि कोई बच्चा और रोटी की मांग करे तो उसे आधी रोटी और दे दी जाती है।
ग्राम पठारी में स्थित शासकीय प्राथमिक विधालय पतारे का खिरक में हर दिन की तरह ही बच्चों को भोजन बांटने वाली टीम आई। थालियां लगाई गई। लेकिन थाली में सिर्फ एक ही रोटी परोसी गई।
बच्चो के द्वारा और रोटी मांगी गई किन्तु समूह में खाना वितरण करने वालों ने उन्हें सिर्फ एक रोटी देकर ही चुप करा दिया। बच्चे आधा पेट रोटी खाकर ही उठ गए।

 

मीनू के अनुसार नहीं बांट रहे भोजन
मध्याहन भोजन में हर स्वसहायता समूह के लिए कुछ नियमों के तहत भोजन वितरण करने की लिए अनुबंधित किया जाता है। इसी के हिसाब से मीड डे मील उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए सप्ताह भर के लिए मीनू भी उपलब्ध कराया गया है। मीनू के अनुसार सोमवार को रोटी के साथ तुअर की दाल, काबूली चने और टमाटर की सब्जी, मंगलवार को पूरी के साथ खीर-हलुआ व टमाटर की सब्जी, बुधवार को रोटी के साथ चने की दाल और मिक्स सब्जी, गुरुवार को वेजिटेबिल पुलाव और पकोड़ी वाली कड़ी, शुक्रवार को रोटी के साथ मूंग दाल और हरे सूखे मटर की सब्जी या पत्तेदार फल की सब्जी तथा शनिवार को पराठे के साथ मिक्स दाल के साथ हरी सब्जी देना अनिवार्य है। इसके बावजूद शुक्रवार को बच्चों को सिर्फ एक रोटी और आलू की सब्जी परोसी गई। नियमानुसार हर बच्चे के लिए कम से कम 100 ग्राम आटे की रोटी आवश्यक है। 100 ग्राम आटे में औसतन चार फुलके बन जाते हैं। इसके बावजूद सिर्फ एक रोटी परोसी गई।
इस संबंध में सीएसी अमित चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समूह के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। पहले भी भी समूह संचालक को कई बार खाने मेें सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित विभाग को भी अवगत कराया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे निरंकुश हो गए हैं।
टूटे फर्श पर बैठ कर रहे भोजन
स्कूल आने बाले बच्चो को नियमित रूप से आहार देने की बात तो दूर है बल्कि इसके निर्देशों का पालन भी नहीं किया जा रहा। शासकीय प्राथमिक स्कूल पतारे का खिरक में बच्चों को सीमेंट से बने टूटे फर्श की गिट्टी पर बैठाकर भोजन कराया जा रहा है। जहां बच्चे भोजन कर रहे वह पर्याप्त साफ-सफाई भी नहीं होती है। स्कूल में अव्यवस्था के कारण अभिभावकों में रोष व्याप्त है।

मीनू के अनुसार नहीं बांट रहे भोजन
मध्याहन भोजन में हर स्वसहायता समूह के लिए कुछ नियमों के तहत भोजन वितरण करने की लिए अनुबंधित किया जाता है। इसी के हिसाब से मीड डे मील उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए सप्ताह भर के लिए मीनू भी उपलब्ध कराया गया है। मीनू के अनुसार सोमवार को रोटी के साथ तुअर की दाल, काबूली चने और टमाटर की सब्जी, मंगलवार को पूरी के साथ खीर-हलुआ व टमाटर की सब्जी, बुधवार को रोटी के साथ चने की दाल और मिक्स सब्जी, गुरुवार को वेजिटेबिल पुलाव और पकोड़ी वाली कड़ी, शुक्रवार को रोटी के साथ मूंग दाल और हरे सूखे मटर की सब्जी या पत्तेदार फल की सब्जी तथा शनिवार को पराठे के साथ मिक्स दाल के साथ हरी सब्जी देना अनिवार्य है। इसके बावजूद शुक्रवार को बच्चों को सिर्फ एक रोटी और आलू की सब्जी परोसी गई। नियमानुसार हर बच्चे के लिए कम से कम 100 ग्राम आटे की रोटी आवश्यक है। 100 ग्राम आटे में औसतन चार फुलके बन जाते हैं। इसके बावजूद सिर्फ एक रोटी परोसी गई।
इस संबंध में सीएसी अमित चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समूह के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। पहले भी भी समूह संचालक को कई बार खाने मेें सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित विभाग को भी अवगत कराया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे निरंकुश हो गए हैं।
टूटे फर्श पर बैठ कर रहे भोजन
स्कूल आने बाले बच्चो को नियमित रूप से आहार देने की बात तो दूर है बल्कि इसके निर्देशों का पालन भी नहीं किया जा रहा। शासकीय प्राथमिक स्कूल पतारे का खिरक में बच्चों को सीमेंट से बने टूटे फर्श की गिट्टी पर बैठाकर भोजन कराया जा रहा है। जहां बच्चे भोजन कर रहे वह पर्याप्त साफ-सफाई भी नहीं होती है। स्कूल में अव्यवस्था के कारण अभिभावकों में रोष व्याप्त है।

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