१ अरब ६० करोड़ बिजली बिल बांकी, लाइन लॉस का बढ़ा ग्राफ

जिले में बिजली बिलों की वसूली को लेकर कम्पनी के हालात खराब है। पिछला डेढ़ अरब और हाल ही का बिल २३ करोड़ रुपए बिल बांकी पड़ा है।

By: akhilesh lodhi

Published: 24 Aug 2020, 06:00 AM IST


टीकमगढ़.जिले में बिजली बिलों की वसूली को लेकर कम्पनी के हालात खराब है। पिछला डेढ़ अरब और हाल ही का बिल २३ करोड़ रुपए बिल बांकी पड़ा है। वहीं सरकारी कार्यालय में १२ करोड़ के करीब बकाया बिल बांकी पड़े हुए है। शहर में १० में से ७ और ग्रामीणों क्षेत्रों में ३ ही उपभोक्ता बिलों को जमा कर रहे है। जिसके कारण बकाया राशि की बढ़ोत्तरी प्रत्येक महीने बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही ४० फीसदी से अधिक लाइन लॉस हो रहा है। जिसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
विभिन्न स्क्रीमों के साथ कारोबार मालिक और कोरोना काल में उपभोक्ताओं द्वारा बिलों को आर्थिक स्थिति को देखते हुए जमा नहीं कर पाए है। जबकि बिजली कम्पनी द्वारा दर्जनों बार वसूली के लिए शिविर आयोजित किए गए है। लेकिन मामले को लेकर कम्पनी के अधिकारी और कर्मचारी सक्रीय नहीं हो पाए है। जिले में २ लाख ४५ हजार से अधिक सभी प्रकार के उपभोक्ता कम्पनी में दर्ज है। लेकिन शहर के १० उपभोक्ताओं में से ७ और ग्रामीण क्षेत्रों में ३ ही उपभोक्ता बिलों को जमा रहे है। जिसके कारण प्रत्येक महीना कम्पनी का बकाया ११ से १३ करोड़ रुपए जुड रहा है। जिसके कारण पिछला १ अरब ६० करोड़ रुपए और इस महीने का २३ करोड़ रुपए बांकी पड़ा हुआ है।
२ करोड़ २८ लाख यूनिट में ४० फीसदी लाइन लॉस
जिले में २ लाख ४५ हजार उपभोक्ता को बिजली दी जा रही है। इन उपभोक्ताओं को एक महीने में २ करोड़ २४ लाख यूनिट दर्ज की जा रही है। जिसकी करोडा़े रुपए में दर्शाई जा रही है। इस यूनिट की राशि में ८ से ११ करोड़ रुपए तक वसूली ही जा रही है। जिसमें कुछ राशि को वसूल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ४० फीसदी से अधिक लाइन लॉस भी हो रहा है। जिसके कारण कम्पनी को वसूली के साथ लाइन लॉस में परेशान में परेशानी हो रही है।
एक महीने में १४ करोड़ से अधिक का आ रहा बिल
एसई ने बताया कि जिले में २ लाख से अधिक उपभोक्ता है। जिसमें ५० फीसदी भी उपभोक्ता बिजली बिलों को जमा नहीं कर रहा है। जबकि वसूली के लिए दर्जनों बार शिविर आयोजित किए गए है। उनका कहना था कि एक महीने में १४ करोड़ से अधिक बिल आता है। विभिन्न नियमों में उपभोक्ताओं से ८ से ११ करोड़ रुपए वसूली कर पाते है।

कोरोना काल की २० करोड़ वसूली बांकी
विभाग के अधिकारियों का कहना था कि कोरोना काल के समय बिजली बिलों की वसूली नहीं हो पाई है। जिसके कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वह राशि २० करोड़ से अधिक पड़ी हुई है। उसको वसूलने के लिए कम्पनी द्वारा प्रयास भी किए जा रहे है। लेकिन मामले की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है।
डिजीटल से जोडऩे में उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
जब से विद्युत विभाग में बिल माफी की योजनाएं चलाई। तभी से उपभोक्ताओंं को डिजीटल इंडिया से जोडऩे और ऑनलाइन बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया गया। उसी समय से बिल जमा होने में कमी दिखाई दी है। कही पर इंटरनेट सुविधा न होने और कही पर इंटरनेट धीमा चलने से राशि जमा नहीं हो पा रही है। जिसके कारण बिजली की राशि में बढ़ोत्तरी हो रही है।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल उपभोक्ता - २ लाख ४५ हजार
जिले में कुल बिजली बिलों की बकाया राशि - १ अरब ६० करोड़ रुपए
एक महीने की कुल बिजली यूनिट - २ करोड़ २८ लाख
एक का बिजली बिल - १४ करोड़
एक माह में ४० फीसदी लाइन लॉस - २ करोड़ ५० लाख रुपए
कुल वितरण केंद्र - १९
इनका कहना
शहर क्षेत्रों में १० में से ७ और ग्रामीण क्षेत्रों में ३ ही उपभोक्ता बिलों को जमा कर रहे है। १६० करोड़ रुपए पिछला बिल बकाया पड़ा हुआ है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने का भी ३ से ४ करोड़ रुपए बांकी रह जाता है। जिसके कारण बकाया करोड़ो में पड़ा हुआ है। उसकी वसूली के लिए शिविरों को लगाया जा रहा है।
एमके सोनी एसई बिजली कम्पनी टीकमगढ़।

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