ओरछा के राम पर सरकार का फोकस

पर्यटन नगरी का होगा कायाकल्प,देश ही नहीं विदेशों में भी होगी ओरछा की ब्रांडिग

By: vivek gupta

Published: 25 Nov 2019, 12:22 PM IST

टीकमगढ़..ओरछा के रामराजा मंदिर का रंग जब पूरे नगर की इमारतो पर होगा तो राम के शहर का नजारा अलग होगा। ओरछा की एक एक गली और एक एक मोनोमेंट का नजारा बदला जाएगा। नगर में पुल, लाईटिंग, बेतवा में राफ्ंिटग, संगीत उत्सव ,बुंदेली खानपान, बेतवा की महाआरती से लेकर वो सब होगा,जो ओरछा को अनूठा बनाएगा।

पर्यटन की नजर में ओरछा ऐसा होगा कि देश ही नहीं विदेशी सैलानी भी आने को मजबूर हो जाएगें। प्रदेश के मुख्य सचिव एस आर मोहंती ने रविवार को ओरछा में पर्यटन विकास को लेकर अधिकारियों की बैठक के बाद यह बात कही।

इस दौरान उन्होंने ६ मार्च से ८ मार्च २०२० तक होने वाले ओरछा महोत्सव को लेकर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य सचिव मोहंती ने प्रशासनिक अमले के साथ ओरछा के प्रमुख पर्यटन स्थलों श्रीरामराजा मंदिर, राजमहल, चतुर्भुज मंदिर, जहांगीर महल, कंचना घाट,

छतरियां, शीशमहल, राय प्रवीण महल, हरदौल बैठका ,लक्ष्मी मंदिर, वल्चर संरक्षण स्थल, तुंगारण्य अभ्यारण्य के साथ ही ५०० वर्ष पुराने कल्पवृक्ष का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

कल्पवृक्ष देखने पहुंचे मुख्य सचिव
मुख्य सचिव मोहंती ने पर्यटन नगरी के गंज मोहल्ला में स्थित कल्पवृक्ष के दीदार किए। इस दौरान उन्होंने करीब ५०० वर्ष पुराने वृक्ष के संरक्षण को लेकर निर्देश दिए। इसके साथ ही कल्पवृक्ष के पास ही युवाओ के लिए संगीत उत्सव कराने के निर्देश दिए।

विदेशी सैलानियो से जाना कैसा हो ओरछा

इस दौरान मुख्य सचिव ने ओरछा पैलेस निरीक्षण के दौरान स्पेन से आए विदेशी सैलानियो के साथ बैठक की । सीएस ने पूछा कि आप लोगो को किस तरह का वातावरण और सुविधाएं ओरछा में चाहिए। जिस पर सैलानियो ने बताया कि ओरछा में खजुराहो की अपेक्षा प्राकृतिक वातावरण है। वहां केवल मोनोमेंट है,जबकि ओरछा में गजब की शांति है। उन्होनें ओरछा में संगीत महोत्सव किए जाने की बात कही।


१०० दिन में होगा ओरछा का कायाकल्प
मुख्य सचिव मोहंती ने कहा कि आने वाले १०० दिनों में ओरछा का विकास कर तस्वीर बदल दी जाएगी। बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिसमें ओरछा के सभी पुरातत्वीय स्मारकों के सुधार के साथ पहुंच मार्ग बनाए जाएंगे। बेतवा किनारे महाआरती का आयोजन होगा। गंज मोहल्ला में स्थित कल्पवृक्ष के पास युवाओ के लिए म्यूजिक फेस्टिवल किया जाएगा। आउटडोर कैम्पिंग, होम स्टे, राफ्टिंग के अलावा ओरछा अभ्यारण्य को भी प्रमोट किया जाएगा।

शासन की मंशा हैं कि जिस रंग का श्रीरामराजा मन्दिर हैं ,उसी रंग में नगर के सभी मकान हो। इसके लिए नगर के लोगो से सम्पर्क करेंगे। ओरछा में कई आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। नगर के प्रमुख स्थानों के आसपास अलग अलग रंग व डिजाइन की गुमटियों को शासन लोगो से एक्सचेंज कर एक रंग व एक डिजाइन की गुमटियां रखी जाएंगी।

ओरछा के पास घुरारी नदी पर स्टॉप डेम का निर्माण किया जाएगा। नगर की स्ट्रीट लाइटों को सोलर लाइटों में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि बेतवा जामनी नदी के पुलो का निर्माण होगा। वैसे तो रामराजा मंदिर और ऐतिहासिक स्मारकों की वजह से ओरछा की अलग पहचान हैं।

पूरे मध्यप्रदेश में कम ही ऐसी कोई जगह हो जंहा इतने बडे एतिहासिक स्मारकों के साथ साहित्यिक व धार्मिक विरासत हो। पूरे मप्र में करीब साढे तीन लाख विदेशी पर्यटक आते हैं ,जिसमे एक लाख पर्यटक केवलओरछा घूमने आते हैं। उन्हौने कहा कि ओरछा महोत्सव के माध्यम से यंहा विकास की शुरुआत की जा रही हैं। १०० दिन के अंदर पर्यटन नगरी में एक नया माहौल दिखेगा।


यह रहे मौजूद
इस दौरान प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग एवं प्रभारी सचिव निवाड़ी पंकज राग, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जनसम्पर्क विभाग संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त जनसंपर्क और नगरीय प्रशासन एवं विकास पी नरहरि, सचिव एवं आयुक्त पर्यटन विकास निगम फैज अहमद किदवई, एमडी एमपीआरडीसी सुदाम खाड़े एवं संबंधित अधिकारी के साथ ही निवाडी कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सहित जिले के अधिकारी मौजूद रहे।

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