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कृषि विभाग की लापरवाही, कीटनाशक दवाओं की दुकानों का नहीं किया जा रहा निरीक्षण

.कृषि विभाग से बीज और कीटनाशक दवाएं मिलना बंद हो गई है। अब किसानों को दुकानों से खरीदकर अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पक्के बिल के साथ संबंधित दस्तावेजों को तैयार करके जमा करना पड़ेगा है।

टीकमगढ़

Published: July 23, 2022 07:34:10 pm

टीकमगढ़.कृषि विभाग से बीज और कीटनाशक दवाएं मिलना बंद हो गई है। अब किसानों को दुकानों से खरीदकर अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पक्के बिल के साथ संबंधित दस्तावेजों को तैयार करके जमा करना पड़ेगा है। फिर कुछ समय बाद डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि किसानों के खातों में पहुंचाई जाएगी। लेकिन कीटनाशक दुकानदार बगैर बिल और गारंटी के ही दवाओं का विक्रय कर रहे है। जिसमें किसानों को अनुदान की संभावना खत्म और नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खास बात तो यह है कि कृषि विभाग बोवाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने बाद सैम्पल लेना शुरु करता है। जो किसानों के हित में कुछ नहीं रहता है। वह सिर्फ विभाग के दस्तावेजों को पूरा करने में खानापूर्ति करते रहते है।
टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में १२० बीज और ५५ कीटनाशक दवाओं के लायसेंस जारी किए गए थे। 8० बीज के लायसेंसों की तारीख निकल गई है। उनके द्वारा लायसेंसों को रिन्यूबल नहीं किया गया है। जबकि जिले दिगौड़ा, लिधौरा, जतारा, पलेरा, बम्हौरीकलां, मुहारा, चंदेरा, देरी, खरगापुर, कुडीला, बल्देवगढ़, बुडेरा, बड़ागांव धसान, समरा, लार, डिकौली, हटा, गौर, मोहनगढ़, बम्हौरी बराना, अचर्रा, पृथ्वीपुर, जेरोन, मडिया, सिमरा, ओरछा, निवाड़ी, तरीचरकलां, नैगुवां के साथ सैकड़ों गांवों और नगरपरिषदों में बगैर लायसेंस की दुकानों का संचालन किया जा रहा है। उसके बाद भी कृषि विभाग के अधिकारियों ने बीज और कीटनाशक दवाओं के सैम्पल लेना शुरु नहीं किया है। अगर कुछ सैम्पल ले भी लिए है तो उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। जब तक खरीफ की बोवाई और दवाओं का छिड़काव हो जाएगा। किसानों द्वारा खरीदी गई दवाओं से होने वाले नुकसान का सामना करना होगा।
7० फीसदी से अधिक कृषि पर आधारित है लोग
किसान रामस्वरुप राजपूूत, चिंतामन राजपूत, रामभरोसे यादव, संजय यादव और रविंद्र यादव ने बताया कि टीकमगढ़ जिला 7० फीसदी से अधिक कृषि पर आधारित है। खरीफ सीजन और रबी सीजन पर किसानों को खाद बीज और दवाओं की जरुरत पड़ती है। उसी में जिले के कीटनाशक दुकान संचालिक बगैर बिल और गारंटी के नीदा मार और खरपतबार को खत्म करने की दवाओं का विक्रय करते है। उसमें कई दवाएं ऐसी भी बेची जाती है, जिनका दाम अधिक और खरपतबार के साथ नीदा पर असर कम दिखाई देता है। इस नुकसान को बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा पहले से कोई प्लान नहीं बनाया जाता है। सभी बोवाई और दवाओं के छिड़काव के बाद कृषि विभाग खानापूर्ति करके अभियान को सफल बना लेता है। आंकड़ों की बाजीगरी करके बाहवाही लूट लेते है। जिसमें किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ता है।
 Pesticides being sold without bills and guarantees
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अवैध दु

कानों की दवाओं से किसानों को हो रहा नुकसान
जिले में ५५ कीटनाशक दवा दुकानों का रजिस्टेशन कृषि विभाग में दर्ज है। वहीं बीज की दुकानों का रजिस्टेशन १२० से अधिक है। जबकि टीकमगढ़ जिले में ही ३०० से अधिक कीटनाशक और ५०० से अधिक बीजों की दुकानों का संचालन हो रही है। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा किसानों को नुकसान से बचाने का कार्य नहीं कर रहे है। जिसके कारण किसानों को पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अमानकता का सामना करना पड़ेगा।
कृषि विभाग नहीं करता बोवाई के पहले नहीं करता तैयारी
किसान मुखिया राजपूत, रामनरेश यादव, सुखदीन अहिरवार और राजेश कुशवाहा का कहना था कि किसानों द्वारा खरीफ सीजन की तैयारियां एक महीने पहले कर ली जाती है। उसके बाद बीजों और दवाओं का उपयोग किया जाता है। लेकिन कृषि विभाग द्वारा बोवाई के बाद तैयारियां की जाती है, अगर सैम्पल लिए भी जाते है तो उनकी रिपोर्ट महीनों बाद आती है। जिसके कारण किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। मामले से जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जानकारियां देने से बच रहे है।
फैक्ट फाइल
टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में कुल कीटनाशक लायसेंस-५५
टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में कुल बीज लायसेंस- १२०
टीकमगढ़ का कुल प्रस्तावित रकवा- २३१३५० हेक्टेयर
निवाड़ी का कुल प्रस्तावित रकवा- 79५४० हेक्टेयर
टीकमगढ़ निवाड़ी
धान - १००० हेक्टेयर धान - ०१५० हेक्टेयर
मक्का - ०.१५० हेक्टेयर मक्का - ०.१०० हेक्टेयर
ज्वार - ०.५०० हेक्टेयर ज्वार - ०.०५० हेक्टेयर
उड़द - १३२३५० हेक्टेयर उड़द - २9०५० हेक्टेयर
मूंग - २.०५०० हेक्टेयर मूंग - १००० हेक्टेयर
अरहर - ०.५०० हेक्टेयर अरहर - ०.४०० हेक्टेयर
तिल - १५००० हेक्टेयर तिल - ३५०० हेक्टेयर
मंूगफली - ६६7०० हेक्टेयर मूंगफली - ४५०9० हेक्टेयर
सोयाबीन - १३१०० हेक्टेयर सोयाबन - ०.२०० हेक्टेयर
इनका कहना
अभी बैठक में हूं। उसके बाद बात करता हूं।
डीके जाटव प्रभारी उपसंचालक कृषि किसान कल्याण टीकमगढ़।

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