Bharat Bandh : प्रहलाद पटेल को दिखाएं काले झंडे, बौखलाकर मीडिया पर लगाए आरोप

Anil Kumar Rawat | Publish: Sep, 05 2018 06:32:30 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण एवं हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन का विरोध मुखर होता जाता है।

टीकमगढ़. प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण एवं हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन का विरोध मुखर होता जाता है। बुधवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं दमोह सांसद के साथ ही टीकमगढ़ जिले की पूरी भाजपा को इसका विरोध झेलना पड़ा। भाजपा की पालक संयोजक की बैठक में पहुंचे आरक्षण उन्मूलन क्रांतिदल के युवाओं ने काले झंडे दिखाकर आरक्षण को खत्म करने के नारे लगाए। इस विरोध से बौखलाएं सांसद ने इसका पूरी ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ दिया।
प्रदेश में पदोन्नति की आरक्षण का मामला जहां शांत नही हो रहा था, वहीं केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में एससीएसटी एक्ट में संशोधन कर, आग में घी डालने का काम कर दिया है। एससीएसटी एक्ट में नवीन प्रावधान कर संसद में बिल पास करने के बाद यह आग पूरे देश में जलने लगी है। बुधवार को जिले में भी सामान्य जाति के युवाओं ने आरक्षण उन्मूलन क्रांतिदल के बैनर तले जमकर इसका विरोध किया।

दिखाएं काले झंडे: बुधवार को एक विवाह घर में भाजपा की पालक संयोजकों की बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें जिले भर के पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही भाजपा के सभी विधायक के साथ ही दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, बैठक लेने के लिए आए हुए थे। पार्टी की यह महात्वपूर्ण बैठक चल ही रही थी कि अचानक से कुछ युवा अंदर प्रवेश कर गए और काले झंडे दिखाकर जमकर आरक्षण के विरोध में नारेबाजी की। इससे पहले की भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कुछ समझ पाते युवाओं ने जमकर विरोध किया। स्थिति को भांपते हुए तत्काल ही कुछ पार्टी पदाधिकारियों ने मंच से नीचे उतर कर इन युवाओं को बैठक से बाहर किया।


मीडिया पर निकाली भड़ास: बैठक के बाद जब मीडिया ने प्रहलाद पटेल से काले झंडे दिखाने एवं एससीएसटी कानून के विषय में पूछा तो उन्होंने इसका पूरा ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ दिया। उनका कहना था कि मुझे इस बात का बेहद दुख है कि पत्रकार अगुवाई करके आए। उनका कहना था कि प्रदर्शन करने का यह तरीका नही होता है। मीडिया पर लगाए गए इस आरोप के बाद जब उन्हें लगा कि कुछ गलत हो गया है तो तत्काल ही उन्होंने दोबारा अपनी बात करने के लिए मीडिया को बुलाया।

अपनी बात कही, नही दिया जबाव: दोबारा मीडिया के सामने आए पटेल ने इस एससएसटी एक्ट के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि भाजपा संवैधानिक व्यवस्था का पालन करने वाली पार्टी है। पार्टी यह मानती है कि वह कड़ी का काम कर रही है। उनका कहना था कि जब बिल पास हुआ तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने झूठ के धरातल पर देश में एक माहौल तैयार किया था कि केन्द्र की मोदी सरकार आरक्षण को खत्म करने का काम कर रही है। कांग्रेस का यह अपराध अक्षम्य है। उनका कहना था कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां पर किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नही होगा। कानून तो बहुत सारे होते है। इसके बाद जब पटेल से पूछा गया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट को लेकर निर्णय दे दिया था तो फिर बिल लाने की क्या आवश्यकता थी, प्रहलाद पटेल इस प्रश्र का जबाव नही दिया और अपनी गाड़ी में बैठ गए।

मरते दम तक किया जाएगा विरोध: वहीं आरक्षण एवं एससीएसटी एक्ट का विरोध कर रहे आरक्षण उन्मूलन क्रांतिदल के युवाओं का कहना था कि मरते दम तक इसका विरोध किया जाएगा। विरोध का नेतृत्व कर रहे उदित प्रकाश सौनकिया का कहना था कि आरक्षण जाति के आधार पर नही आर्थिक आधार पर होना चाहिए। सरकार जब तक इस एक्ट को वापस नही लेती है विरोध जारी रहेगा। आरक्षण के विरोध को लेकर वह हर सीमा तक जाने के लिए तैयार है।

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