सहायक पोस्ट मास्टर को नहीं मिली माफी, देना होगा जुर्माना

सहायक पोस्ट मास्टर को नहीं मिली माफी, देना होगा जुर्माना

Manish Kumar Dubey | Publish: Apr, 17 2018 10:47:17 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

जानकारी न देकर दोषियों को बचाना पड़ा महंगा, सूचना के अधिकार का मामला

टीकमगढ़..दो वर्ष तक सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देकर दोषियों को बचाने वाले अधिकारी खुद ही कार्रवाई के दायरे में आ गए है। सोमवार को हुई वीडियों कॉफे्रंस में दिल्ली में बैठे केन्द्रीय सूचना आयुक्त से पहली गलती के नाम पर माफी मागंना भी भोपाल के अन्बेषण और सतर्कता के सहायक पोस्टमास्टर जनरल डी आर मंडल को काम नही आया। केन्द्रीय सूचना आयुक्त मदाभूषनम श्रीधर आचार्युलू ने
स्पष्ट शब्दों में जानकारी देर से देने और आवेदक को परेशान करने के मामले में जुर्माना लगाने की बात कही । हालाकिं उन्होंने जुर्माने की राशि की जानकारी नही देते हुए परीक्षण के बाद आदेश जारी करने की बात कही । खास बात है कि इस मामले में डाक विभाग के 4 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
वीडियो कांफे्रस में दिए निर्देश
जिले के जतारा जनपद के बिलगायं गांव में हुए फर्जी खातों की जांच की जानकारी आरटीआई के तहत न दिए जाने के मामले में सोमवार 16 अप्रैल को वीडियों कॉफे्रंस हुई। जिसमें दिल्ली में जहां केन्द्रीय सूचना आयुक्त मदाभूषनम श्रीधर आचार्युलू बैठे तो वही भोपाल में अन्बेषण और सतर्कता के सहायक पोस्टमास्टर जनरल डी आर मंडल थे। जबकि टीकमगढ़ के एनआईसी में आवेदक रामसेवक घोष के साथ प्रतिनिधि अरविंद्र जैन मौजूद रहे। वीसी शुरू होते ही केन्द्रीय सूचना आयुक्त ने सहायक पोस्टमास्टर जनरल से देर से जानकारी देने का कारण पूछा। लेकिन वह कोई संतोषजनक जबाब नही दे पाए। आवेदक रामसेवक घोष ने बताया कि सहायक पोस्टमास्टर जनरल
मंडल के द्वारा पहली गलती हीेने की बात कहते हुए माफी की भी मांग की गई,लेकिन केन्द्रीय सूचना आयुक्त आचार्युलू का कहना था कि यह आधार नही हो सकता है। उन्होनें जुर्माना तय किए जाने के आदेश दिए। इस दौरान केन्द्रीय सूचना आयुक्त ने पीडि़त रामसेवक से भी जानकारी ली। जिसमें उसने बताया कि ग्राम पंचायत बिलगांय में हुए भ्रष्टाचार के मामले की जांच की जानकारी को लेकर पिछले 2 वर्ष से परेशान है। जिले से शुरू हुई सूचना के अधिकार की लड़ाई छतरपुर,भोपाल होते हुए जब दिल्ली के सूचना आयुक्त कार्यालय पहुंची है। केन्द्रीय सूचना आयुक्त आचार्युलू ने भोपाल के अन्बेषण और सतर्कता के सहायक पोस्टमास्टर जनरल डी आर मंडल पर जुर्माना के आदेश जल्द ही भेजने की बात कही।

यह है मामला
आवेदक रामसेवक घोष के प्रतिनिधि अरविंद्र जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत बिलगायं में सचिव राजेश जैन और अन्य की मिलीभगत से मनरेगा योजना के तहत फर्जी खाते खोलकर राशि निकाली गई थी। गांव के २३ खाताधारियों के खाते में राशि डालने और निकालने की शिकायत की जांच डाक विभाग की विजिलेंस टीम के अधिकारी रवि माने के द्वारा की गई थी। 8 जुलाई को इस मामले की जांच करते हुए बर्माडांग और बिलगांय में जाकर डाक विभाग के विजिलेंस टीम के अधिकारी रवि माने और अधिकारियों द्वारा की गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट लेने के लिए उन्होंने 10 सितम्बर 2016 को छतरपुर डाक अधीक्षक को आरटीआई का आवेदन दिया था। जिसमें जांच रिपोर्ट के साथ ही २३ खाताधारकों की जानकारी मांगी गई थी। लेकिन डाक विभाग के द्वारा 3 अक्टूबर को जानकारी देने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद 24 अक्टूबर को अपील की गई लेकिन भोपाल में भी इसका निराकरण न होने पर 1 दिसंबर 2016 को केन्द्रीय सूचना आयोग दिल्ली में गुहार लगाई गई। जिसके बाद पहली बार 8 मार्च को केन्द्रीय सूचना आयुक्त ने वीडियों कॉफे्रंस करके जानकारी देने के आदेश दिए थे। जिससे जानकारी नसीब हो पाई।

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