लॉकडाउन में स्वयंसेवी संस्थाओं के भरोसे दिहाड़ी श्रमिक

कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए जारी लॉकडाउन में गरीब जनता तक भोजन उपलब्ध कराने की योजनाएं बनाई गई हैं।

By: akhilesh lodhi

Published: 07 Apr 2020, 06:00 AM IST

टीकमगढ़. कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए जारी लॉकडाउन में गरीब जनता तक भोजन उपलब्ध कराने की योजनाएं बनाई गई हैं। केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी राशि राज्यों को उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद टीकमगढ़ शहर में सैकड़ों दिहाड़ी मजदूर इस सुविधा से वंचित हैं। टीकमगढ़ शहर में एक अनुमान के मुताबिक करीब १३ सौ से लेकर डेढ़ हजार दिहाड़ी श्रमिक मेहनत-मशक्कत कर रोजी-रोटी कमाते हैं। शासन की तरफ से इन मजदूरों तक भोजन पहुंचाने की शहर में कोई योजना मूर्त रूप नहीं लेती दिख रही है। शहर के इन दिहाड़ी मजदूरों तक सुबह-शाम भोजन या फिर खाद्य पदार्थ पहुंच भी रहा है या नहीं, इसकी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं दिख रहा है। हालांकि शहर की सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाएं इस दिशा में अच्छी पहल कर अधिक से अधिक दिहाड़ी श्रमिकों तक भोजन उपलब्ध कराने का भरसक प्रयास कर रही हैं। वहीं, शहर के विभिन्न वार्डों के लिए निर्धारत राशन रथ वार्डों तक नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में कफ्र्यू के कारण शहर के विभिन्न वार्डों में निवासरत सैकड़ों परिवारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


नगर के लोगों को नहीं मिल रही सुविधाएं, गांव में मिल रहा खेतों में काम
लॉकडाउन होने के बाद प्रशासन ने भले ही असहाय और दिहाड़ी श्रमिकों के लिए भोजन सामग्री के साथ भोजन पैकेट वितरण करने की बात कही हो। लेकिन यह सुविधाएं ग्राम पंचायत को छोड़ नगर में दिखाई नहीं दे रही है। जहां सबसे अधिक जरूरी है जो लॉकडाउन के कारण घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है। प्रशासन द्वारा वार्डबाय राशन रथ तो चलाए जा रहे है। लेकिन उनके राशन खरीदने के लिए पैसा नहीं है। वहीं ग्राम पंचायतों में खेती का कार्य जोरो से चल रहा है। जिन्हें गांव में मजदूरी मिल रही है और वह भरपेट भोजन पा रहे है।
प्रशासन के भरोसे रहते भूखे दिहाडी वाले श्रमिक
नगरपालिका क्षेत्र में १३ सौ से अधिक दिहाडी वाले लोग रह रहे है। लॉकडाउन के पहले से घरों से निकलना बंद हो गया है। घरों में रहने के कारण मजदूरी भी संभव नहीं है। जिन्हें खाने के लाले पड़ रहे है। वहां प्रशासन के सिर्फ नियम ही पहुंच रहे है। लेकिन सुविधाएं नहीं। अगर नगर और जिले में सामाजिक संस्थाएं भोजन सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने का कार्य नहीं करती तो प्रशासन के भरोसे उन्हें भूखे रहना पड़ता।
इनका कहना
दिहाडी श्रमिक लोगों की मद्द करने के लिए सामाजिक संस्थाओंं का सहयोग लिया जा रहा है। नगर में करीब २ हजार के करीब भोजन पैकेट वितरण किए जा रहे है। अगर ऐसी स्थिति है तो उन लोगों तक भोजन पहुंचाया जाएगा।
विकाश आनंद डिप्टी कलेक्टर टीकमगढ़।

akhilesh lodhi Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned