नेशनल लोक अदालत में पीडि़तों को मिली राहत, किए गए राजीनामें

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को एडीआर सेन्टर, जिला न्यायालय परिसर में किया गया।

By: akhilesh lodhi

Published: 10 Mar 2019, 08:00 AM IST

टीकमगढ़. नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को एडीआर सेन्टर, जिला न्यायालय परिसर में किया गया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अरुण कुमार शर्मा एवं अतिथियों ने मां सरस्वती एवं महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। विदित हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2019 में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में जिले में आज वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत के शुभारंभ समारोह में विषेष न्यायाधीश ललित किशोर गर्ग, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश डीके मित्तल, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश सुनील कुमार भदौरिया, सीजेएम निर्मल मंडोरिया, न्यायाधीश रामसहारे राज, अमर सिंह सिसोदिया, परमानंद चौहान, पंकज शर्मा, हर्षिणी यादव, प्रियंका बुंदेला, राधाकृष्ण यादव, प्रशिक्षु न्यायाधीश आशीष शर्मा, दीक्षा दोहरे, प्राची कौरव, तेज सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी बृजेश पटैल, जिला अभियोजन अधिकारी सहायक प्रमोद राय, शासकीय अभिभाषक लखन लाल नायक, पीएलवी महिमा दीक्षित, ईई विद्युत मंडल टीकमगढ़ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।


नेशनल लोक अदालत हेतु टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले के लिए 9 खंडपीठों का गठन किया गया है। इनमें टीकमगढ़ मुख्यालय में 4, जतारा में 2, निवाड़ी में 2 तथा ओरछा में एक खंडपीठ का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों को निराकरण के लिए लिया गया है।
जिला न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां विभिन्न विवादों के पक्षकार आपसी सुलह एवं समझौते से अपने प्रकरणों का निराकरण करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा ऐसा करने पर उनके बीच की वैमनस्यता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। जिला न्यायाधीश ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से ही हम एक विवाद रहित समाज की संकल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में पक्षकारों के द्वारा सौहाद्रपूर्ण वातावरण में निराकृत हुए प्रकरणों में कोर्ट फीस भी पूरी तरह वापस हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में बैंक वसूली, विद्युत, जलकर एवं अन्य प्रिलिटिगेशन प्रकरणों के साथ ही न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, चेक बाउंस प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, विद्युत विभाग के प्रकरण, वैवाहिक एवं पारिवारिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रकरण एवं समस्त प्रकार के सिविल प्रकरणों सहित अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।

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