कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण केंद्र में लाया गया लाखों का सामान हुआ नष्ट, नपा का नहीं ध्यान

शहर से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे से बनने वाली जैविक खाद के लिए १६ वर्ष पहले नगरपालिका द्वारा योजना बनाई गई थी।

By: akhilesh lodhi

Published: 01 Mar 2020, 06:00 AM IST

टीकमगढ़.शहर से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे से बनने वाली जैविक खाद के लिए १६ वर्ष पहले नगरपालिका द्वारा योजना बनाई गई थी। जिसके लिए लाखों रुपए की लागत से मशीनों को खरीदकर कृषि उपज मंडी के पीछे ढोंगा पर कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र में रखा गया था। उसमें कई कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था। वर्ष २०१९ में उस स्थान को बीएसएनएल टावर के आगे स्थानांतरण कर दिया गया। लेकिन उन मशीनों पर जंग ने कब्जा कर लिया है। जो जैविक खाद एक सपना बनकर रह गई है।
नगरपालिका द्वारा कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र को ढोंगा के आगे स्थानांतरण कर दिया है। लेकिल कचरे से निकलने वाली जैविक खाद किसी भी प्रकार की नहीं बनाई जा रही है। नपा की अनदेखी के कारण पुराने कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र पर रखी मशीनों और छन्नों पर जंग ने कब्जा कर लिया है। १० होदियों में पड़ा जैविक खाद मिट्टी में तब्दील हो गया है। जिसमें नाडैप खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद और कम्पोस्ट खाद निर्माण किया जा रहा था। वहां की सुरक्षा के लिए लाखों रुपए से बनाए गए इंतजाम भी बदहाल हो गए है। ट्यूब बैल के साथ हैंडपंप, कई कमरा भी एक साल में खण्डहर हो गए है।
स्वच्छता अधिकारी कर रहे गुमराह, नहीं बन रही खाद
पत्रिका की टीम ने पुराने और नए कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र पर शनिवार को देखा तो वहां के हालात उलट दिखे। न तो दोनों जगहों पर किसी भी प्रकार का खाद बनाया जा रहा था और न ही सूखा और गीले कचरे के लिए कोई स्थान चयनित था। शहर से आने वाले सभी प्रकार के कचरे को वाहन खाई में डाल रहे थे।
1६ वर्ष पहले रखी थी जैविक खाद बनाने की नीव
कृषि उपज मंडी के पीछे ढोंगा मैदान के पास दो पंच वर्षीय पूर्व कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र की नीव रखी थी। इसके बाद नए नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा कचरा केंद्र का विस्तार किया गया था। जहां नाडैप खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद और कम्पोस्ट खाद निर्माण करने के लिए होदियां, फर्स, बिजली, पानी का हैंडपंप और ट्यूब बैंल लगाया गया था। खाद के अपशिष्टों को छानने के लिए मशीनें लगाई गई थी। उनकी देखभाल के लिए नपा के कई कर्मचारियों को तैनात किया गया था। लेकिन अब वह सपना बनकर रह गया है।


नए और पुराने कचरा केंद्र पर नहीं बनता जैविक खाद
लाखों की लागत से बनाया गया जैविक खाद का कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र सिर्फ नाम मात्र के लिए बनाया गया है। केंद्र की मशीनें के साथ अन्य सामान कबाड़ में पड़े हुए है। नपा के स्वच्छ अधिकारी की लापरवाही से दोनों जगहों पर न तो जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया चालू है और न ही निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन उनके द्वारा शहर और वार्डो में खाद बनाने और पार्को में डालने की झूठी अफवाह प्रत्येक कार्यक्रम में फैलाई जा रही है।
जैविक खाद के लिए यह किए गए थे प्रयास
नगरपालिका द्वारा दो पंचवर्षी पूर्व ढोंगा मैदान कृषि उपज मंडी के पीछे कचरा अपशिष्ट प्रबंधन को एकत्रित किया गया था। मशीनों के लिए सीमेंट शेडों का निर्माण किया गया था। बिजली व्यवस्था और कचरा एकत्रित करने के लिए फर्स बनाया गया था। पानी के लिए हैंडपम्प लगाया गया था। अपशिष्ट प्रबंधन मशीनों से कचरे को नष्ट करने के साथ ही जैविक खाद बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके साथ ही अलग-अलग कार्य करने के लिए करीब कई लोगों को काम पर रखा गया था। लेकिन नगरपालिका ने मशीन लगाने के बाद उन यंत्रों का कोई उपयोग ही नहीं किया गया। नतीजन यह कि मशीनों को जंग खा गई। कुछ पार्टस गायब हो गए है।
इनका कहना
कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण केंद्र को नए स्थानांतरण पर जल्द ही चालू किया जाएगा। मशीनों को लगा दिया है। वहां खाद भी बनाई जाएगी।
हरिहर गंर्धव सीएमओ नगरपालिका टीकमगढ़।

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