बैंकों में लगी किसानों की भीड़, मजबूरी में भूल गए है लॉकडाउन का सोशल डिस्टेंस

बैंकों की शाखाओं में लोगों की भीड़ सोशल डिस्टेंस तोड़ती नजर आई है।

By: akhilesh lodhi

Published: 18 Apr 2020, 05:00 AM IST

टीकमगढ़.बैंकों की शाखाओं में लोगों की भीड़ सोशल डिस्टेंस तोड़ती नजर आई है। जहां पर ना तो बैंक प्रबंधकों द्वारा उनके कार्यो को पूरा किया जा रहा है और ना ही लॉकडाउन का पालन किया जा रहा है। किसान परिवार की मजबूरी को लेकर कोरोना संक्रमण और धारा १४४ के प्रावधान को भूल गए है।
शुक्रवार और शनिवार को सुबह ९ बजे से दोपहर तक नगर में संचालित बैंक शाखाओं में लोगों की भीड़ नजर आई। लोगों में फासला एक फुट का भी नजर नहीं आया। लेकिन बैकों के अंदर नियमों में पहुंचे। बस्तियों और मोहल्लों में जागरूकता का संदेश देने वाले लोग ही सोशल डिस्टेंस का नियम तोड़ते नजर आए। यहां बैंकों में जनधन के साथ पेंशनर और किसान ही लाइनों में दिखाई दिए। लाइनों में सभी लोग अपनी-अपनी ब्यथा सुना रहे थे।
२५वें लॉकडाउन, किसानों की रूपयों को लेकर बिगड़ हालत
जिले में १५ मार्च से रबी फसलों का कार्य शुरू हो गया था। मंडी को २३ मार्च से आगामी आदेश तक बंद रहने के निर्देश दिए थे। पंजीयन पर दो दिन पूर्व से खरीदी शुरू हो गई है। लेकिन मजोले किसानों की हालत आर्थिक स्थिति को लेकर दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। खेती में कार्य करने वाले लोग और कृषि यंत्रों का किराया देने के लिए रुपए नहीं है। जिसके कारण किसानों की हालत लॉकडाउन के २५वें दिन बिगड़ रही है।


बैंकें में पहुंचते ही भूल गए सोशल डिस्टेंस
बैंकों के बाहर भले ही एक-एक मीटर पर चूना के गोले बनाए गए हो। लेकिन बैंकों में पहुंचते ही लोग देश, प्रदेश और जिले के साथ शाखाओं के सारे नियम भूल गए। पैसे लेने के लिए दो लाइनें खचाखच भरी देखाई दे रही थी। वहां पर कोई किसी की सलाह और नियमों का पालन नहीं कर रहा था। अगर समय रहते बैंकों में सोशल डिस्टेंस की व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी दिनों मे वायरस को लेकर लोगों को परेशान होना पड़ेगा।

akhilesh lodhi Reporting
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