नगरवासियों के दरवाजों पर उजाला नहीं होता तो सड़कों पर फैल जाता अंधेरा

नगरपालिका की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। टैक्स के रूप में प्रत्येक साल रहवासियों द्वारा रुपए जमा किए जा रहे है।

By: akhilesh lodhi

Published: 24 Aug 2020, 05:00 AM IST


टीकमगढ़.नगरपालिका की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। टैक्स के रूप में प्रत्येक साल रहवासियों द्वारा रुपए जमा किए जा रहे है। इसके बाद भी शहर की सभी सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है। अगर रहवासियों के दरवाजों पर उजाला नहीं होता तो शहर अंधेरे में पड़ा होता। जबकि रहवासियों द्वारा स्ट्रीट लाइट चालू करने के लिए कई बार शिकायत कर चुके है।
पत्रिका की टीम ने शनिवार की रात ८ बजे से ११ बजे रात तक शहर की सड़कों का जायजा लिया तो वहां की स्थिति उजाले के नाम पर उलट थी। नया बस स्टेण्ड से लेकर अस्पताल तक, ईदगाय से रेलवे पुल तक कुछ ही स्ट्रीट लाइटें चालू दिखाई दी। अगर रहवासियों द्वारा दरवाजों और दुकानों के सामने बल्व नहीं लगाए होते तो सड़कों पर अंधेरा छाया रहता। जबकि मामले को लेकर पत्रिका ने एक बार लोगों की शिकायत पर खबर का प्रकाशन भी किया था। लेकिन मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
छतरपुर रोड़ पर होती है घटनाएं
मऊचुंगी निवासी पीयूष खरे, लक्ष्मी रजक, पुष्पेंद्र सिंह और दिनेश साहू का कहना था कि रात ९.३० के बाद शहर की सड़कें सूनसान हो जाती है। उसके बाद भी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी रहती है। जिसके कारण अंधेरा छाया रहता है। अंधेरा का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों द्वारा हल्की लूट की घटनाओं के साथ अन्य घटनाओं को अंजाम दिया गया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


इन स्थानों की लाइट बंद
नगर के रौरइया रोड़ से पानी की टंकी, नूतन विहार रोड़, मंडी से झांसी रोड़, अस्पताल से रेलवे पुल तक, अम्बेडकर से नया बस स्टेण्ड के साथ र्अन्य स्थानों की अधिकतर लाइटें बंद पड़ी है। कुछ स्थानों की लाइटें चालू है तो रूक- रूककर रोशनी दे रही है।

akhilesh lodhi Reporting
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