कम होने लगे संक्रमण के मरीज, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बढऩे लगा संकट

जिसमें संक्रमण की रफ्तार अप्रेल से शुरू हुई थी। रफ्तार बढऩे से जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें आयोजित की गई।

By: akhilesh lodhi

Published: 12 May 2021, 09:11 PM IST


टीकमगढ़.जिसमें संक्रमण की रफ्तार अप्रेल से शुरू हुई थी। रफ्तार बढऩे से जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें आयोजित की गई। उन में लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया। लेकिन शासन स्तर पर निरस्त कर दिया। उसके बाद दोवारा लॉकडाउन लगाने के लिए पत्र भेजा गया। उसके बाद १४ अप्रेल से जिले को लॉकडाउन घोषित कर दिया। अप्रेल के अंत तक आंकड़ों की संख्या बढ़ती नजर आई। मई शुरू होते ही शहरीय क्षेत्रों के आंकड़े कम होने लगे। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के आंकड़ों में बढोत्तरी दिखाई देने लगी। लेकिन अब शहर में सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उडाई जा रही है। हर गली और मोहल्ला में भीड़ भीड़ नजर आ रही है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि अभी खतरा टला नहीं है।
कोरोना संक्रमण ने कई परिवारों को बर्बाद करके रख दिया है तो कई परिवारों के नवयुवकों की जिंदगी भी छीन ली है। इसके बाद भी अभी सिलसिला अभी थमा नहीं है। शहरीय क्षेत्रों में तो कुछ हद तक आंकड़ों में कमी आई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब रफ्तार ने जोर पकड़ लिया है। लेकिन कल से ग्राम पंचायत के कर्मचारियों ने कलम बंद हड़ताल करना शुरू कर दिया है। रोक टोक भी बंद हो गया है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खतरों की घंटी बजने लगी है। यहां तक प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों भी बेअसर होने लगी है।
छूट का गलत उठा रहे फायदा, लगा रहे भीड़ भीड़
शहर में सब्जी, दूध के साथ अन्य घर की जरूरतों को खरीदने के लिए प्रशासन द्वारा सुबह छूट दी गई है। लेकिन उस छूट का शहरीय क्षेत्र के लोगों द्वारा गलत फायदा उठाया जा रहा है। ९ बजे के बाद तक अस्पताल रोड, स्टेंट बैंक, जवाहर चौराहा, नजाई दरवाजा, कटरा बाजार, नरैया मोहल्ला, मोटे का मोहल्ला, डॉ खान की गली, जय स्तम्भ चौराहा, पपौरा चौराहा के साथ अन्य स्थानों पर भीड़ भीड़ मंगलवार की सुबह ९ बजे के बाद तक देखी गई। वहीं व्यक्ति घंटो तक एक ही स्थान पर बैठे देखे गए।


यह गांव हुए संक्रमण, दबंग और प्रशासन की धमकियां से सूचनाएं आना हुई बंद, बढ़ सकता है खतरा
निवाड़ी जिले का लुहरगुवां, टीकमगढ़ जिले का बैडरी, समर्रा, अस्तौन, मवई के साथ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण फैल चुका है। प्रशासन द्वारा भले ही गांव को चारों ओर से बंद कर दिया हो। घर-घर जाकर संक्रमण की जांच और दवाओं का वितरण किया जा रहा हो। लेकिन प्रशासन पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर पा रही है। संक्रमण कर्ता खुले में घूम रहे है। ग्रामीणों द्वारा सूचना दी जाती है तो उसका शिकार ग्रामीणों को दोनों से होना पड़ता है। जिसके कारण अब ग्रामीणों ने भी अब सूचना देना बंद कर दिया है।
हर चौराहा पर तैनात है प्रशासन
सुबह ८.३० के बाद प्रतिदिन पुलिस प्रशासन के साथ नगरपालिका के कर्मचारियों को प्रमुख चौराहों पर भीड़ को हटाने के लिए तैनात किया जाता है। लेकिन नगर के लोग जागरूक नहीं हो रहे है। महामारी के बाद भी सड़कों पर घूमना और दरवाजों के सामने सुबह के साथ शाम को देर रात बैठ रहे है। इसस वह स्वयं को खतरे में डाल रहे है। इसके साथ ही अपने पड़ोसियों और शहर के लिए खतरा पैदा कर रहे है। पुलिस और नगर पालिका द्वारा लगातार भीड़ भाड़ खत्म करने की कोशिश कर रहे है। लेकिन जिम्मेदार गलियों के साथ बालकनी में बैठ रहे है। जो शहर के खतरा पैदा कर रहे है। वहीं प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की गाइड लाइन का पालन करवा रहे है।
फैक्ट फाइल
सैम्पल टीकमगढ़ निवाड़ी कुल
अभी तक जांच के लिए सैम्पल ८७८९५ ५३९९६ १४१८९१
वर्तमान में सक्रीय पॉजिटिव ९०६ ६१ ९६७
स्वस्थ्य होकर घर लौटे मरीज ५३९२ २७६७ ८१५९
निगेटिवों की संख्या ८०३२४ ४९५९२ १२९९१६
रिजेक्ट जांचें ५९१ ०० ५९१
कोरोना संक्रमण से कुल मौते ८८ ०८ ८८

akhilesh lodhi Reporting
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