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महाविद्यालय को मिली पांच विषयों में शोद्य कार्य कराने की मान्यता

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्वविद्यालय की छह सदस्यीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद पांच विषयों में शोद्य कार्य की मान्यता मिल गई है। अब जिले के छात्र शोद्य कार्य की उपाधि कर पाएगें। इससे टीकमगढ़ का नाम शिक्षा के क्षेत्र में देश और प्रदेश में दर्ज हो गया है।

टीकमगढ़

Published: May 15, 2022 08:50:32 pm

टीकमगढ़.शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्वविद्यालय की छह सदस्यीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद पांच विषयों में शोद्य कार्य की मान्यता मिल गई है। अब जिले के छात्र शोद्य कार्य की उपाधि कर पाएगें। इससे टीकमगढ़ का नाम शिक्षा के क्षेत्र में देश और प्रदेश में दर्ज हो गया है। बाहर के छात्र-छात्राएं शोद्य कार्य करने के लिए आएगें। महाविद्यालय में सभी विषयों की प्रयोग शालााएं और जरुरी सामग्री की सूची बनना शुरु हो गई है। अब कुछ ही दिनों में दो विषयों में भी शोद्य कार्य की मान्यता मिल जाएगी।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ को महाराजा छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय से शोद्य कार्य कराने की मान्यता प्रदान की गई है। महाविद्यालय के पांच विभाग वनस्पति शास्त्र, रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र, हिन्दी और अंंंंंंग्रेजी को शोद्य केंद्र बनाया गया है। अब जिले के छात्रों को इन विषयों में शोद्य उपाधि के लिए अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस शोद्य कार्य की उपाधि को हासिल करने के लिए छात्र-छात्राओं को सबसे पहले विश्व विद्यालय की डीइटी परीक्षा में प्रवेश लेना होगा। उसके बाद ही शोद्य कार्य में सम्मलित होना पड़ेगा।
अप्रेल में आई थी विश्वविद्यालय से टीम
कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि महाराजा छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को शोद्य कार्य के लिए मान्यता मिली है। उसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से टीकमगढ़ महाविद्यालय में शोद्य केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव दिया था। उस प्रस्ताव के बाद समिति का गठन किया गया था। समिति में छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय से संयोजक डॉ ममता बाजपेयी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधिी प्राध्यापक/ प्रभारी अकादमिक डॉ बहाुदर सिंह परमार, सदस्य डॉ बहादुर सिंह परमार हिन्दी विषय से छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर, छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर से रसायन शास्त्र की प्राध्यापक डॉ अर्चना जैन, अंग्रेजी विभागध्यक्ष छत्रसाल बुंंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर डॉ बीपी सिंह गौर, वनस्पति शास्त्र से प्राध्यापक डॉ पीएल प्रजापति, भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक डॉ एसडी चतुर्वेदी द्वारा महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया। उसके बाद शोद्य केंद्र के लिए जगह को चयनित करके मान्यता के लिए प्रतिवेदन भेज दिया है। यह टीम निरीक्षण के लिए अप्रेल में आई थी।
इन विभागों को मिली शोद्य केंद्र मान्यता
कॉलेज प्रशासक डॉ आजाद अहमद मंसूरी ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय में शोद्य केंद्र की मान्यता के लिए २ लाख ६२ हजार रुपए फीस के नाम पर जमा करवा लिया गया है। उसके बाद वनस्पति शास्त्र, रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र, अंग्रेजी और हिंदी विषयों के लिए शोद्य केंद्र की मान्यता दी गई है। उसके लिए पांच विषयों के लिए केंद्र बनाया जाएगा। जल्द ही छात्रों को सुविधाएं दी जाएगी।
Students will not go out to do PhD
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इनका कहना
वनस्पति शास्त्र के लिए शोद्य कार्य की मान्यता मिलना छात्रों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। कई छात्रों को शोद्य कार्य के लिए बाहर जाना पड़ता था। उसके लिए प्रयोगशालाएं बनाई जाएगी। उन शालाओं में छात्रों को शोद्य से संबंधित पढाई कराई जाएगी।
डॉ. वीएस शाक्य वनस्पति विभागध्ययक्ष महाविद्यालय टीकमगढ़।

हमारे महाविद्यालय को पांच विषयों में शोद्य केंद्र की मान्यता विश्वविद्यालय से प्राप्त हुई है। ये अकादमिक उत्कृष्टता की ओर महाविद्या का एक और कदम है। महाविद्यालय के शोद्य केंद्रों में देश और प्रदेश के छात्र-छात्राएं कार्य करेंगे।
डॉ आजाद अहमद मंसूरी भौतिक शास्त्र विभागध्यक्ष एवं प्रशासक महाविद्यालय टीकमगढ़।
जिले को शोद्य केंद्र मिलना बड़़ी उपलब्धि है। अभी पीएसडी में प्रवेश के लिए परीक्षा ली गई है। जो छात्र पास होगें, उनके विषय निर्धारित किए जाएगें। फिर समरी जमा करने के बाद कोर्स में काम किया जाएगा। फिर विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा ली जाएगी। इसके बाद पास होने का प्रवेश प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उसके बाद आरडीसी बैठक होगी। उसमे पंजीयन किया जाएगा। फिर चार साल की पढ़ाई के लिए छात्रों का चयन किया जाएगा।
डॉ. केसी जैन हिन्दी विभागध्यक्ष महाविद्यालय टीकमगढ़।
महाविद्यालय प्रगति पर है। अभी पांच शोद्य केंद्र मिले है दो विषयों पर भी मंथन चल रहा है। उन विषयों के लिए भी जल्द ही शोद्य केंद्र विश्वविद्यालय द्वारा दिए जाएगें। टीकमगढ़ महाविद्यालय का नाम देश और प्रदेश में जुड़ गया है।
डॉ एपी चतुर्वेदी लीड प्राचार्य महाविद्यालय टीकमगढ़।

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