मेले में बनारसी साड़ी, कढ़ाई वाले सूट बने पहली पसंद

मेले में बनारसी साड़ी, कढ़ाई वाले सूट बने पहली पसंद

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 05 2018 12:23:48 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

नगर भवन में आयोजित आल इंडिया हैण्डलूम में वस्त्र महिलाओं और युवतियों को लुभा रहे है

टीकमगढ़. नगर भवन में आयोजित आल इंडिया हैण्डलूम में वस्त्र महिलाओं और युवतियों को लुभा रहे है। यंहा राजस्थानी बाडमेर, सांगेेनरी, वेजिटेबिल प्रिंट बेडसीट के साथ उज्जैन की मशहूर बटिक प्रिंट जो मोम से डिजाइन बनाकर प्रिंट किए गए है। बेहतरीन डिजाइन के साऊथ इंडियन सूट, लखनवी साड़ी, टॉप, मोटे धागों की बारीक कढ़ाई से तैयार सूट और बनारसी साड़ी भी आकर्षण का केंद बनी हुई है। मेला संचालक इरफान खान ने बताया कि यंहा ट्रेडिशनल सूट, साडी, बेड सीट, खादी के कुर्ता देश के अलग-अलग राज्यों से लाए गए है, जो यंहा के लोगों का मन लुभा रहे है।
नए फैशन के कपडों को खरीदने उमड़े लोग
फैशन डिजाइन कपड़ों और एक्सेसरी पर डिज़ाइन और सौंदर्य को साकार करने की कला है। फैशन डिजाइन सांस्कृतिक और सामाजिक व्यवहार से प्रभावित होते हैं , समय और जगह के साथ बदलते रहे हैं। फैशन डिजााइनर कपड़े और साधन डिजाइन करने में विभिन्न तरीकों से काम करते हैं। कुछ डिजाइनर अकेले या कुछ समूह में काम करते हैं। वे सुंदर तरीके से डिजाइन किए कपड़ों के प्रति उपभोक्ता की इच्छा को संतुष्ट करते हैं। डिजाइन के बाद कपडों को बाजार में लोग बेहद पंसद कर रहे है।

देखने में लग रहे अच्छे कपड़े
फैशन डिजाइन प्रयास करते हैं कि उनके बनाए हुए कपड़े सिर्फ उपयोगिता की दृष्टी से ही नहीं बल्कि दिखने में भी अच्छे लगें। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए। वह कपड़ा कौन पहनेगा और उसे किन मौकों पर पहना जाएगा। काम करने के लिए कपड़ों की विस्तृत श्रंखला और सामग्री का संयोजन होता है और इसके साथ ही रंगों, नमूनों और शैलियों की भी विस्तृत श्रंखला होती है। हालांकि ज्यादातर रोज़ाना पहने जाने वाले कपडे पारंपरिक शैली की श्रेणी में आते हैं। कुछ अलग तरह की पोशाकें कुछ खास मौकों के लिए होती हैंए जैसे कि शाम को पहने जाने वाली पोशाकें या फिर पार्टी में पहने जाने वाले परिधान।

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