गुणवत्ताहीन गेहूं खरीदने में आगे प्रबंधक और सर्वेयर

जिले के खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जोरों से किया जा रहा है। लेकिन किसानों से खरीदे गए गेहूं की क्वालिटी पर किसी की नजर नही है।

By: akhilesh lodhi

Published: 08 May 2021, 08:41 PM IST


टीकमगढ़. जिले के खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जोरों से किया जा रहा है। लेकिन किसानों से खरीदे गए गेहूं की क्वालिटी पर किसी की नजर नही है। प्रत्येक केंद्रों पर गुणवत्ताहीन गेहूं को खरीदने का सिलसिला जारी है। वहीं वेयर हाउसों पर आए ट्रकों में लदे गेहूं को जमा करने के पहले रिजेक्ट किया जा रहा है। उसके बाद उसे दोवारा जमा किया जा रहा है। जिस पर सवालिया निशान बना हुआ है। इसके साथ ही बारदाना भी खस्ताहाल है। जो ३० फीसदी खराब बताया जा रहा है। जिसकी सूचनाएं भी जिला प्रशासन को दी जा रही है।
१०४ खरीद केंद्रों से ११ लाख ७४ हजार ५२ क्विंटल गेहूं को समर्थन मूल्य के तहत खरीदा गया है। उसमें से ८ लाख के करीब वेयर हाउसों में रखा गया है। खास बात यह है कि गेहूं की क्वालिटी सरकारी खरीद के लिए सही नहीं आ रही है। उसके बाद भी समिति प्रबंधक, सर्वेयरों के साथ जिम्मेदार विभाग द्वारा लगातार खरीदी की जा रही है। वहीं समितियों का अनाज वेयर हाउसों में जमा होने के लिए आ रहा है। जहां नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों द्वारा पहले उसी गेहूं को निरस्त कर देता है। उसके बाद उसे पास कर वेयर हाउस में जमा कर देता है। जो विभाग के साथ जिले में चर्चा की विषय बना हुआ है। वहीं नागरकि आपूर्ति अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है।
शोपीस रखे गए छन्ना
किसानों से समर्थन मूल्य में अनाज खरीदने के पहले छन्ना से छान्ने के निर्देश थे। लेकिन समिति प्रबंधक, खरीद प्रभारियों के साथ सर्वेयरों ने उन छन्नों को एक कोने में खड़ा करके सीधे वेयर बारदाना में भरकर जमा करवा दिया है। लेकिन मामले में जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसका नुकसान सरकार को उठाना पड़ेगा।
५० फीसदी से अधिक खराब निकलेगा वेयर हाउसों में अनाज
समर्थन मूल्य के तहत शुक्रवार तक ११ लाख ७४ हजार ५२ क्विंटल अनाज को खरीदा गया है। खरीदे गए अनाज का परिवहन भी किया जा रहा है। जिसकी देखरेख के लिए कई विभागों के जिम्मेदारों को जिम्मेदारी दी गई है। जिसमें सिर्फ खाद्य विभाग और मप्र वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पेरेशन द्वारा जांच की जा रही है। वहीं उपार्जन एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम का गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं है। इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी, उपायुक्त सहकारिता विभाग, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक, कृषि विभाग, कृषि उपज मंडी सचिव और नजूल विभाग के अधिकारी दिखाई नहीं दे है। इन लापरवाही सरकार को कही नुकसान ना पहुंचा दे।


परिवहन अनाज का नान नहीं कर रहा जांच
निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले के खरीद केंद्रों से ट्रांसपोर्टो द्वारा समर्थन मूल्य का अनाज परिवहन किया जा रहा है। लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी द्वारा उन ट्रांसपोर्टो के वाहनों में रखे अनाज की जांच नहीं की जा रही है। वहीं जांच की भी जाती है तो पहले ट्रक के अनाज को रिजेक्ट किया जाता है। इसके बाद कुछ ही घंटों में उस सही सावित करके वेयर हाउस में रख दिया जाता है।
१ अप्रेल से १ ही बार जांच करने पहुंची नान
विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि खरीद का कार्य १ अप्रेल से शुरू हुआ था। उसी दिन से सर्वेयरों को केंद्र पर पहुंचाया गया था। जब से आज तक लाखों क्विंटल खरीद की जा चुकी है। लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी आज तक खरीद केेंद्रों पर नहीं पहुंची है। जिसके कारण सर्वेयर और प्रबंधक मनमानी कर रहे है।
इनका कहना
डिवाइन वेयर हाउस पर बगैर छन्ना से किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा था। जिसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा और गेहूं की जांच की। जहां गेहूं अमानक पाया गया। पंचनामा बनाकर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बना दिया है। इसके साथ ही नान को खरीद केंद्रों पर जांच करने जाना चाहिए। यह बात भी सही है कि गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीदी नहीं हो रही है। निरीक्षण कराने के लिए बरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी जाएगी।
हिमांशु प्रजापति सहायक कलेक्टर एवं प्रभारी खाद्य अधिकारी टीकमगढ़।

akhilesh lodhi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned