घोषणा बनकर रही गई उद्यानिकी विभाग की कई योजनाएं

उद्यानिकी में रूचि लेने वाले किसानों की आर्थिक मदद करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने दर्जनों योजनाएं शुरू की है।

By: manish Dubesy

Published: 24 May 2018, 12:11 PM IST

अखिलेश लोधी,टीकमगढ़.उद्यानिकी में रूचि लेने वाले किसानों की आर्थिक मदद करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने दर्जनों योजनाएं शुरू की है। योजनाओं की घोषणा के बाद लक्ष्य तो जारी किया गया है। लेकिन बजट के अभाव में योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई है। इसके साथ ही कई दिनों से विभाग का पॉर्टल बंद पड़ा हुआ है। जिसके कारण किसानों को इस बार उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ मिल पाना संभव नहीं है। योजनाओं की घोषणा के बाद सरकार ने उद्यानिकी विभाग से फसलों का लक्ष्य मंगवाया है। जिसके चलते पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कम लक्ष्य दिया है। बजट के अभाव में किसानों की आर्थिक मदद करने वाली योजनाएं विभाग और कागजों तक ही सीमित रह गई है।


किसानों के साथ अधिकारियों को सता रहा डर
ग्रीष्मकालीन फसल की बोवनी खत्म हो गई है। खरीफ की फसल की बोवनी नजदीक आने से किसानों के साथ अधिकारयों को डर सताने लगा है, कि कही इस बार भी योजना घोषणा बनकर नहीं रह जाए। सब्जी, फल, मसाला ,फूल जैसी फसलों की बोवनी करने वाले किसान पिछले वर्षो की तुलना कम है। इसके बाद भी किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सब्जी, फल, मसाला ,फूल वाले किसानों द्वारा कई दिनों से उद्यानिकी विभाग के चक्कर लगा चुके है।


कम हो रही किसानों के संख्या
योजनाओं के तहत अनुदान जारी होने पहली व्यवस्था के लिए किसानों को केवल कुछ ही योजनाओं का लाभ मिल सका है। कई योजनाएं केवल घोषणाएं तक ही सीमित रह गई है। जिसके कारण जिले के किसान उद्यानिकी में रूचि लेने से दूर भाग रहे है। सब्जी, फल, मसला और फूल की खेती करने वाले किसानों की संख्या कम होती जा रही है।

ऑनलाइन प्रक्रिया बनी बाधा

योजनाओं का क्रियावयन में सबसे बड़ी बाधा ऑनलाइन प्रक्रिया रही है। पिछले वर्ष की तुलना में योजना का लाभ किसानों को कम मिला है। योजनाओं में कहने को तो शासन ने लक्ष्य जारी कर रखा है। लेकिन ज्यादातर समय पॉर्टल बंद रहने के कारण सैकड़ों किसान बंचित रहे है। जिसके कारण सैकडों किसान योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन ही नहीं कर पाए है।


केवल एक योजना में बजट के आए पत्र
बर्तमान योजना का लाभ पिछले वर्ष जैसा ही जान पड़ रहा है। शासन स्तर से बजट जारी होते ही ढाई महीना से अधिक गुजर गया है। लेकिन अभी तक फल पौधरोपण योजना सहित कई योजनाओं के बजट के रूपए में सरकार ने केवल बजट के लिए पत्र जारी किया है। पिछले कई दिनों से पॉर्टल बंद होने से योजनाओं का लक्ष्य जारी होने के बाद किसान बंचित है।


उद्यानिकी मिशन योजना
सघन फलोद्यान कलमी आम पौधरोपण ड्रिप सहित करने पर तीन वर्ष तक अनुदान मिलता है। प्रति हेक्टेयर 36 हजार रूपए ,दुसरे और तीसरे वर्ष 12-12 हजार रूपए मिलता है। ऑपन पौलीनेटिड क्रॉप बेजिटेबिल योजना के तहत सब्जी के बीज खाद और कीटनाशक के लिए प्रति हेक्टेयर 35 हजार रूपए अनुदान मिलता है। पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत गैंदा,ग्लोर्डिया, मार्केट की खेती करने वालो को प्रति हेक्टेयर 16 हजार रूपए का अनुसादन दिया जाता है। फसलोत्तर प्रबंधन योजना के तहतपैक हाऊस संरचना पर दो लाख रूपए का अनुसादन दिए जाने का प्रावधान है। घरेलू बागवानी आदर्श योजना के तहत बीपीएल कार्डधारी वाले किसानों को निशुल्क दिया जाता है। इसके साथ ही पौधों का वितरण किया जाता है।


यह है योजनाएं
घरेलू बागवानी आदर्श योजना, सब्जी और मसाला क्षेत्र विस्तार योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, संरक्षित खेती योजना,राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, एक्रीकृत जीवनाशी प्रबंधन योजना, जैविक खेती की योजना,पौधरोपण योजना का विस्तार करने के लिए अभी सरकार ने बजट नहीं दिया है।


यह रखा लक्ष्य
सब्जी की खेती का कुल लक्ष्य - 90 हेेक्टेयर
मसाला की खेती का कुल लक्ष्य -100 हेक्टेयर
फल की खेती का कुल लक्ष्य - 60 हेक्टेयर
फूल की खेती का कुल लक्ष्य - कुछ नहीं


इनका कहना
शासन द्वारा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के बजट की घोषणाएं की गई थी। लेकिन अभी तक विभाग में उन योजनाओं का बजट नहीं आया है। शासन स्तर से बजट की जानकारी के लिए सिर्फ पत्र दिए गए है। इसके साथ कई विभाग का पॉर्टल बंद होने के कारण जानकारी नहीं मिल पा रही है। जल्द ही पॉर्टल चालू हो जाएगा।किसानों को योजनाओं का लाभ जल्द ही दिया जाएगा।
एस एस कुशवाह सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग टीकमगढ़।

manish Dubesy Desk
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