पोषक नहर का पानी हो रहा वापस, दरगांयकलां का तालाब खाली

पोषक नहर का पानी हो रहा वापस, दरगांयकलां का तालाब खाली

akhilesh lodhi | Publish: Sep, 03 2018 01:06:03 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

तालाब भरने के लिए पोषक नहर का निर्माण किया गया था

टीकमगढ़.जिले में 800 एमएम से अधिक बारिश होने के बाद भी दरगांय कलां और दरगांयखुर्द का तालाब खाली पड़ा हुआ है। तालाब भरने के लिए पोषक नहर का निर्माण किया गया था। लेकिन पोषक नहर का निर्माण सही नहीं होने के कारण नहर का पानी तालाब में न जाकर वापस हो रहा है। तालाब को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया गया है।
दरगांयकलां निवासी दुर्गाप्रसाद यादव और दरगांय खुर्द निवासी गोबंदी यादव, छतपाल सिंह ठाकुर, जितेंद्र साहू, रामबगस यादव ने बताया कि जिले के चंदेल कालीन तालाब भरने के लिए जामनी नदी से हरपुरा नहर परियोजना से 12 तालाबों को भरा जाना था। लेकिन दरगांयकलां और दरगांयखुर्द के नीचे से हरपुरा नहर का गहरा निर्माण कर मोहनगढ़ तालाब सहित अन्य तालाबों को भरा जा रहा है। नहर गहरी होने के कारण दोनों तालाबों का पानी नहर में जा रहा है। जिसके कारण तालाब बारिश दौर में भी खाली होते जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि तालाबों को भरने के लिए पोषक नहरों का निर्माण किया गया था। इस पोषक नहर को शुरूआत में चौड़ा और तालाबों के पास सकरी नाली बना देने से पोषक नहर का पानी वापस हरपुरा नहर में जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मूसलाधार बारिश में तालाब नहीं भरे गए तो रबी के सीजन में सैकड़ों किसानों को खेती से बंचित होना पड़ेगा। जिसको लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से तालाबों को भरने की मांग की है। अगर तालाबों को नहीं भरा गया तो अमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

तालाब को भरने ग्रामीणों ने दर्जनों बार दिए ज्ञापन
दरगांय खुर्द और दरगांय कलां के किसानों का कहना है कि दोनों तालाबों को भरने के लिए क्षेत्र के किसानों ने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए है। इसके बाद भी तालाब भरने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहा है। प्रशासन द्वारा अगर जल्द ही तालाब नहीं भरा गया तो क्षेत्र के किसानों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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