किसानों को अब पेट पालने की चिंता

केंद्रीय दल के साथ ही राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और जिले के अधिकारियों से हालात समझने के बाद दल ने पृथ्वीपुर के नैगुंवा और मडिया गांव में

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 16 Nov 2017, 01:51 PM IST

टीकमगढ़/पृथ्वीपुर. बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में इस वर्ष अल्प वर्षा ने भीषण हालात पैदा कर दिए हैं। केंद्रीय दल ने निरीक्षण के दौरान देखा तो हैंडपंपों में जहां पानी नहीं है वहीं कुएं का धरातल नजर आ रहा है। किसानों ने अल्प वर्षा के कारण बोवनी तक नहीं की है और अब उन्हें अपने ही पेट पालने की चिंता सता रही है। यह बात केंद्रीय दल के सामने बुधवार को आई जब दल के सदस्यों ने क्षेत्र के पृथ्वीपुर क्षेत्र के नैगुंवा का निरीक्षण किया।
जिले में सूखे का जायजा लेने बुधवार को तीन सदस्यीय केंद्रीय दल ओरछा पहुंचा। केंद्रीय दल के साथ ही राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और जिले के अधिकारियों से हालात समझने के बाद दल ने पृथ्वीपुर के नैगुंवा और मडिया गांव में जाकर किसानों से भी जानकारी ली। इस दौरान टीम के सदस्यों ने किसानों के खेतों पर जाकर पेयजल के हालात, रबी और खरीफ फसलों की स्थिति की जानकारी ली। केंद्रीय टीम के द्वारा जल्द ही प्रतिवेदन भारत सरकार को दिए जाने की बात कही गई है। जिससे जिले के किसानों को सूखे का मुआवजा मिलने के साथ ही पेयजल के इंतजामों के लिए राहत राशि की उम्मीद जताई जा रही है।
दल ने कहा जल्द भेजेंगे प्रतिवेदन
केन्द्रीय दल की अगुवाई कर रहे पी के बोरता ठाकुर ने कहा कि उनके द्वारा निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान जो हालात उन्हें मिले है, उसकी रिपोर्ट शीघ्र ही केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। जिससे जल्द ही इस दिशा में उचित पहल की जाएगी। जिससे समय रहते किसानों को राहत मिल सके और क्षेत्र में पालयन की समस्या से निपटा जा सके।

सात हैंडपंप एक में पानी, 6 सूखे

ओरछा में प्रशासन से जानकारी लेने के बाद केन्द्रीय दल पृथ्वीपुर क्षेत्र के नैगुंवा गांव पहुंचा। जांच दल ने नैगुवां के सतीश बिदुआ के खेत पर जाकर रबी फसल जानकारी ली तो किसान के द्वारा बोवनी ही नहीं की गई थी। निरीक्षण के दौरान 7 हैंडपंपों में एक चालू पाया गया,जबकि 6 हैंडपंप सूखे के कारण बंद मिले। इसके बाद शासकीय कुओं का निरीक्षण किया। जिसमें पानी पूरी तरह धरातल में पहुंच गया था। किसानों से बात करने पर उन्होंने सूखे के कारण होने वाले दर्द की कहानी बयां कर दी। इसके बाद जांच दल भगवानदास अहिरवार के कुएं पर गया। जहां आसपास के कुओं पर जाकर देखा तो रबी सीजन की फ सलों की कोई बोवनी नहीं की गई थी। किसानों के द्वारा उचित मुआवजा दिए जाने और खाने के लिए अनाज की व्यवस्था की बात की। इसके साथ ही सूखे के कारण पशुओं को चारा और पानी की व्यवस्था कराए जाने की गुहार केंद्रीय दल से की। केंद्रीय दल ने मडिय़ा में भी खेतों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने केन्द्रीय दल से मांग करते हुए उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। जिससे उन्हें पलायन नहीं करना पड़े।
साथ ही लोगों ने पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग भी की।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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