ओरछा में 20 वर्ष बाद देखा ऐसा पानी, जन-जीवन प्रभावित

ओरछा में 20 वर्ष बाद देखा ऐसा पानी, जन-जीवन प्रभावित

Anil Kumar Rawat | Publish: Sep, 03 2018 11:29:49 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

लगातार जारी बारिश के कारण पूरा जिला पानी-पानी हो गया

टीकमगढ़. लगातार जारी बारिश के कारण पूरा जिला पानी-पानी हो गया। इस बारिश का सबसे ज्यादा असर पर्यटन नगरी ओरछा में दिखाई दिया और यहां बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। बेतवा के ऊफान पर होने के कारण जहां होटलों सहित कुछ स्थानों पर घरों में पानी भर गया। वहीं सातार नदी के ऊफान पर होने से ओरछा का झांसी से भी संपर्क कटा रहा। शाम 4 बजे सातार पर पानी कम होने पर ही यातायात प्रारंभ हो सका।

लगातार जारी बारिश के बाद ओरछा का पूरा जन-जीवन प्रभावित बना रहा। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश का रविवार को पूरे जिले में असर दिखाई दिया। बारिश का सबसे ज्यादा असर ओरछा में देखने को मिला। यहां से निकली बेतवा, जामनी और सातार नदियों के साथ ही अन्य नाले भी ऊफान पर बने रहे। आलम यह था कि देर रात्रि 2 बजे के लगभग से ही ओरछा का जिले के साथ ही झांसी सहित अन्य स्थानों से संपर्क कट गया था और यह पर्यटन नगरी टापू में परिर्वतित हो गई थी। ओरछा में बेतवा नदी के ऊफान पर होने के कारण बेतवा से लगे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने रहे।

14 लाख क्यूसेक लीटर पानी छोड़ा: पिछले 24 घंटे में माताटीला डेम से लगभग 14 लाख क्यूसेक लीटर पानी छोड़ा गया है। इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने से बेतवा नदी में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। शनिवार की दोपहर से माताटीला डेम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सुबह 3 बजे के लगभग 5 लाख क्यूसेक लीटर पानी छोड़े जाने के बाद अचानक से ओरछा में पानी भर गया।
ओरछा रिसोर्ट में जलमग्र: बेतवा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण नदी से लगा ओरछा रिसोर्ट होटल पूरी तरह से जलमग्र हो गया। नदी के तेज बहाव के कारण नदी किनारे की होटल की दीवाल टूट गई और पूरा पानी होटल के अंदर आ गया। बेतवा में बढ़ रहे पानी को देखते हुए प्रशासन और होटल प्रबंधन ने पहले ही होटल को खाली करा दिया था, इससे जनहानि होने से बच गई। दोपहर 12 बजे के लगभग यहां के हालात जानने पहुंचे तहसीलदार संजय गर्ग सहित अन्य प्रशासनिक अमले को उस समय दौड़ लगाने पड़ी जब यह होटल के अंदर थे और अचानक से दीवाल टूटने से भारी मात्रा में पानी होटल के अंदर आ गया।

स्मारकों तक पहुंचा पानी: बेतवा नदी के आई बाढ़ के कारण नदी किनारे पर स्थित राजाओं की प्राचीन छतरियों(स्मारकों) तक पानी पहुंच गया। कंचना घाट पर निर्मित कुछ स्मारक तो आधे डूब गए। इन स्मारकों के डृूबने से अंदाजा लगाया जा रहा था कि बेतवा के पुल पर लगभग 15 फीट पानी बना हुआ है। यहीं हाल ओरछा से निकली जामनी नदी का था। यहां भी पुल से 10 फीट से अधिक पानी जा रहा था। सातार नदी भी सुबह से ही पुल से 8 फीट ऊपर बह रही थी।
20 वर्ष बाद देखा ऐसा पानी: बेतवा नदी में आए पानी के कारण वर्षों बाद किले के सामने से निकली बेतवा नदी की दूसरी धार लोगों को चलती दिखाई दी। नगर के वरिष्ठजनों का कहना था कि उन्होंने वर्षों बाद ओरछा में ऐसा पानी देखा है। नगर के वरिष्ठजन डॉ रीतेश खरे एवं लक्ष्मण झां का कहना था कि लगभग 20 वर्ष बाद नगर में ऐसा पानी आया है। बेतवा में आए पानी से राजमहल के सामने से निकली बेतवा की यह धार भी पूरे ऊफान पर रही।

निचली बस्तियों में भरा पानी: लगातार जारी बारिश और नदियों के ऊफान पर आने के कारण ओरछा की कुछ निचली बस्तियों में घरों में भी पानी भर गया। यहां पर वार्ड नंबर 4 समाधी रोड़ एवं वार्ड नंबर 7 के घरों में पानी भर गया। यहां पर पानी निकालने के लिए प्रशासन को भारी जद्दोजहद करने पड़ी। यह पानी सातार नदी का पानी कम होने के बाद ही कम हो सका। यहां पर घरों में 5 से 7 फीट पानी भरने के कारण लोगों का ग्रहस्थी का सामान पूरी तरह खराब हो गया।
खेतों में भरा पानी, गिरा मकान: जोरदार बारिश और सभी नदियों में आए पानी के कारण ओरछा में नदी किनारे लगे अनेक गांवों में खेतों में पानी भर गया। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें खराब हो गई। नदियों के किराने लगे ग्राम हरपालपुर, चंदावनी, गुदरई, बाघन, लाड़पुरा सहित एक दर्जन गांवों में पानी भरने की समाचार मिले है। वहीं नगर के वार्ड नंबर 7 में बारिश के कारण अजय रैकवार का कच्चा मकान गिर गया है।
प्रशासन ने रखी नजर: ओरछा में सभी नदियां ऊफान पर होने के कारण प्रशासन मुस्तैद बना रहा। कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह हर स्थिति पर नजर रखे। वहीं ओरछा रिसोर्ट में ठहरे पर्यटकों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। इसके साथ ही तहसीलदार संजय गर्ग एवं थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर ही तैनात रहे।
ओरछा में 10 इंच बारिश: वहीं पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश भी ओरछा में ही दर्ज की गई है। ओरछा में 24 घंटे के अंदर 247 मिमी बारिश दर्ज की गई है। रविवार को ओरछा में हुई इस बारिश के बाद यहां की औसत बारिश का अंाकड़ा, जिले की औसत बारिश से डेढ़ गुना अधिक हो गया है। ओरछा में अब तक कुल 1401 मिमी बारिश दर्ज की हो चुकी है। जबकि जिले की औसत बारिश महज 1000.2 मिमी है। इसके साथ ही निवाड़ी में 104, पृथ्वीपुर में 100, पलेरा में 52, जतारा में 72, बल्देवगढ़ में 18 एवं टीकमगढ़ में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले की औसत बारिश का आंकड़ा 936.7 मिमी हो गया है।
कहते है अधिकारी: प्रशासन ओरछा के हालत पर नजर रखे हुए है। अभी यहां किसी प्रकार की चिंता की बात नही है। पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नही है। शाम को झांसी मार्ग खुलने से भी लोगों को राहत हुई है। बेतवा का पानी भी अब कम होने लगा है। सुबह तक इसका स्तर और कम हो जाएगा।- अभिजीत अग्रवाल, कलेक्टर, टीकमगढ़।

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