फर्जी तरीके से शौचालय निर्माण, कार्रवाई से बचने के लिए जमा की राशि, एेसे हुआ गोलमाल

अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई

By: anil rawat

Published: 13 Mar 2018, 12:44 PM IST

टीकमगढ़.फर्जी तरीके से शौचालय निर्माण की राशि निकाले जाने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए राशि जमा करा दी गई। राशि जमा करने से भले ही दोषी बनाए गए कर्मचारी और अधिकारी बचने की जुगत लगा रहे हो,लेकिन उनकी यह जुगत सफल होती नजर नहीं आ रही है। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने दोषियों पर कार्रवाई की बात की है। मामला जिले की जतारा जनपद के बैरवार गांव का है। जहां फर्जी तरीके से गांव के 8 3 लोगों के नाम से शौचालय दर्शाकर दूसरों के खातों में राशि जमा कर निकाली गई थी। इसमें से कई लोगों के नाम से फर्जी तरीके से राशि निकाली थी। मामले की शिकायत होने के बाद जांच टीम के द्वारा तत्कालीन रोजगार सहायक दयाली रैकबार , सचिव प्रताप सिंह घोष और उपयंत्री प्रमोद सक्सेना को जबाबदार माना था। इस मामले में एफआईआर के आदेश भी किए गए थे। लेकिन मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
कार्रवाईसे बचने जमा की राशि
बैरवार के बहुचर्चित शौचालय घोटाले के मामले में रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त की जा चुकी है। जबकि एक अन्य आवास घोटाले में एफआईआर की जा चुकी है।

शौचालय के मामले में जिला पंचायत सीईओ के द्वारा कार्रवाई के आदेश दिए जाने के बावजूद जतारा जनपद के अधिकारियों के द्वारा लगातार बचाव किया जा रहा है। एक बार एफआईआर के आदेश किए जाने के बावजूद जतारा थाना से आवेदन वापस मंगाया जा चुका है।

इसके बाद अब जतारा जनपद ने शौचालय निर्माण में गड़बडी का हाबाला देते हुए तत्कालीन उपयंत्री प्रमोद सक्सेना से 16 हजार और तत्कालीन सचिव प्रताप सिंह घोष से 1 लाख 6 हजार और तत्कालीन रोजगार सहायक दयाली रैकबार से 1 लाख 6 हजार की राशि जमा कराई गईहै। इस तरह 27 फरवरी को करीब 2 लाख 28 हजार की राशि जमा कराई गईहै।
राशि जमा होने से सिद्ध हो रहा घोटाला
्रइन कर्मचारियों ने भले ही कार्रवाई से बचने के लिए राशि जमा करा दी हो, लेकिन दूसरी ओर यह माना जा रहा हैकि फर्जी तरीके से राशि निकालने के दोष को उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है। हालाकि राशि जमा कराने पर कार्रवाई से बचने को लेकर जिला पंचायत सीईओ विदिशा मुखर्जी कहतीं है कि मामले में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। कार्रवाई के लिए कलेक्टर के पास फाईल भेजी गईहै।
दूसरी शिकायत की फाईल लटकी अधर में
जतारा जनपद के बैरवार गांव में 8 3 शौचालयोंं के मामले के अलावा गांव के ही अन्य लोगों ने कलेक्टर को जनसुनवाईमें कई अन्य शिकायतें भी की है। यह शिकायतें कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को भेजकर जांच कराने के आदेश किए थे। लेकिन यह शिकायतें भी कार्रवाई न होने से इधर-उधर भटक रही है।गांव के ही लखन यादव,शिवप्रसाद यादव,काशीराम पाल,लखन पाल ने कलेक्टर को 19 फरवरी को शिकायत की थी। जिसमें शौचालय का भुगतान किसी अन्य को करने की बात कही गईथी। इसके साथ ही गांव के संतू अहिरवार,शिवदयाल कुशवाहा,सूका ढीमर के द्वारा शौचालय की राशि अन्य को दिए जाने की शिकायत दी गई थी। मामले में कलेक्टर को द्वारा जिला पंचायत सीईओ से जांच टीम बनाकर कार्रवाई के लिए कहा गया था। लेकिन यह फाईल जिला पंचायत में कार्रवाई के इंतजार में दबी हुईहै।
कहते है अधिकारी
राशि जमा करना अपनी जगह है,दोषियों पर कार्रवाई निश्चित की जाएगी। कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर के पास भेजा गया है। दूसरी शिकायत की जानकारी करके कार्रवाई कराई जाएगी।
विदिशा मुखर्जी सीईओ जिला पंचायत टीकमगढ़।

anil rawat Reporting
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