एक सप्ताह से आने लगी मंडी नई फसल, नहीं मिल रहे अन्यदाताओं को सही दाम

कृषि उपज मंडी में रबी की फसल आना शुरू हो गया है। नई फसलों के दाम अच्छे नहीं मिलने से अन्यदाताओं के चेहरे पर निराशा दिखाई दे रही है।

By: akhilesh lodhi

Published: 07 Mar 2020, 05:00 AM IST


टीकमगढ़.कृषि उपज मंडी में रबी की फसल आना शुरू हो गया है। नई फसलों के दाम अच्छे नहीं मिलने से अन्यदाताओं के चेहरे पर निराशा दिखाई दे रही है। मौके का फायदा उठाते हुए व्यापारी भी औने-पौने दामों में अनाज खरीद रहे है। जबरदस्ती बेचने पर दो से चार दिन की उधारी पर अनाज खरीद रहे है। जिसके कारण अन्यदाताओं के चेहरे पर उदाशीनता बनी हुई है।
तीन दिनों से कृषि उपज मंडी में सरसों और जवा की आवक होने लगी। अन्यदाता सुबह से लेकर शाम तक नए अनाज को रखाए मंडी में बैठे रहे। वहां पर न तो मंडी के कर्मचारी डांक बोलने पहुंचे और न ही व्यापारियों द्वारा ध्यान दिया गया। दोपहर ढलते ही व्यापारी किसानों के अनाज के पास पहुंचे और फसलों के भाव को लेकर चर्चा होने लगी। नई फसलों का भाव फिक्स नहीं होने के कारण नया और पुराने अनाज से २ से लेकर ७ रुपए तक सस्ता व्यापारियों द्वारा खरीदा गया है। जिसके कारण अन्यदाताओं में निराशा देखी गई। अब प्रतिदिन मंडी में नए अनाज की आवक शुरू हो गई है। जिसमें किसानों को लाभ कम अन्य लोगों को ज्यादा फयादा मिलने की आशंका जताई जा रही है। अगर समय पर मंडी प्रशासन और प्रशाशक द्वारा सक्रियता नहीं दिखाई तो किसानों पिछले वर्षो की तरह इस वर्ष लुटते हुए दिखाई देगें।
शिवराजपुर के साथ सुंदरपुर की ओर आया था नाया अनाज
किसान उत्तम सिंह यादव, गजराज सिंह यादव, महेश अहिरवार और पुष्पेंद्र लोधी ने बताया कि कृषि उपज मंडी में नया २० से २५ क्विंटल सरसों और १० से १५ क्विंटल जवा नीलाम होने के लिए आया था। गीला अनाज होने के कारण व्यापारी और कृषि उपज मंडी के कर्मचारी भी दूर भाग रहे थे। किसान व्यापारियों के इंतजार में अनाज को रखाए बैठे हुए थे। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर व्यापारियों ने पुराने अनाज से कम दामों में खरीदा गया। जहां किसानों को प्रति क्विंटल २०० से ७०० रुपए घाटा उठाना पड़ा।


यह है पुराने दाम
कृषि उपज मंडी में गेहूं के दाम १८७० रुपए प्रति क्विंटल से लेकर १९५० रुपए प्रति क्विंटल और जवा के २००० रुपए प्रति क्विंटल तो नए १८५० से १९०० सौ रुपए प्रति क्विंटल। इसके साथ ही सरसों के नए ३००० रुपए प्रति क्विंटल तो पुराने ३५०० से ३६०० रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। जिसके कारण किसानों को नए फला में घाटना उठाना पड़ रहा है।
सरकार ने नए दात तो दे दिए, लेकिन नहीं हुई घोषणा
किसानों और व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर ली है। नए अनाज के दामों की घोषणा कर दी है। लेकिन खरीद करने के लिए आदेश नहीं दिए है। नए दामों को खरीदने की घोषणा नहीं देने के कारण मंडी के व्यापारी और बिचौली सक्रिय बने हुए है। सस्ते दरों में अनाज को खरीदकर सरकारी खरीद में बेचने की जुगत लगा रहे है।
नहीं सुधर रही मंडी की व्यवस्थाएं, प्रशासक हुए निष्क्रीय
कृषि उपज मंडी में मंडी सचिव तो नियुक्त है ही। इसके साथ ही प्रशासक नियुक्त कर दिया है। जो मंडी व्यवस्थाएं बनाने में असफल बने हुए है। मंडी में सीसीटीवी कै मरा से लेकर पानी, अन्यदाताओं काअनाज रखने के लिए जगह को लेकर टीन शेड़ और शौचालय सुविधाओं से लेकर साफ-सफाई व्यवस्थाए में लगातार कई महीनों से लापरवाही बरती जा रही है। इस मामले में पहले व्यापार संघ अध्यक्ष के साथ किसानों भी आरोप लगा चुके है। लेकिन मामले को लेकर व्यवस्था स्थिर नहीं बना पाए है।
इनका कहना
चार दिन की छुट्टी से वापस मंडी पहुंच रहा हूं। वहां की क्या व्यवस्थाए है। उनको देखाकर ही बता पाएउगा। मामले में जहां-जहां कमी पड़ी हुई है। उसको सबसे पहले दुरूस्त किया जाएगा। इसके साथ किसानों को मिलने वाले लाभ को दिया जाएगा।
ओपी लक्ष्यकार सचिव कृषि उपज मंडी टीकमगढ़।

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