अब ओरछा की संस्कृति, संस्कार से लेकर खान-पान तक का होगा संरक्षण और विकास

युनेस्को द्वारा ओरछा को हिस्टोरिक अर्बन हैंडस्केप परियोजना के तहत चयनित किया गया है। धर्म एवं पर्यटन की नगरी ओरछा का अब हर दृष्टिकोण से विकास होगा।

By: anil rawat

Published: 22 Jul 2021, 11:06 AM IST

टीकमगढ़/ओरछा. श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा का अब समग्र विकास होगा। यूनेस्को अब केन्द्र एवं राज्य सरकार के साथ मिलकर ओरछा की संस्कृति और संस्कार सहित तमाम विशेषताओं का संरक्षण करते हुए यहां का विकास करेंगा। मंगलवार को इस योजना का सीएम शिवराज सिंह चौहान ने औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। हालांकि इनमें कई कार्य कांग्रेस शासनकाल मेें नमस्ते ओरछा महोत्सव के तहत शुरू करा दिए गए थे।


युनेस्को द्वारा ओरछा को हिस्टोरिक अर्बन हैंडस्केप परियोजना के तहत चयनित किया गया है। धर्म एवं पर्यटन की नगरी ओरछा का अब हर दृष्टिकोण से विकास होगा। इसके लिए यूनेस्को की टीम जल्द ही आकर यहां का सर्वे करेंगी। इस सर्वे में पता ओरछा के पर्यटन, संस्कृति, इतिहास एवं कल्चर से जुड़ी विशेष महत्व की चीजों का पता कर पूरी येाजना बनाई जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन पर काम किया जाएगा।

 

इन पर होगा काम
आर्कलॉजी विभाग के संग्रहाध्यक्ष घनश्याम बाथम ने बताया कि हिस्टोरिक अर्बन लैंडसकेप परियोजना में न केवल पुरातत्व महत्व के भवनों का संरक्षण होगा, बल्कि हमारे बुंदेलखण्ड से जुड़ी कला एवं संस्कृति को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुरातत्व महात्व के लक्ष्मी मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, राजमहल, जहांगीर महल, छतरियों के संरक्षण का काम किया जाएगा। इसके साथ ही बुंदेली लोक संगीत को भी इसमें शामिल कर आगे बढ़ाने के लिए काम होगा। बाहर से आने वाले पर्यटक बुंदेली रहन-सहन एवं खान-पान को जाने इसके लिए होमस्टे जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। जिससे विदेशी पर्यटकों को बुंदेली परिवेश में रहने एवं बुंदेली व्यंजनों को खाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यहां के हस्तशिल्प सहित अन्य मुख्य चीजों को शामिलकर कार्ययोजना बनाई जाएगी।


2019 में शुरू हुए थे काम
विदित हो कि वर्ष 2019 में कमलनाथ सरकार के समय में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही ओरछा का हर पहलू को ध्यान में रखकर विकास करने के लिए नमस्तें ओरछा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उस समय ओरछा के हर मोनामेंटल पर काम किया गया था। इन जाने के लिए पहुंच मार्ग बनाए गए थे। इसके साथ ही पुराने बागों के संरक्षण का काम शुरू किया गया था। उसी ग्राम लाड़पुरा, बागन और ओरछा के गंज मोहल्ला में होम स्टे भी बनवाए गए थे। तीन दिन चले इस आयोजन में पर्यटकों को बुंदेली खान-पान से रुबरू कराने एक दिन तमाम प्रकार के बुंदेली व्यंजनों को भी परोसा गया था।


राजाराम के लिए प्रसिद्ध है ओरछा
विदित हो कि वर्तमान में ओरछा का सर्वाधिक महात्व यहां पर राजा के रूप में विराजे श्रीराम है। यह देश का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां श्रीराम की पूजा भगवान के रूप में न होकर राजा के रुप में की जाती है। यहां के लोग भी खुद को श्रीराम की प्रजा ही मानते है। विदित हो कि ओरछा पूरे विश्व का एक मात्र ऐसा मंदिर होगा जहां भगवान को सशस्त्र जवान द्वारा सलामी दी जाती है। यहां पर तैनात रहने वाला गार्ड राजा राम के अलावा किसी को सलामी नहीं देता है। ओरछा में विराजे श्रीराम की पूरी दिनचर्या एवं पूजा आदि एक राजा रहन-सहन के अनुसार ही निर्वाहन की जाती है। इसके साथ ही यहां पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यहां के मंदिर, महल, छतरियों के साथ ही प्राकृतिक वातावरण भी विशेष रूचिकर बना हुआ है।

anil rawat Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned