लगातार बारिश से सड़ने लगी उड़द और मूंग की फसल

लगातार बारिश से सड़ने लगी उड़द और मूंग की फसल

akhilesh lodhi | Publish: Sep, 09 2018 09:41:13 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

जिले में डेढ़ सप्ताह की बारिश से औसम बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है। अधिक बारिश होने के कारण खरीफ की फसल पर विपरीत असर दिखाई देने लगा है।

टीकमगढ़.जिले में डेढ़ सप्ताह की बारिश से औसम बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है। अधिक बारिश होने के कारण खरीफ की फसल पर विपरीत असर दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि मूंग और उड़द की फ लियां खेत में ही टूटकर गिरने लगी हैं। इसके साथ ही तिली के पेड़ जमीन में गिर गए है।
बारिश के कारण फ लियां पक नहीं पा रही हैं और वे टूट रही हैं। उड़द और मूंग का सडऩा भी शुरु हो गया है। 70 से 75 दिन में तैयार होने वाले सोयाबीन में भी नुकसान शुरु हो गया है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग के बरिष्ट अधिकारी और कर्मचारी किसानों से दूरियां बनाए हुए है। जिसके कारण किसान चिंता और भी तेज बढ़ती जा रही है। खरीफ फसल के बचाव के लिए न तो कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सामने आ रहे है और न ही क्षेत्रीय कर्मचारी। अगर कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति रही तो उड़द और मूंग की फलियां पेड़ों में दिखाई नहीं देगी। हाल ही में उड़द अभी 20 से 25 फ ीसदी फ सल खराब हुई है।
किसान बोले अधिकारी दफ्तरों से निकलकर खेतों में आएं तो पता लगे हकीकत
कृषि विभाग के अधिकारी भले ही नुकसान को अभी शुरुआती ही बता रहे हो। लेकिन किसान पलेरा संजयनगर के रामस्वरूप लोधी, रामगोपाल राजपूत, नादिया के बृजेंद्र यादव,भूपत यादव,अशोक लोधी का दावा है कि अधिकारियों को वास्तविकता पता ही नहीं है। टीकमगढ़ के सैकड़ों गांव के किसानों ने बताया कि उड़द बोई है,जो पूरी तरह सड़ गई है। यहां अब कटाई के लिए कुछ भी नहीं बचा है। सोयाबीन बोया है, जो फि लहाल ठीक है। सप्ताह भर बारिश हुई तो इसकी भी फ लियां गिरने लगेंगी। मूंग की फ सल 70 फ ीसदी से अधिक खराब हो गई है। 25 फ ीसदी से अधिक उड़द सड़ चुके हैं।


फ सलों के हिसाब से स्थिति अब भी ठीक
बनयानी निवासी किसान कृष्णाप्रताप सिंह,मुखिया लोधी, विनोद यादव, पुष्पेंद्र यादव, रीतेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी उड़द और मूंग में नुकसान होना शुरु ही हुआ है। हालांकि लगातार बारिश जारी रहती है तो कुछ दिनों के बाद गलन की स्थिति बन सकती है। उन्होंने बताया कि बोबनी से लेकर अब तक की स्थिति को देखा जाए तो फ सलों के हिसाब से अभी की स्थिति जिले भर में काफ ी अच्छी है। अगर बारिश खुल जाती है। तो इस बार अच्छी उपज किसानों को मिल सकती है।
किसानों ने बताई अपनी व्यथा
सूखे के दौर से गुजर रहे थे किसान
किसानों का कहना है कि करीब दो वर्षो से जिले में सूखे का माहौल बना हुआ है। जिसको लेकर रबी और खरीफ की फसल में घाटा लगता रहा। इस वर्ष अच्छा मानसून होने के कारण कर्ज लेकर बाजार से उड़द,मूंग के साथ अन्य बीजों को बोया गया था। लेकिन लगातार बारिश होने के कारण उड़द, मूंग और तिली की फसल खराब हो गई है। जिसको लेकर किसानों को कर्ज की चिंता सताने लगी है। मामले को लेकर कृषि उपसंचालक से बात करनी चाही गई। लेकिन उन्होनें किसानों की मदद करने के लिए फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।

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