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टीकमगढ़

कानूनी प्रक्रिया में उलझ कर रह गई आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की शहरीय प्रधानमंत्री आवास योजना

भुगतान को लेकर 2019 में बंद हो गया था काम, ठेकेदार ने न्यायालय में किया था दावा

टीकमगढ़May 12, 2024 / 10:38 am

akhilesh lodhi

भुगतान को लेकर 2019 में बंद हो गया था काम, ठेकेदार ने न्यायालय में किया था दावा

भुगतान को लेकर 2019 में बंद हो गया था काम, ठेकेदार ने न्यायालय में किया था दावा

517 फ्लैट निर्माण के लिए वर्ष 2017 में शुरू हुआ था काम, भुगतान को लेकर 2019 में बंद हो गया था काम

टीकमगढ़.आर्थिक स्थिति से कमजोर परिवारों के लिए शहरीय प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू हुई थी। इस योजना से कृषि उपज मंडी के पीछे आवास निर्माण का कार्य वर्ष २०१८ में शुरू हो गया था। शहर के १०३ लोगों ने ५० हजार रुपए देकर आवासों को बुक करा लिए थे। वर्ष २०१९ में आवास का निर्माण कार्य बंद हो गया। फिर यह प्रक्रिया कानून में उलझ गई और हितग्राहियों की चिंता बढ़ गई। आज तक प्लैट का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सभी हितग्राहियों ने तीन साल पहले की गई बुकिंग के रुपए वापस ले लिए है।
शहरीय आवास योजना में एक बैडरूम, एक हॉल और किचिन के २88 फ्लेट और दो बैडरूम, एक हॉल और किचिन के २२8 फ्लैट निर्माण के लिए वर्ष २०१8 निर्माण कार्य शुरू हुआ था। निर्माण होते ही शहर के १०३ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर लोगों ने नगरपालिका में ५० हजार रुपए से लेकर एक लाख तक की राशि बुकिंग के नाम पर जमा की थी। उसके निर्माण में ठेकेदार ने २० प्रतिशत राशि स्वयं की लगा दी थी। राशि भुगतान का समय आया तो नगरपालिका ने हाथ खड़े कर दिए थे। उसके बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। अब वह निर्माणधीन फ्लेट खंडहर होते जा रहे है। अब यह मामला न्यायाल में चला गया है।
५१२ होने थे फ्लेट निर्माण
शहरीय आवास योजना में सिंगल और डबल बैडरूम के ५१६ फ्लैट निर्माण की योजना बनाई थी। वर्ष २०१7 में उसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन नपा द्वारा उसके निर्माण के लिए जगह नहीं थी। जहां निर्माण कार्य देरी से कृषि उपज मंडी के पीछे शुरू किया। लेकिन वर्ष २०१9 में निर्माण कार्य बंद हो गया। उसके बाद निर्माण कार्य आज तक चालू नहीं हुआ।
बुकिंग की राशि भी ली वापस
आवास योजना में फ्लैट निर्माण शुरू होते ही शहर के १०३ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर लोगोंं ने ५० हजार रुपए बुकिंंग के नाम पर नगरपालिका ने जमा कराए थे। पहले फ्लोर से दूसरे फ्लोर का निर्माण हो गया। तीसरा फ्लोर शुरू होते ही निर्माण कार्य रूक गया। निर्माण कार्य महीना और चार से पांच महीना रुके हो गया था। उसके बाद बुकिंग हितग्राही फ्लैटों के लिए नपा के चक्कर लगाने लगे। नगरपालिका के जिम्मेदार कई प्रकार के बहाने निकालने लगे थे, जब हितग्राहियों को ठेकेदार का भुगतान नहीं करने की खबर मिली तो बुकिं ग की राशि वापस लेना शुरू कर दिया। लेकिन अभी उपस्थिति के नाम पर १-१ हजार रुपए बाकी है।
यह था मामला
वर्ष २०१7 में शहरीय आवास योजना का टेंडर हुआ था। लेकिन एक साल तक नगरपालिका ने आवास निर्माण के लिए जमीन नहीं दी। कुछ समय पर कृषि उपज मंडी कचरा संग्रहण के पास एक बैडरूम, एक हॉल और किचिन निर्माण कराने के लिए जगह दी दे थी। वर्ष २०१8 में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया। निर्माण सामग्री और मजदूरों का भुगतान कराने के लिए नगरपालिका से राशि मांगी गई। लेकिन उन्होंने राशि देने मना कर दिया था। ठेकेदार द्वारा ६ से 7 करोड़ रुपए का भुगतान करके वर्ष २०१9 में काम बंद कर दिया था
ठेकेे दार ने राशि की मांग को लेकर कोर्ट में प्रकरण दर्ज कराया है। एक प्रकरण भोपाल में भी चल रहा है। जिसके कारण शहरी पीएम आवास का निर्माण रूका है। जितने हितग्राहियों ने प्लैट बुक किए थे, उन्होंने राशि भी वापस ले ली है। आदर्श आचार संहिता के बाद प्रक्रिया पुन: चालू की जाएगी। उसके टेंडर लगाए जाएंगे।
गीता मांझी, सीएमओ नगरपालिका टीकमगढ़।

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