इंजीनियरों की रिपोर्टो की पहली ही बारिश में खुली पोल

Akhilesh Lodhi

Updated: 14 Jul 2019, 08:00:00 AM (IST)

Tikamgarh, Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

टीकमगढ़.सरकार द्वारा जनलाभ के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की लागत से स्टाप डेम, स्कूल भवन, सीसी सड़क निर्माण के साथ अन्य निर्माण कार्य किए गए। लेकिन पहली ही बारिश में इन सभी मजबूत निर्माण कार्यो की पोल खुल गई। कोई पानी के साथ बह गए तो किसी में पानी की धधक से बड़ी-बड़ी दरारें आ गई। इस प्रकार के निर्माण में इंजीनियरों और एजेंसियों पर प्रश्न चिन्ह लगा है। वहीं ग्रामीणों द्वारा शिकायतें भी की गई। जिसमें कहा गया कि निर्माण एजेंसियों द्वारा गुणवत्ताहीन सामाग्री का उपयोग किया गया है।
निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों की ग्राम पंचायतों में जनलाभ के लिए स्टाप डेमों, पुलियां, स्कूल भवन निर्माण, सीसी सड़क निर्माण इंजीनियरों की रिपोर्ट पर निर्माण किया गया। मटेरियल की कमी को लेकर रिपोर्ट फेल की गई तो कही तालमेल में पास किया गया तो कही खानापूर्ति के लिए निर्माण किया गया। लेकिन इन निर्माण कार्यो और इंजीनियरों की रिपोर्ट की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। ग्रामीणों द्वारा शिकायतें भी की गई। लेकिन निर्माण एजेंसी सहित जिम्मेदार मामलों को दबाने की फिराक में जनपद और जिला पंचायत कार्योलयों के चक्कर काटने लगेेेेेे।
केस-०१
बल्देवगढ़ जनपद पंचायत की बनयानी ग्राम पंचायत द्वारा लाखों रुपए की लागत से स्टाप डेम की मरम्मत की गई थी। लेकिन पहली की बारिश में स्टाप डेम का पलस्टर उखड़कर पानी में बह गया है। इसके साथ ही डेम में दरारें दिखाई देने लगी है। सरपंच द्वारा निर्माण कार्यो में उपयोग की गई गुणवत्ताहीन सामाग्री पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। मामले की जांच के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है।
केस-०२
जनपद पंचायत टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत रौरई के भडरा निवासी महेंद्र सिंह घोष ने बतया कि ग्राम पंचायत द्वारा ९ लाख ९९ हजार रुपए कुछ दिनों पहले नाला निर्माण किया गया था। उसमें घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। जो पहली ही बारिश में बह गया है। बारिश में नाला ढह जाने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले की जांच को लेकर पीडि़त ने कलेक्टर के नाम पंचायत मंत्री को पत्र दिया है।
के स-०३
बल्देवगढ़ जनपद पंचायत की बडाघाट ग्राम पंचायत के घटिया मोहल्ला और गोरा ग्राम पंचायत के पाल मोहल्ला में गर्मियों के समय सीसी सड़क निर्माण किया गया था। जो जुलाई में पहली बारिश में उखड़कर पानी में बह गया। बड़ाघाट निवासी भूरा यादव का कहना था कि सीसी सड़क निर्माण होते समय सरपंच सहित जिम्मेदारों ने सीमेंट की जगहों पर मिट्टी का उपयोग किया गया है। जिसके कारण यह निर्माण कार्य मिट़्टी में बह गया है। वहीं जतारा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत खेरा में सरपंच द्वारा सीसी सड़क निर्माण की गई थी। जो बारिश में ही उखड़कर बह गई है। ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर से शिकायत की गई। लेकिन सरपंच ने उस जगह पर मिट्टी डलवा दी गई है। जिससे ग्रामीणों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 


केस-०४
खरगापुर के नजदीक फुटेरचक्र-१ में सरपंच दिनेश मिश्रा द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से स्टाप डेम, पुलिया निर्माण, स्टेडियम के साथ अन्य निर्माण कार्य कराए गए है। जिसमें मिश्रजू घाट, रामजी वाला हार,स्टेडियम, जामुन घाट, देरी रोड़ पुलिया के साथ अन्य निर्माण कार्य कराए गए है। इन निर्माण कार्यो में पहली ही बारिश में किसी भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई तो कोई धसक गया है तो कोई उखड़कर पानी में बह गया है। ग्रामीणों द्वारा सरपंच द्वारा निर्माण कराए गए कार्यो की जांच के लिए कलेक्टर से गुहार लगाई है।
केस-०५
पृथ्वीपुर जनपद पंचायत के लुहरगुवां ग्राम पंचायत में ठेकेदार द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निर्माण किया गया था। यह भवन हैंडओवर होने के पहले ही दरारें खा गई है।
इनका कहना
अधिकारियों को क्षेत्र के भ्रमण के दौरान निर्माण कार्यो की जांच के निर्देश दिए गए है। जहां भी गुणवत्ताहीन तरीके से निर्माण किया गया होगा। वहां जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
सौरभ कुमार सुमन कलेक्टर टीकमगढ़।

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