अगरबत्ती से महक रहा महिलाओं का जीवन

बुंदेलखण्ड में अब महिलाओं की सोच बदल रही है। पारंपरिक बेडिय़ों को तोड़कर वह भी परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने अब पुरूर्षों से भी आगे काम कर रही है।

By: anil rawat

Published: 07 Jun 2018, 01:53 PM IST

टीकमगढ़. बुंदेलखण्ड के ग्रामीण परिवेश में अब महिलाओं की सोच बदल रही है। पारंपरिक पारिवारिक बेडिय़ों को तोड़कर वह भी अपने परिवार को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने अब पुरूर्षों से भी आगे काम कर रही है। इसका ताजा उदाहरण ग्राम दिगौड़ा की महिलाओं ने दिया है। इनके द्वारा बनाई गई अगरबत्ती से जहां हर घर सुगंधित हो रहा है, वहीं इनका परिवार भी महक रहा है।
यदि दिल में कुछ करने का जज्बा हो, तो कोई भी कठिनाई सामने नही आती। इस बात को सच साबित किया है कि मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम दिगौड़ा की राजकुमारी यादव, सुमन यादव, पार्वती मिश्रा एवं ब्रजेश राजा ने। सरकार के आजीविका मिशन से जुडऩे के बाद थोड़ी-थोड़ी बचत कर अपनी पूंजी बनाने वाली इन महिलाओं ने अब अगरबत्ती निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इनके इस काम की जहां गांव सहित पूरे क्षेत्र में तारीफें की जा रही है, वहीं इनकी अगरबत्ती पूरे प्रदेश में बेची जा रही है।

आगे बढ़ाएंगे काम: दिगौड़ा बसस्टैंड के पास अगरबत्ती निर्माण का काम कर रही राजकुमारी यादव का कहना है कि उन लोगों के मन में अपने परिवार के लिए कुछ करने का विचार शुरू से ही था। आजीविका मिशन से जुड़ कर उनका काम आसान हो गया। उनका कहना है कि प्रतिदिन घर के आवश्यक काम निपटा कर सभी महिलाएं 3 से 4 घंटे तक अगरबत्ती निर्माण का काम करती है। उनके द्वारा आजीविका के नाम से जहां खुद की अगरबत्ती बनाई जा रही है, वहीं बाहर की कई कंपनियां भी उन्हें काम दे रही है। बाहर की कंपनियां कच्ची सामग्री उपलब्ध कराती है और उन्होंने एक किलो अगरबत्ती निर्माण करने पर 15 से 20 रूपए मजदूरी देती है। एक दिन में वह लोग 5 से 7 किलो अगरबत्तियां बना लेती है।
मिली आर्थिक आजादी: महिलाओं का कहना था कि पहले वह लोग किसी भी चीज के लिए अपने परिवार पर निर्भर रहती थी। लेकिन इस काम के बाद से अब वह आत्मनिर्भर हो गई है। अगरबत्ती निर्माण प्रारंभ करने के बाद से जहां परिवार को आर्थिक सहयोग कर रही है, वहीं बचत कर अपनी पूंजी भी बना ली है। समूह की महिलाओं का कहना है कि वह लोग इस काम को अब और आगे बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह प्रयास कर रही है।

anil rawat Reporting
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