scriptYoung farmer earning profit every month from mushroom cultivation | मशरूम की खेती से युवा किसान हर महीने कमा रहा लागत से कई गुना मुनाफा | Patrika News

मशरूम की खेती से युवा किसान हर महीने कमा रहा लागत से कई गुना मुनाफा

नौकरी की ओर भागने की जगह खेती की ओर युवाओं का रुख..परंपरागत खेती छोड़ कर रहे नवाचार..

टीकमगढ़

Published: December 02, 2021 10:03:09 pm

टीकमगढ़. अब तक नौकरी की ओर भागने वाले युवा अब खेतों की ओर रूख कर रहे है। यह रूख भी पारंपरिक खेती को छोड़ नवाचार के साथ हो रहा है। इतना ही नहीं शुरूवाती दौर में ही इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे है। युवा किसानों ने अपने नवाचार से अब पारंपरिक सब्जियों के साथ ही जिले में अब मशरूम पैदा कराना भी शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय से लगे गांव गनेशगंज के राजेन्द्र अहिरवार ने मशरूम की खेती शुरू की है। इंदौर से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजेन्द्र नौकरी की लाइन छोड़कर अपने गांव आ गए। यहां पर खेती में कुछ नया करने की सोच लेकर उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से संपर्क किया और मशरूम की खेती शुरू की है। महज 300 रुपए के भूसे से राजेन्द्र ने अपने घर के पुराने से कमरे में मशरूम का उत्पादन शुरू किया है और हर माह 10 से 12 हजार रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। राजेन्द्र ने बताया कि वह अपने घर पर बटन मशरूम पैदा कर रहे है। वर्तमान में वह इसे होटलों के साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कुछ घरों में सप्लाई कर रहे है। आगे वह इसे बड़े स्तर पर करने का प्रयास कर रहे हैं।

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मशरूम के अनुकूल है जिले का मौसम
कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ बीएस किरार ने बताया कि राजेन्द्र ने जब खेती में रूचि दिखाई तो उसे कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत मरूशम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। वहीं डॉ आरके प्रजापति के निर्देशन पर राजेन्द्र ने इसकी खेती शुरू की है। उनका कहना है कि जिले की जलवायु मशरूम के अनुकूल है। यहां पर मई, जून, जुलाई को छोड़कर शेष समय तामपान 35 डिग्री से कम रहता है जो मशरूम की खेती के लिए अनुकूल होता है। वहीं यदि किसान चाहें तो इन तीन माह में तापमान अधिक होने पर दूधिया मशरूम की खेती भी कर सकते हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के बाद से पिछले दो सालों में देश में मशरूम का उत्पादन काफी बढ़ा है।

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होटलों में कराया जाएगा अनुबंध
डॉ. किरार ने बताया कि राजेन्द्र के साथ ही ग्राम बिघा में दुर्गाप्रसाद लोधी और ढोंगा पर एक शिक्षक के द्वारा मशरूम का उत्पादन शुरू किया गया है। इन लोगों को अब खजुराहो और ओरछा के होटलों में अनुबंध कराया जाएगा। इससे इनके उत्पाद को नियमित रूप से बाजार मिलता रहे। उनका कहना है मशरूम बहुत पौष्टिक है और सेहत के लिए फायदेमंद है।

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