1998 में 'डोली सजा के रखना' से बॉलीवुड में की एंट्री, साउथ सुपरस्टार से की शादी, अब Actress की नई फिल्म के चर्चे

By: पवन राणा
| Published: 20 May 2020, 07:56 PM IST
1998 में 'डोली सजा के रखना' से बॉलीवुड में की एंट्री, साउथ सुपरस्टार से की शादी, अब Actress की नई फिल्म के चर्चे
1998 में 'डोली सजा के रखना' से बॉलीवुड में की एंट्री, साउथ सुपरस्टार से की शादी, अब नई फिल्म के चर्चे

इनमें से ज्योतिका ( Jyothika ) की तमिल फिल्म 'पोनमगल वंधल' (धन की देवी का आगमन) का डिजिटल प्रीमियर ( Digital Premiere ) 29 मई को अमेजन प्राइम वीडियो ( Amazon Prime Video ) पर होने वाला है। यह पहली तमिल फिल्म है, जो सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ रही है।

-दिनेश ठाकुर
कोरोना काल में सिनेमा और टीवी का कारोबार भले ठप पड़ा हो, ओवर द टॉप ( OTT ) कंपनियों के अच्छे दिन चल रहे हैं। उनके दर्शकों की गिनती लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई-नई वेब सीरीज के साथ नई फिल्में दिखाने पर फोकस कर रखा है। फिल्मों के प्रसारण अधिकार खरीदने के मामले में उनकी सक्रियता उत्तर से दक्षिण तक कायम है। बॉलीवुड की कुछ बड़ी फिल्मों (गुलाबो-सिताबो, लक्ष्मी बम, शकुंतला देवी) की तरह तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ की कुछ फिल्में उनके हाथ लग चुकी हैं। इनमें से South Actress ज्योतिका की तमिल फिल्म 'पोनमगल वंधल' (धन की देवी का आगमन) का डिजिटल प्रीमियर 29 मई को अमेजन प्राइम वीडियो ( Amazon Prime Video ) पर होने वाला है। यह पहली तमिल फिल्म है, जो सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ रही है। इसको लेकर दक्षिण के फिल्म निर्माताओं और सिनेमाघर मालिकों के बीच वही तनातनी है, जो बॉलीवुड में चल रही है। तमिलनाडु थिएटर एंड मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने फिल्मों का सीधे डिजिटल प्रीमियर करने वाले निर्माताओं पर प्रतिबंध की चेतावनी दी है।

1998 में 'डोली सजा के रखना' से बॉलीवुड में की एंट्री, साउथ सुपरस्टार से की शादी, अब नई फिल्म के चर्चे

बहरहाल, उत्तर भारत के दर्शक ज्योतिका से जरूर परिचित होंगे। वे फिल्म निर्माता चंदर सदाना (चोरी मेरा काम, सौ दिन सास के, औलाद) की बेटी हैं। उन्होंने कॅरियर का आगाज निर्देशक प्रियदर्शन की 'डोली सजाके रखना' ( Doli Saja Ke Rakhna ) (1998) से किया था। पहली फिल्म की नाकामी के कारण बॉलीवुड में उनका सिक्का नही चला तो खुशबू की तरह उन्होंने भी दक्षिण का रुख किया।

1998 में 'डोली सजा के रखना' से बॉलीवुड में की एंट्री, साउथ सुपरस्टार से की शादी, अब नई फिल्म के चर्चे

गौरतलब है कि अस्सी के दशक में अपनी हिन्दी फिल्में पिटने के बाद खुशबू दक्षिण पहुंच गई थीं। वहां वे न सिर्फ कामयाब अभिनेत्री के तौर पर उभरीं, बल्कि उनके नाम पर मंदिर भी बन गए। गोया किस्मत का ताला भी भूगोल के हिसाब से खुलता है। ज्योतिका की किस्मत भी तमिल फिल्मों ने चमकाई। आज उन्हें वहां की व्यस्त नायिकाओं में गिना जाता है। अपनी पहली तमिल फिल्म 'वाली' (1999) के लिए उन्होंने फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। कुछ फिल्मों के लिए वे तमिलनाडु सरकार के अवॉर्ड से भी नवाजी जा चुकी हैं।

तमिल अभिनेता सूर्या के साथ सात फिल्मों में काम करने के बाद ज्योतिका ने उनके साथ सात फेरे ले लिए थे। 'पोनमगल वंधल' के निर्माता सूर्या ही हैं। बदले के जाने-पहचाने फार्मूलों वाली इस फिल्म में ज्योतिका ने वकील का किरदार अदा किया है। पिछले साल आईं ज्योतिका की तीन फिल्मों 'रातचसी', 'थाम्बी' और 'जैकपॉट' में से 'रातचसी' दक्षिण के दर्शकों की कसौटी पर खरी नहीं उतरी थी। इसमें वे हेडमास्टर बनी थीं, जो एक बदहाल सरकारी स्कूल को राज्य के सबसे बेहतर स्कूल में तब्दील कर देती है। फिल्म की कारोबारी नाकामी के कारण दक्षिण भारत में तो इसको लेकर खास हलचल नहीं हुई, लेकिन तमिलनाडु से करीब साढ़े छह हजार किलोमीटर दूर मलेशिया में वहां के शिक्षा मंत्री डॉ. मेजली मलिक ने अपने अफसरों के साथ यह फिल्म देखी और इसकी सामाजिक प्रासंगिकता की तारीफ की। क्या किस्मत की तरह तारीफ के पीछे भी भूगोल का हिसाब-किताब चलता है?