सिंगर ही नहीं Actor भी थे एसपी बालासुब्रमण्यम, इन फिल्मों में छोड़ी अभिनय की छाप

By: पवन राणा
| Published: 25 Sep 2020, 06:38 PM IST
सिंगर ही नहीं Actor भी थे एसपी बालासुब्रमण्यम, इन फिल्मों में छोड़ी अभिनय की छाप
सिंगर ही नहीं Actor भी थे एसपी बालासुब्रमण्यम, इन फिल्मों में छोड़ी अभिनय की छाप

1990 में आई तमिल फिल्म 'केलादी कनमनी' में एसपी बालासुब्रमण्यम ( SP Balasubrahmanyam ) काम नहीं करना चाहते थे। उन्होंने फिल्म के निर्देशक वसंत को कहा भी था कि वह उनके साथ डेब्यू फिल्म न करें। क्योंकि फिल्म के असफल होने से एसपी का कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन निर्देशक के रूप में वसंत की आलोचना की जाती।

मुंबई। संगीत जगत के दिग्गज एसपी बालासुब्रमण्यम ( SP Balasubrahmanyam ) का शुक्रवार दोपहर 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने हिन्दी और साउथ सहित 16 भारतीय भाषाओं में करीब 40000 से ज्यादा गाने गाए। साथ ही कुछ फिल्मों वह एक्टिंग करते भी नजर आए। ऐसे बहुत ही कम सिंगर्स हुए हैं जिन्होंने सिंगिंग के साथ एक्टिंग भी की और अपना एक फैनबेस बनाया।

डेब्यू मूवी से मचाया धमाल
1990 में आई तमिल फिल्म 'केलादी कनमनी' में एसपी बालासुब्रमण्यम काम नहीं करना चाहते थे। उन्होंने फिल्म के निर्देशक वसंत को कहा भी था कि वह उनके साथ डेब्यू फिल्म न करें। क्योंकि फिल्म के असफल होने से एसपी का कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन निर्देशक के रूप में वसंत की आलोचना की जाती। हालांकि वसंत ने एसपी को मना लिया। फिल्म सफल रही। तमिल थिएटर्स में यह मूवी 285 दिनों तक सफलतापूर्वक चली। फिल्म में संगीत इलईराजा ने दिया। इसका संगीत भी बेहद पॉपुलर रहा।

सीबीआइ अफसर
1993 में आई फिल्म 'थिरूडा थिरूडा' में एसपी ने सीबीआइ अफसर लक्ष्मी नारायण का रोल निभाया। मणी रत्नम की इस कॉमेडी फिल्म में एसपी ने कमाल का अभिनय किया। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को सबसे बेहतरीन में से एक माना जाता है।

1994 में रिलीज हुई फिल्म 'कधालन' में एसपी ने पुलिस कांस्टेबल का रोल निभाया। इसमें हीरो के पिता का किरदार निभाकर एसपी ने एक्टिंग में अपनी नेचुरल कला का प्रदर्शन किया।

1996 में आई फिल्म 'उल्लासम' में एसपी ने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया जो अपने बेटे के भविष्य को लेकर इतना चिंतिं रहता है कि उसकी रातों की नींद उड़ी रहती है। यह किरदार 'कलाधन' में निभाए पिता के रोल से एकदम उलट है।

तमिल फिल्म 'आदिमाई पेन्न' में एजजी रामचन्द्रन (एमजीआर) के लिए पी. सुशीला के साथ गाया उनका गाना 'आइराम निलावे वा' उनके कई मशहूर गीतों में से एक है। उनके गाए ऐसे ही कई गाने हैं, जो आज भी श्रोताओं के जेहन में ताजा हैं और हमेशा रहेंगे।

साल 2001 और 2011 में उन्हें पद्मश्री और पद्म भूषण पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के लिए उन्हें छह बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है और इसके अलावा भी उन्होंने कई राज्य स्तरीय पुरस्कार भी हासिल किए।