बांधों में नहीं आया पानी, 38 हजार बीघा भूमि सिंचाई से रहेगी वंचित

बांधों में नहीं आया पानी, 38 हजार बीघा भूमि सिंचाई से रहेगी वंचित

 

By: pawan sharma

Published: 17 Oct 2020, 10:45 AM IST

मालपुरा. उपखण्ड क्षेत्र के सात बांधों से बारिश की अनियमितता से पानी की आवक कम होने हुई है। क्षेत्र के सात बांधों से 64 हजार 740 बीघा में सिंचाई की जाती थी, लेकिन इस बार लगभग 26 हजार 24 बीघा भूमि में ही सिंचाई हो पाएगी, जिसके चलते 38 हजार 716 बीघा भूमि सिंचाई से वंचित रहेगी।


जल संसाधन विभाग के अनुसार उपखण्ड क्षेत्र में गत वर्ष के मुकाबले बरसात का औसत कम रहा है। बरसात के समय में अनियमितता कभी तेज आने व कुछ क्षेत्रों में ही पानी की आवक होने से पानी बांधों में पहुंचने के बजाए अन्यत्र बह गया, जिससे बांधों में पानी की आवक कम हो पाई।


खेत का पानी खेत में चलाई गई योजना के तहत खेतों में बनाए गए फार्म पौण्डों का विस्तार होने से पानी बांधों की तरफ नहीं जा पाया। गत वर्ष उपखण्ड क्षेत्र में 15 अक्टूबर 2019 तक औसत बरसात 751 एमएम दर्ज की गई थी, वही इस वर्ष अब तक 475 एमएम बरसात दर्ज की गई है, जिससे ऐसा लगता है कि उपखण्ड क्षेत्र में गत वर्ष के औसत से कम वर्षा हुई है।


वर्तमान वर्ष में टोरडी सागर बांध में 30 फुट की भराव क्षमता के मुकाबले 22.5 फुट पानी, भैरु सागर चांदसेन बांध में 20 फुट भराव क्षमता के मुकाबले 7.10 फुट पानी, लाम्बाहरिसिंह के राम सागर बांध में 15.6 फुट की भराव क्षमता के मुकाबले 13.5 फुट पानी, गणवर के राम सागर बांध में 11 फुट की भराव क्षमता के मुकाबले 5.11 फुट पानी, किरावल सागर बांध में 15 फुट की भराव क्षमता के मुकाबले 8 फुट पानी, केरवालिया भावलपुर बांध में 8 फुट की भराव क्षमता के मुकाबले 7.9 फुट पानी, हालोलाव कलमंडा बांध मेंं 10 फुट भराव क्षमता के मुकाबले 9.10 फुट पानी की आवक हुई है, जिससे इस वर्ष किसानों को सिंचाई के लिए लगभग 26 हजार 24 बीघा भूमि में ही पानी मिलना सम्भव होगा।


किसानों की परेशानी बढ़ी
उपखण्ड क्षेत्र के टोरडी सागर बांध से 30 फुट के भराव होने पर 9960 हैक्टेयर भूमि मालपुरा, टोडारायसिंह व पीपलू तहसील के 86 गांवों में सिंचाई की जाती थी, लेकिन इस बार बांध में पानी की आवक आधे से भी कम होने के कारण लगभग 4199 हैक्टयर भूमि में ही सिंचाई हो सकेगी।

भैरु सागर चांदसेन बांध से 2 हजार 598 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई होती, लेकिन इस बार लभगर 420 हैक्टेयर भूमि में ही सिंचाई हो पाएगी। गणवर के राम सागर बांध से 466 हैक्टेयर भूमि में से लगभग 128 हैक्टेयर भूमि में, किरावल सागर बांध से 1629 हैक्टेयर भूमि के बजाय 457 हैक्टेयर व केरवालिया भावलपुर बांध में 412 हैक्टेयर भूमि की बजाय 376 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई हो सकेगी। वहीं लाम्बाहरिसिंह के राम सागर बांध के 715 हैक्टेयर भूमि में से 538 हैक्टयर भूमि में सिंचाई हो सकेगी। वहीं हालोलाव कलमंडा में 405 हैैक्टयर में से 388 हैक्टयर भूमि में सिंचाई हो सकेगी।

pawan sharma
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