भारी वाहनों का प्रवेश लोगों के लिए बना जी का जंजाल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

शहर में भारी वाहनों का प्रवेश लोगों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। शहर में झिलाय, जयपुर एवं टोंक रोड से दिनभर भारी वाहन क्षमता से अधिक सामान भरकर गुजरते हैं, जो लोगों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है।

By: pawan sharma

Published: 07 Mar 2020, 01:09 PM IST

निवाई. शहर में भारी वाहनों का प्रवेश लोगों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। शहर में झिलाय, जयपुर एवं टोंक रोड से दिनभर भारी वाहन क्षमता से अधिक सामान भरकर गुजरते हैं, जो लोगों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। उपखंड मुख्यालय पर दिन भर सीमेंट, बजरी, पत्थर, लोहे के सरिया, परचून का सामान सहित तेल मिलो से निकलने वाले भारी वाहनों से न केवल जाम ही लगता है बल्कि दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है।

सबसे अधिक झिलाय रोड पर होकर भारी वाहन दिनभर गुजरते हैं, जिनको यातायात एवं पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर देखते रहते हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पूर्व विधायक डॉ. ग्यारसीलाल परीडवाल ने कई बार भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर उच्चधिकारियों को पत्र लिखने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से भारी वाहन चालकों के हौसले बुलंद है।

इनके प्रवेश से झिलाय रोड, जमात, बस स्टेण्ड सहित कई स्थानों पर दिनभर जाम लग जाता है, जिससे आम दुकानदार, राहगीर, स्कूल की छात्र-छात्राएं, अस्पताल में पहुंचने वाले रोगियों, मंदिर में जाने वाले श्रद्धालु एवं आमजन परेशान है। उसके बावजूद भी पुलिस द्वारा किसी प्रकार की भारी वाहनों का नो एंट्री का बोर्ड तक भी नहीं लगा रखा है। यदि भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


सीएलजी की बैठक में भी उठता है भारी वाहनो के प्रवेश का मुददा
पुलिस थाने पर होने वाली सीएलजी की बैठक में सदस्यों द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर विरोध दर्ज करवाया जाता है, लेकिन उस पर भी कार्रवाई में अमल नहीं लेने से सीएलजी सदस्यों को ठेस पहुंचती है। जबकि सीएलजी की बैठक में सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 8 बजे तक प्रवेश भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर रखा है, लेकिन दिन भर दौडऩे वाले यह भारी वाहनों पर लगाम कसने वाला कोई नहीं है।


दो की मौत के बाद भी नहीं खुली प्रशासन की आंखें
गत माह 12 फरवरी को शहर के झिलाय रोड पर डंफर की टक्कर से मोटरसाइकिल पर सवार रामजस एवं उसकी पुत्री अर्पिता की मौत हो गई थी, जिसको लेकर आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था, जिसको खुलवाने के लिए पुलिस एवं आक्रोशित लोगों में झड़प हो गई थी, जिसके दौरान पुलिस को फायरिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उसके बावजूद भी भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित नहीं है।

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